Right to Repair हुआ इंडिया में लागू, जानें क्या कहता है यह नया कानून और मोबाइल यूजर को कैसे होगा फायदा

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भारत सरकार और कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री (MCA) की ओर से राइट टू रिपेयर इंडिया में लागू कर दिया गया है। इस नए कानून के तहत मोबाइल यूजर अपने फोन को किसी भी थर्ड पार्टी स्टोर पर जाकर रिपेयर करवा सकता है तथा ऐसा करने पर उस प्रोडक्ट की वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नया Right to Repair नियम क्या-क्या कहना है इसकी डिटेल आसान शब्दों में आप आगे पढ़ सकते हैं।

राइट टू रिपेयर कानून क्या कहता है

जब हम कोई नया मोबाइल फोन खरीदते हैं और उसके साथ एक साल या कुछ तय के लिए वारंटी भी साथ ​मिलती है। इस वारंटी के तहत हम अपने प्रोडक्ट में खराबी आने के बाद उसे फ्री में रिपेयर करवा सकते हैं। लेकिन इस रिपेयर सर्विस का फायदा उठाने के लिए हमें वह मोबाइल उसी कंपनी के सर्विस सेंटर पर ले जाना होता है।

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Right to Repair के तहत हमें वारंटी का लाभ पाने के लिए उसी ब्रांड के सर्विस सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह कानून कस्टमर्स को आजादी देता है कि वह अपने मोबाइल फोन को किसी भी थर्ड पार्टी स्टोर यानी अपने एरिया की फोन रिपेयरिंग शॉप या मोबाइल रिटेल स्टोर पर जाकर भी ठीक करवा सकते हैं।

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पहले अगर किसी मोबाइल शॉप पर जाकर फोन को रिपेयर करवा लेते थे तो फोन कंपनी उसकी वारंटी सर्विस रिजेक्ट कर देती थी। लेकिन अब कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के राइट टू रिपेयर फ्रेमवर्क के तहत कहीं बाहरी दुकान पर मोबाइल खुलवाने के बाद भी उसकी वारंटी चालू रहेगी और कंपनी की ओर से वारंटी बेनिफिट मिलते रहेंगे।

इन चार तरह के प्रोडक्ट्स पर मिलेगा ‘राइट टू रिपेयर’ का बेनिफिट

  • मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स
  • ऑटोमोबाइल एक्विपमेंट्स
  • कंज्यूमर ड्यूरेबल्स
  • फार्मिंग एक्विपमेंट्स
  • सरकार की ओर से राइट टू रिपेयर कानून के तहत चार सेक्टर का विभाजन किया गया है और उसी हिसाब से प्रोडक्ट्स को श्रेणीबद्ध किया गया है। इन चारों सेक्टर्स में स्मार्टफोन, फीचर फोन, टैबलेट, हेडफोन, ईयरबड्स और लैपटॉप के साथ ही टीवी, फ्रिज, एसी, वॉशिंग मशीन, मिक्सर-ग्राइंडर, वॉटर प्यूरिफायर, स्मार्ट अप्लाइसेंस, स्कूटर, मोटर साइकिल इत्यादि तथा खेती-बाड़ी में इस्तेमाल होने वाले एक्विमेंट्स भी शामिल रहेंगे।

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    Right to Repair का फायदा क्या है

  • राइट टू रिपेयर अधिकार नया मोबाइल खरीदने के पहले दिन से ही लागू हो जाएगा और तब तक काम चलेगा, जब तक आपका फोन अंडर वारंटी है। इसके लिए कंपनी के ऑफिशियल सर्विस सेंटर में ही जाना जरूरी नहीं।
  • स्क्रीन टूटने जैसी चीजे वारंटी में कवर नहीं होती है। इन्हें सर्विस सेंटर पर रिप्लेस कराना महंगा पड़ता है लेकिन लोकल दुकान काफी सस्ते में लगा देती है। इस स्थिति में आप स्क्रीन बाहर से लगवा सकते हैं और बाकी फायदे कंपनी की वारंटी में ले सकते हैं।
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  • बेशक किसी भी लोकल दुकान पर फोन को खुलवाकर चेक करवाया गया हो, कंपनी को उस डिवाईस पर वारंटी का पूरा फायदा फिर भी देना पड़ेगा।
  • सर्विस सेंटर पर अगर फोन का कोई पार्ट उस वक्त उपलब्ध नहीं है तो कंपनी को रिप्लेस के तौर पर दूसरा फोन देना ही पड़ेगा।
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  • सभी टेक कंपनियों को अपने नए लॉन्च हुए मोबाइल तथा पहले से बाजार में मौजूद फोंस की प्रोडक्ट डिटेल्स सरकारी पोर्टल पर शेयर करनी होगी।
  • प्रोडक्ट्स की डिटेल्स सार्वजनिक होने के चलते उनके पार्ट्स तथा रिपेयर से जुड़ी जानकारी आम आदमी व मोबाइल शॉप वाले की एक्सेस कर सकेंगे। इससे फोन ठीक करना आसान होगा।
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  • इसके अलावा प्रोडक्ट की सर्विस, वारंटी तथा टर्म और कंडीशन की डिटेल्स भी राइट टू रिपेयर पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी।
  • इस फ्रेमवर्क से जुड़ने वाली भी कं​पनियों के कस्टमर केयर नंबर की लिस्ट भी एक ही वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है।
  • ये मोबाइल और एक्सेसरीज़ ब्रांड्स हो चुके हैं पोर्टल पर शामिल

  • Samsung
  • Apple
  • OPPO
  • BOAT
  • HP
  • LG
  • Panasonic
  • उपरोक्त ब्रांड्स भारत सरकार की इस पहल का हिस्सा बन चुके हैं और आने वाले दिनों में अन्य मोबाइल कंपनियां व टेक ब्रांड्स भी राइट टू रिपेयर फ्रेमवर्क में जुड़कर खुद को इन्रोल कर सकते हैं।

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