
बच्चों को स्मार्टफोन देते वक्त किसी को कॉल लग जाने या फिर जरूरी डाटा, फाइल्स, फोटोज़ व कॉन्टेक्ट इत्यादि डिलीट हो जाने का डर बना रहता है। लेकिन बच्चे मोबाइल देखते ही उसमें गेम खेलने और वीडियो देखने की जिद्द करने लग जाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो फोन में मौजूद Parental Control बेहद काम आ सकता है। पैरेंटल कंट्रोल क्या है, यह कैसे काम करता है और इसके फायदे क्या है ये सभी डिटेल्स आप आगे पढ़ सकते हैं।
क्या है Parental Control?
आसान शब्दों में समझाएं तो पैरेंटल कंट्रोल एक ऐसी सेटिंग है जिसके जरिये कोई भी स्मार्टफोन यूजर यह तय कर सकता है कि, जिसे वह अपना फोन देने वाला है वह व्यक्ति मोबाइल में किन चीजों का यूज़ कर सकता है और किन चीजों का नहीं। मोबाइल यूजर अपने फोन में मौजूद ऐप्स व डॉक्यूमेंट पर ऐसा ताला लगा सकता है जिसे न तो दूसरा व्यक्ति देख सकता है और न ही उसे खोल सकता है।

Parental Control को स्मार्टफोंस में डाले जाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि अगर आप अपने बच्चों को मोबाइल फोन यूज़ करने के लिए दे रहे हैं तो आप पहले से ही चुन सकते हैं कि आपके बच्चे फोन में किन ऐप्स इत्यादि का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह बच्चों को स्मार्टफोन यूज़ करने की उतनी ही छूट देता है जितनी की आप चाहते हैं।
पैरेंटल कंट्रोल फीचर के जरिये बच्चों को ऐप्स से तो दूर रखा ही जा सकता है वहीं साथ ही यह भी तय किया जा सकता है कि इंटरनेट पर ब्राउजिंग करते समय किस तरह की वेबसाइट्स सामने नहीं आनी चाहिए। इसी तरह किन फोटोज़, वीडियोज़ व ऐप्स को फोन में डाउनलोड होने देना है और किन्हें नहीं यह भी Parental Control में आता है।
Parental Control स्मार्टफोन में कैसे एक्टिव करें?
स्टेप 1. सबसे पहले अपने स्मार्टफोन की Settings में जाएं।
स्टेप 2. यहां नीचे स्क्रॉल करने पर आपको Parental Controls का ऑप्शन मिलेगा। इसके अलावा डायरेक्ट सर्च भी कर सकते हैं।
स्टेप 3. Set up Parental Controls पर क्लिक करें।
स्टेप 4. यहां आपके बच्चे का नया अकाउंट बनाने के लिए कहा जाएगा, या तो नया अकाउंट बना लीजिए और पहले से जीमेल अकाउंट बना है तो उसे डाल दीजिए।
स्टेप 5. अकाउंट डिटेल्स डालने के बाद फोन का पासवर्ड पूछा जाएगा, इसे डालकर बच्चे को स्पेसिफिक यूजर बना दीजिए।
पैरेंटल कंट्रोल का यूज़
Parental Control के जरिये चाइल्ड प्रोफाइल एक्टिव करने के बाद लिस्ट खुलकर सामने जाएगी जिसमें फोन में मौजूद सभी ऐप्स शामिल होगी। इस सूची में से आप चुन सकेंगे कि किस ऐप का एक्सेस चाइल्ड यूजर को देना है और किस ऐप का एक्सेस नहीं देना है।
ऐप एक्सेस के साथ ही यहां Sceen Time सेट करने का ऑप्शन भी मिलता है। इस फीचर में मोबाइल यूजर तय सकता है कि उसके फोन में मौजूद किसी ऐप या गेम को चाइल्ड यानी सेकेंडरी यूजर कितनी देर तक चला सकता है। इसमें मिनट या घंटे फिक्स किया जा सकता है।
पैरेंटल कंट्रोल्स सेटिंग में इंटरनेट एक्सेस कंट्रोल का ऑप्शन भी दिया जाता है। इस विकल्प के जरिये इंटरनेट ब्राउजिंग में होने वाली एक्टिविटी को नियंत्रित किया जा सकता है।
Parental Control के फायदे
1. बच्चे द्वारा यूज़ किए जा रहे स्मार्टफोन पूरी तरह से मॉनिटर किया जा सकता है।
2. इंटरनेट पर क्या सर्च हो रहा है, उसे ट्रैक कर सकते हैं तथा साथ ही अनुपयुक्त कंटेंट को ब्लॉक किया जा सकता है।
3. इंटरनेट डाटा यूज़ किए जाने का समय पहले से ही शेड्यूल किया जा सकता है।
4. किस तरह से गेम फोन में खेल जा सकते हैं उनकी लिमिट के साथ ही अवांछित गेम भी ब्लॉक किए जा सकते हैं।
5. बच्चा अगर घर से बाहर जा रहा है तो उसकी रियल टाईम लोकेशन ट्रैक की जा सकती है।



















