
गाड़ियों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण को प्रदूषित करता है। यही कारण है कि सरकार ने वाहनों से निकले वाले धुएं के लिए कुछ मानक तय किए हैं ताकि पर्यावरण को अधिक नुकसान न हो। वाहन स्वामियों को नियमित अंतराल के बाद अपनी गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण की जांच करवा कर PUC सर्टिफिकेट (पॉलूशन अंडर कंट्रोल) बनवाना होता है। PUC उन्हीं वाहनों का बनता है जो मानक के अनुसार धुआं छोड़ते हैं। और वाहन स्वामियों को समय पर गाड़ी की सर्विस करवनी होती ताकि उनका PUC आसानी से बन सके।
आजकल गाड़ियों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट एक साल तक वैध होता है। 2017 से पहले रजिस्टर वाहनों के पीयूसी हर तीन महीने में रीन्यू होते हैं। ऐसे में कई बार यह डॉक्यूमेंट हमसे जाने-अनजाने में खो जाता है। अगर आप भी अपनी गाड़ी का पॉलूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट खो चुके हैं तो हम आपको बताएंगे कि आप इसे ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं। आपको इधर उधर के चक्कर लगाने की जरूर नहीं है। इसके लिए आपके पास गाड़ी का चैसिस नंबर होना जरूरी है। यह आपके आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) पर दर्ज होता है। यहां हम आपको स्टेप बाई स्टेप PUC सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
पीयूसी सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड करें
स्टेप 1 : सबसे पहले आपको पीयूसी की ऑफिशियल वेबसाइट ओपन करनी है। आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।
लिंक – https://puc.parivahan.gov.in/puc/views/PucCertificate.xhtml
अब आपको PUC सर्टिफिकेट के ऑप्शन को सलेक्ट करना है।
स्टेप 2 : यहां आपको गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर, चैसिस नंबर के आखिरी 5 कैरेक्टर के साथ कैप्चा कोड भरना है।
इसके बाद नीचे दिए ‘PUC Detail’ पर क्लिक करें। अगले पेज पर आपका पीयूसी सर्टिफिकेट ओपन हो जाएगा। इसे डाउनलोड कर अपने फोन में सेव कर लें और प्रिंट इसका प्रिंट आउट भी अपने पास रख लें। ऑनलाइन पोर्टल से पॉलूशन सर्टिफिकेट डाउनलोड करने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि उसकी लास्ट डेट क्या है। अगर पीयूसी एक्सपायर हो गया है तो तुरंत नजदीक के टेस्टिंग सेंटर पर जाएं और नया पॉलूशन सर्टिफिकेट बनवा लें।
क्या है PUC (पॉलूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट?
जैसा कि हमें मालूम है पेट्रोल और डीजल गाड़ियों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण को प्रदूषित करता है। इसे कंट्रोल करने के लिए परिवहन मंत्रालय ने जगह-जगह पॉलूशन टेस्टिंग सेंटर ओपन किए हैं, जहां गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को टेस्ट कर पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।
पॉलुशन सर्टिफिकेट उन्हीं गाड़ियों के लिए जारी किया जाता है जो मानक के अनुरूप धुआं छोड़ते हैं। अगर टेस्टिंग सेंटर में किसी गाड़ी का पीयूसी नहीं बनता है तो वे गाड़ी की सर्विसिंग कर फिर से पीयूसी बनवा सकते हैं।
नोट : भारत में सड़कों पर चलने वाली सभी गाड़ियों के पास मान्य पीयूसी सर्टिफिकेट होना आवश्यक है। बिना पॉलूशन सर्टिकेट के वाहन चालने पर चालान हो सकता है।




















