
OnePlus 13 सीरीज के लॉन्च इवेंट में कंपनी ने एक नई और हाई टेक्नोलॉजी, कटिंग-एज 5.5G टेक्नोलॉजी को पेश किया गया है। यह 5.5G टेक्नोलॉजी को टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो के साथ मिलकर उतारा गया है। इसके अलावा दावा किया जा रहा है कि इस नई टेक्नोलॉजी की मदद से हाई स्पीड इंटरनेट हासिल किया जा सकेगा, जो बाकी स्मार्टफोन में मौजूद नहीं है। ऐसे में आपके मन में भी सवाल उठ रहा होगा कि आखिर 5.5G टेक्नोलॉजी क्या है? आइए आगे आपको इसकी जानकारी देते हैं।
क्या है 5.5G?
- इंडिया में पहली बार OnePlus की ओरे से 5.5G को शोकेस किया गया, जिसके मुताबिक जियो के नॉन 3CC कंपोनेंट कैरियर पर डाउनलिंक स्पीड 277.78 Mbps रही है, जबकि जियो के 3CC कंपोनेंट कैरियर पर डाउनलिंग स्पीड 1Gbps रही है।

- इतना ही नहीं टेलीकॉम कंपनी जियो की वेबसाइट के मुताबिक ट्रू 5G यूजर्स भारत में करीब 1 Gbps स्पीड हासिल कर सकते हैं। इस सर्विस को 5G स्टैंडअलोन आर्किटेक्चर पर लागू किया जा रहा है।
- साथ ही अगर टेक्निकल टर्म में बात करें, तो इस टेक्नोलॉजी में तीन अलग-अलग नेटवर्क सेल का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें एक साथ कई टावर से कनेक्शन किया जा सकता है। इसकी मदद से यूजर्स को फास्ट कनेक्टिविटी और फास्ट इंटरनेट मिलती है।
इसे सिंपल शब्दों में कहें तो यह 5.5G टेक्नोलॉजी 5G का अपग्रेडेड वर्जन है। हालांकि, इसे 5G इंफ्रॉस्ट्रक्चर पर ही बनाया गया है। फिलहाल कई देश इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं।

कमर्शियल 5.5G (5G-Advanced) की शुरुआत Release 18 से हुई। यह Release 15, 16, और 17 पर आधारित है और इसे ‘Advanced’ बिल्ड के पहले स्टेप के रूप में देखा जा रहा है। इसको Release 21 के साथ और भी विकसित किया जाएगा, जिसे 2028 तक आने की उम्मीद है, जैसा कि Ericsson ने बताया है।
ऑपरेटरों ने ग्लोबल लेवल पर 5.5G नेटवर्क का परीक्षण शुरू कर दिया है और 10 Gbps तक की गति के साथ सफल परीक्षणों की घोषणा की है। भारत में, भारती एयरटेल और नोकिया ने नवंबर 2024 में 4G और 5G डिवाइसों की तैनाती के लिए एक बहु-वर्षीय समझौता किया, जो 5G-Advanced की दिशा में एक कदम होगा।









