
कोरोना वायरस महामारी से पहले ही देश में ऑनलाइन शॉपिंग काफी बड़ा ट्रेंड बन चुका है। इसी को देखते हुए साल 2020 में इंडिया के ऑनलाइन स्मार्टफोन मार्केट में 45 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई है। दरअसल, एक नई रिपोर्ट के अनुसार ई-कॉमर्स कंपनी फ़्लिपकार्ट पर ऑनलाइन स्मार्टफोन बाजार 2020 में 45 प्रतिशत पर पहुंच गई और महामारी के समय सात प्रतिशत (ऑन-ईयर) की वृद्धि दर्ज की गई। फ्लिपकार्ट 48 फीसदी शेयर के साथ शीर्ष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना रहा, इसके बाद अमेजन ने 44 फीसदी शेयर हासिल किए। काउंटरपॉइंट रिसर्च ने शुक्रवार को इस रिपोर्ट को शेयर किया है।
वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले फ्लिपकार्ट ने 2020 में भारत के ऑनलाइन स्मार्टफोन बाजार में शीर्ष स्थान हासिल किया है। कंपनी महामारी के दौरान ऑनलाइन स्मार्टफोन शिपमेंट में 48 प्रतिशत बाजार पर कब्जा करने में सक्षम रही, जबकि रियलमी और पोको फ्लिपकार्ट पर बेचे गए 50 प्रतिशत से अधिक शीर्ष स्मार्टफोन ब्रांड थे।

Xiaomi रही पहली पोजिशन पर
अमेजन पर Redmi Note 8 सीरीज और Redmi 8 सीरीज के शानदार शिपमेंट के कारण Xiaomi टॉप ऑनलाइन स्मार्टफोन ब्रांड के रूप में उभरा। Xiaomi Redmi 8A Dual 2020 में शीर्ष ऑनलाइन स्मार्टफोन मॉडल था। वहीं, 19 प्रतिशत के साथ, सैमसंग ने ऑनलाइन स्मार्टफोन बाजार में दूसरा स्थान हासिल किया। सैमसंग ने अमेजन पर एक तिहाई से अधिक शिपमेंट पर कब्जा किया।

Realme ने भी अपनी बाजार हिस्सेदारी 19 प्रतिशत तक बढ़ा दी थी जबकि वीवो ने चौथे स्थान पर कब्जा किया और OnePlus ने ऑनलाइन स्मार्टफोन बाजार में पांचवीं रैंक हासिल की थी।
एप्पल का योगदान
प्रीमियम ऑनलाइन स्मार्टफोन बाजार ने इन रणनीतियों के कारण 22 प्रतिशत (ऑन-ईयर) वृद्धि दर्ज की। Apple, OnePlus और Samsung ने इस सेगमेंट में लगभग 90 प्रतिशत शिपमेंट में योगदान दिया।

ऑफलाइन बाजार में लौटेगी रौनक
इसके अलावा, कई ब्रांड ऑफ़लाइन बाजार में अपनी पहुंच को और बढ़ाने की कोशिश करे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार के आने वाले समय में ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स पर भी जल्द रौनक लौटने वाली है। कोविड-19 के कारण ऑफलाइन बाजार को ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
ऑफलाइन रिटेलर्स स्मार्टफोम कंपनियों से नाराज
ऑफलाइन रिटेलर्स एक बार फिर स्मार्टफोन कंपनियों से नाराज हैं। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि चाइनीज कंपनियों रियलमी और शाओमी के अलावा साउथ कोरिया की कंपनी सैमसंग भी ऑनलाइन पर फोकस कर रही है और अपने ऑफलाइन पार्टनर्स को अनदेखा कर रही हैं।





















