
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोटों को बंद किया जाना भारत के भविष्य निर्माण की राह में एक बड़ा कदम माना गया है। करंसी के दो बड़े नोटों का अमान्य हो जाना भारतीय अर्थव्यवस्था में अचानक ही बड़ा बदलाव ले आया है। हालांकि यही दो नोट देश की कुल करेंसी के 86 फीसदी थे। ऐसे में प्रधानमंत्री के इस फैसले के बाद तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है।
एक ओर जहां इस फैसले के बाद मोदी विपक्ष के निशाने पर हैं। वहीं आम जनता भी तरह-तरह की परेशानियां उठाने से पस्त नज़र आ रही है। तमाम आरोप-प्रत्यारोपों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के फैसले पर जनता की राय जानने की पहल की है। मोदी ने एक ऐप के जरिये लोगों की प्रतिक्रियाएं मांगी है। इस ऐप को आप भी डाउनलोड कर अपनी राय दे सकते हैं। सर्वे में भाग लेने के लिए यहां क्लिक करें।
इसके लिए नरेन्द्र मोदी ऐप पर ‘जन-जन की बात’ शीर्षक के साथ दस सवाल पूछे जा रहे हैं :
I want your first-hand view on the decision taken regarding currency notes. Take part in the survey on the NM App. https://t.co/TYuxNNJfIf pic.twitter.com/mWv2frGn3R
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2016
1. नोट बैन पर सरकार के फैसले पर आप क्या सोचते हैं ?
2. क्या आपको लगता है कि भारत में कालाधन है ?
3. क्या आपको लगता है कि भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ना चाहिए ?
4. भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के प्रयास पर क्या सोचते हैं ?
5. नोटबंदी के फैसले पर आप क्या सोचते हैं ?
6. क्या नोटबैन से आतंक पर लगाम लगेगी, नोटबंदी से भ्रष्टाचार, कालाधन और आतंक रुकेगा ?
7. नोटबंदी के फैसले से उच्च शिक्षा, रियल स्टेट आम आदमी तक पहुंच सकेगी ?
8. नोटबंदी पर असुविधा को कितना महसूस किया ?
9. भ्रष्टाचार के विरोधी अब इसके समर्थन में लड़ रहे हैं ?
10. क्या आप कोई सुझाव शेयर करना चाहते हैं ?
इस सर्वे के पीछे पीएम मोदी का मकसद नोटबंदी पर लोगों की सोच तथा इससे पैदा हो रही परेशानियों को जानना है। इसके साथ ही मोदी ने लोगों से देशहित में सलाह भी मांगी है। आपको बता दें की प्रधानमंत्री के इस आमंत्रण के बाद इतने लोगों ने ऐप पर खुद को रजिस्टर्ड कर सर्वे में हिस्सा लिया कि ऐप का सर्वर तक डाउन हो गया।


















