
Update: अभी तक चर्चा थी कि सरकार UPI पेमेंट पर चार्ज लगा सकती है, लेकिन अब नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया पर इन खबरों का खंडन कर दिया है। NPCI ने कहा- UPI लेनदेन पहले की तरह कस्टमर्स और मर्चेंट के लिए मुफ्त बना रहेगा। लेकिन, पीपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए 1.1 प्रतिशत शुल्क देना होगा।
UPI से पमेंट करना अगले माह से आपको महंगा पड़ सकता है। दरअसल, एनपीसीआई ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें अप्रैल से यूपीआई से होने वाले मर्चेट पेमेंट पर पीपीआई चार्ज लगाने की सिफारिश की है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक यूपीआई पेमेंट सिस्टम इस सुझाव के बाद 2000 रुपए से अधिक लेन-देन पर पीपीआई फीस यानी एक्सट्रा चार्ज लगाने की तैयारी की जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो 2000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 1.1 प्रतिशत का चार्ज लग सकता है।
70 फीसदी ट्रांजैक्शन 2 हजार से ऊपर
आपको जानकर हैरानी होगी कि यूपीआई से होने वाले ट्रांजैक्शन का 70 फीसदी ट्रांजैक्शन 2 हजार रुपये से अधिक वैल्यू की होती है। लेकिन, ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये फीस बैंक अकाउंट और पीपीआई वॉलेट के बीच होने वाले पीयर टू पीयर (P2P) और पीयर टू मर्चेंट (P2M) लेनदेन पर लागू नहीं होगी। आसान शब्दों में कहें तो ग्राहकों द्वारा की जाने वाली पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।
पेटीएम ने ट्विट कर ग्राहकों को दी अच्छी खबर
Regarding NPCI circular on interchange fees & wallet interoperability, no customer will pay any charges on making payments from #UPI either from bank account or PPI/Paytm Wallet. Please do not spread misinformation. #Mobile payments will continue to drive our economy forward!
— Paytm Payments Bank (@PaytmBank) March 29, 2023
पेटीएम ने ट्विट कर कहा कि कोई भी ग्राहक बैंक खाते या पीपीआई/पेटीएम वॉलेट से बिना किसी एक्सट्रा चार्ज के यूपीआई से भुगतान कर सकताहै। कृपया गलत सूचना ना फैलाएं। वहीं, माना जा रहा है कि नया इंटरचेंज स्ट्रक्चर पेटीएम, फोनपे और गूगल पे जैसे UPI ऐप को बड़ी राहत देगा जो कि डिजिटल पेमेंट में बड़ा योगदान देने के बाद भी ये कंपनियां रेवेन्यू बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
0.5% से 1.1 प्रतिशत तक लगेगा चार्ज
रिपोर्ट के एक्सट्रा चार्ज की मैक्सम लिमिट 1.1% निर्धारित की गई है। वहीं, 2,000 रुपये से ऊपर के प्रत्येक लेनदेन पर समान प्रतिशत शुल्क नहीं लिया जाएगा। इंटरचेंज की शुरूआत 0.5% से 1.1 प्रतिशत के अंदर होगी। उदाहरण के लिए, यूजर अगर पेट्रोल-डीजर लेता है तो यूपीआई लेनदेन के लिए 0.5 प्रतिशत, दूरसंचार,डाकघर, शिक्षा और कृषि के लिए 0.7 प्रतिशत, सुपरमार्केट के लिए 0.9 प्रतिशत और म्यूचुअल फंड, सरकार, बीमा और रेलवे के लिए 1 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा।









