कैसा होना चाहिए देश का BSNL? इन 5 चीजों में हो सुधार तो, बदल जाए कंपनी की सूरत!

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BSNL जिसे हिंदी में भारत संचार निगम लिमिटेड भी कहा जाता है, देश की एकमात्र सरकारी टेलीकॉम कंपनी है जिसका नेटवर्क पूरे राष्ट्र में फैला है। पिछले कुछ महीनों में बीएसएनएल की डिमांड में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। Reliance Jio, Airtel और Vi जैसी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों द्वारा mobile recharge plan की कीमत बढ़ा देता इस मांग की बड़ी वजह रही है। निजी कंपनियों की मनमानी से परेशान मोबाइल यूजर्स ने कम महंगे ऑप्शन की चाह में बीएसएनएल को चुना है। TRAI के आकंड़ों में भी देखा गया है कि बीएसएनएल के उपभोक्ता आधार में बढ़ोतरी हुई है। मोबाइल यूजर BSNL से जुड़ना तो चाह रहे हैं लेकिन कई कारणों की वजह से BSNL SIM खरीदने में हिचक रहे हैं। आज कंपनी तथा बीएसएनएल सर्विस के जुड़ें कुछ प्वाइंट्स पर अवलोकन करते हुए हमनें जाना है कि मोबाइल यूजर्स के हिसाब से कैसा होना चाहिए देश का BSNL?

नेटवर्क कवरेज हो बेहतर

Jio, Airtel या फिर Vi के फोन नंबर यूज़ करने वाले कई लोग BSNL Sim खरीदना चाहते हैं लेकिन उनका कहना है कि उनके एरिया में bsnl signal बेहद कम आते हैं। इस ​तरह की शिकायत हमें अधिकतर ग्रामीण ईलाकों में सुनने को मिली है। गांव व दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाले कई मोबाइल यूजर्स ने कहा है कि उनके पास बीएसएनएल नंबर तो है लेकिन उसमें नेटवर्क बेहद वीक रहते हैं। फोन में सिग्नल डाउन रहते हैं और इस वजह कॉल मिलाने व रिसीव करने में दिक्कत होती है तथा ठीक से बात नहीं हो पाती है।

Pic credit – Indianexpress

इंटरनेट स्पीड हो फास्ट

कमजोर नेटवर्क सिग्नल के साथ ही बीएसएनएल नंबरों पर इंटरनेट स्पीड भी धीमी मिल रही है। कई क्षेत्रों में रह रहे बीएसएनएल यूजर्स का कहना है कि उन्होंने अपने जियो, एयरटेल तथा वोडाफोन आइडिया नंबर को बीएसएनएल में पोर्ट तो करवा लिया है लेकिन अब उस बीएसएनएल नंबर पर इंटरनेट बेहद ही स्लो चल रहा है। हालांकि BSNL 4G Services अगस्त महीने में पूरे देश में शुरू होगी लेकिन मौजूदा 3जी स्पीड को लेकर भी यूजर शिकायतें कर रहे हैं। वहीं लेटेस्ट ट्राई रिपोर्ट के अनुसार भी चारों टेलीकॉम कंपनियों में औसत डाउनलोड स्पीड के मामले में बीएसएनएल आखिरी पायदान पर आती है।

आफ्टर सर्विस में हो सुधार

कमजोर नेटवर्क कवरेज तथा स्लो इंटरनेट के साथ ही बीएसएनएल यूजर्स की सबसे बड़ी शिकायत यह भी है कि इस कंपनी की सर्विस बेहद ज्यादा खराब है। देश के ग्रामीण ईलाकों में बिजली की समस्या अक्सर बनी रहती है और वहां लाइट जाने पर बीएसएनएल मोबाइल टॉवर भी काम करना बंद कर देते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं लोगों का कहना है कि यदि कंपनी द्वारा लगाए गए खंबे, तार व अन्य उपकरणों में खराबी आ जाती है तो उनकी रिपेयरिंग समय पर नहीं की जाती है।

लापरवाह कर्मचारियों की हो खींचाई

बीएसएनएल कंपनी की आफ्टर सर्विस में खामी की मुख्य वजह कंपनी के सुस्त कर्मचारी और उनका ढीला तथा लापरवाह रवैया है। लोगों की शिकायत है कि किसी तरह की कोई समस्या आने पर बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कंपनी कर्मचारियों की ओर से तुरंत कार्यवाही नहीं की जा जाती है। इसे सरकारी कार्यप्रणाली कहें या फिर सरकारी बाबुओं के काम करने का तरीका, लेकिन एक ओर जहां Jio, Airtel और Vi अपने कस्टमर्स की प्रॉब्लम का जल्द से जल्द निपटारा करती है वहीं BSNL को अभी अपने कार्य करने के तरीके में बदलाव लाने की जरूरत है।

सरकार करे सपोर्ट

जैसा कि हमने उपर बताया तकरीबन पिछले 6-7 महीनें बीएसएनएल के लिए बेहद बेहतरीन रहे हैं। पुरानी याद बनने के ​कगार पर पहुंची यह टेलीकॉम कंपनी फिर से खबरों और सुर्खियों में छाने लगी और मोबाइल यूजर्स भी BSNL में दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। हालांकि यह सब Jio, Airtel और Vodafone Idea जैसी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों द्वारा रिचार्ज प्लान्स महंगे करने की वजह से हुआ है लेकिन देखा जाए तो यही सही समय है जब भारत सरकार को इस अवसर को भुनाना चाहिए। जब देश की जनता बीएसएनएल को अपनाना चाह रही है तो सरकार को भी आगे बढ़कर ऐसी पॉलिसी लानी चाहिए जो मोबाइल यूजर्स के हित में तो ही तथा साथ ही BSNL कंपनी की प्रगति और उत्थान के लिए भी काम करें।