Google Maps इस्तेमाल करते हैं? ड्राइविंग से पहले जरूर ऑन कर लें ये सेटिंग्स

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आज के समय में गूगल मैप्स (Google Maps) सिर्फ रास्ता बताने वाला ऐप नहीं रहा है, बल्कि हर ड्राइवर का भरोसेमंद साथी बन चुका है। चाहे नई जगह पर जाना हो, रोड ट्रिप प्लान करनी हो या रोजाना ऑफिस का रास्ता तय करना हो, ज्यादातर लोग Google Maps पर ही निर्भर रहते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ऐप की डिफॉल्ट सेटिंग्स हर स्थिति के लिए सही नहीं होती है। कुछ छोटे बदलाव आपकी ड्राइव को ज्यादा आसान, सुरक्षित और तनावमुक्त बना सकते हैं। अगर आपने नया Android फोन खरीदा है, किसी दूसरे का फोन इस्तेमाल कर रहे हैं या लंबी यात्रा पर निकलने वाले हैं, तो Google Maps की कुछ जरूरी सेटिंग्स पहले ही बदल लेना बेहतर होता है। आइए जानते हैं कौन-सी सेटिंग्स आपकी अगली ड्राइव को बेहतर बना सकती हैं।

गूगल मैप्स (Google Maps) इंटरनेट के साथ सबसे अच्छा काम करता है, लेकिन हर जगह मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध हो, ऐसा जरूरी नहीं है। पहाड़ी इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों, जंगलों या लंबी हाईवे ड्राइव के दौरान कई बार नेटवर्क पूरी तरह गायब हो जाता है। ऐसे में ने

ऑफलाइन मैप पहले से डाउनलोड कर लें

विगेशन भी रुक सकता है। इस परेशानी से बचने के लिए यात्रा शुरू करने से पहले उस इलाके का Offline Map डाउनलोड कर लें, जहां आपको जाना है। इससे इंटरनेट बंद होने पर भी Google Maps आपको टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन देता रहेगा।

ऑफलाइन मैप डाउनलोड करने के लिए Google Maps ऐप ओपन करें। अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें और सेटिंग्स में Offline Maps विकल्प में जाकर अपनी मंजिल वाला क्षेत्र डाउनलोड कर लें। यह छोटा-सा कदम लंबी यात्रा में काफी मददगार साबित हो सकता है।

रूट ऑप्शन अपनी जरूरत के हिसाब से सेट करें

हर ड्राइव एक जैसी नहीं होती है। कभी आप टोल रोड से बचना चाहते हैं तो कभी सबसे तेज रास्ता चुनना जरूरी होता है। Google Maps में Route Options के जरिए आप Toll Roads, Highways और Ferries को अपनी जरूरत के अनुसार ऑन या ऑफ कर सकते हैं। इसे आप सेटिंग्स में नेविगेशन में जाकर ऑन कर सकते हैं।

अगर आप किसी नए शहर या रेंटल कार से सफर कर रहे हैं, तो टोल रोड से बचना बेहतर हो सकता है, क्योंकि कई जगह टोल का भुगतान अलग तरीके से होता है और अतिरिक्त चार्ज भी लग सकता है। वहीं अगर आप रोजाना उसी रास्ते से आते-जाते हैं और टोल देने में कोई परेशानी नहीं है, तो समय बचाने के लिए इसे चालू रखा जा सकता है। हर लंबी यात्रा से पहले इन सेटिंग्स को एक बार जरूर जांच लेना चाहिए।

स्पीडोमीटर और स्पीड लिमिट ऑन करें

Google Maps में एक बेहद उपयोगी फीचर मिलता है, जो आपकी मौजूदा स्पीड के साथ सड़क की स्पीड लिमिट भी स्क्रीन पर दिखाता है। यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो नई जगहों पर ड्राइव करते हैं। कई बार अचानक स्कूल जोन, कंस्ट्रक्शन एरिया या शहर की सीमा आने पर स्पीड लिमिट बदल जाती है। स्क्रीन पर स्पीड लिमिट दिखाई देने से समय रहते स्पीड कम की जा सकती है और चालान से भी बचा जा सकता है।

इसे चालू करने के लिए Google Maps की Navigation Settings में जाकर Speedometer और Speed Limits विकल्प को ऑन करें।

Voice Guidance की आवाज तेज कर दें

गूगल मैप्स की डिफॉल्ट Voice Guidance अक्सर Normal पर सेट रहती है, लेकिन ड्राइविंग के दौरान म्यूजिक, एयर कंडीशनर या सड़क के शोर की वजह से कई बार नेविगेशन की आवाज साफ सुनाई नहीं देती है और जरूरी मोड़ छूट सकता है।

इसलिए Navigation Settings में जाकर Voice Guidance Volume को Louder पर सेट करना बेहतर रहता है। इससे हर दिशा-निर्देश साफ सुनाई देता है और बार-बार स्क्रीन देखने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। यह छोटा-सा बदलाव लंबी ड्राइव के दौरान काफी तनाव कम कर सकता है।

Timeline और Location History की जांच करें

गूगल मैप्स का Timeline फीचर आपकी हर यात्रा और लोकेशन का रिकॉर्ड सेव करता रहता है। कई लोगों के लिए यह उपयोगी हो सकता है, लेकिन अगर आप अपनी लोकेशन हिस्ट्री सेव नहीं रखना चाहते हैं या फोन किसी दूसरे व्यक्ति को देने वाले हैं, तो इसे बंद करना बेहतर रहेगा।

Google Account की Location Settings में जाकर आप Timeline को पूरी तरह बंद कर सकते हैं या Auto Delete का विकल्प चुन सकते हैं, जिससे कुछ समय बाद पुरानी लोकेशन हिस्ट्री अपने आप हट जाएगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि Location History बंद करने से नेविगेशन पर कोई असर नहीं पड़ता है। केवल आपकी यात्रा का रिकॉर्ड सेव होना बंद हो जाता है।

देखा जाए, तो Google Maps डिफॉल्ट सेटिंग्स के साथ भी अच्छी तरह काम करता है, लेकिन हर यात्रा अलग होती है। अगर आप किसी नए शहर में जा रहे हैं, रोड ट्रिप पर निकल रहे हैं, नया फोन इस्तेमाल कर रहे हैं या परिवार के किसी सदस्य के लिए फोन सेट कर रहे हैं, तो ये छोटी-छोटी सेटिंग्स भविष्य की बड़ी परेशानियों से बचा सकती हैं।

ऑफलाइन मैप नेटवर्क खत्म होने पर भी रास्ता दिखाता है, सही रूट सेटिंग समय और पैसे दोनों बचाती है, स्पीड लिमिट फीचर सुरक्षित ड्राइविंग में मदद करता है, तेज Voice Guidance रास्ता नहीं भटकने देती और Timeline सेटिंग आपकी प्राइवेसी को बेहतर बनाती है। सिर्फ एक मिनट का यह छोटा-सा सेटअप आपकी पूरी यात्रा को ज्यादा आसान, सुरक्षित और तनावमुक्त बना सकता है। इसलिए अगली बार ड्राइव शुरू करने से पहले Google Maps की इन सेटिंग्स पर एक नजर जरूर डालें।

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