5G के लिए अभी इंडियंस को करना होगा और इंतजार, जानें वजह

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दूरसंचार विभाग (DoT) ने हाल ही में कहा था कि भारत में 5G परीक्षणों के लिए मंजूरी दे दी गई है और दूरसंचार कंपनियों को परीक्षणों के लिए 5G स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा। हालांकि, एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि DoT मौजूदा टेल्को के साथ पैसे की कमी के कारण इस वित्तीय वर्ष में 5G एयरवेव के लिए नीलामी आयोजित करने के पक्ष में नहीं है। इसका मतलब है कि बैंड की सार्वजनिक नीलामी अप्रैल 2022 के कुछ समय बाद होगी, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि 5जी कनेक्टिविटी का कमर्शियल रोलआउट उस वर्ष या 2023 में होगा। हालांकि, यह खबर उन भारतीय ग्राहकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है जो जल्द ही इंडिया में 5G आने का इंतजार कर रहे थे।

टेलीकॉम इंडस्ट्री में पैसे की कमी

द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार दूरसंचार कंपनियां कमर्शियल 5G सेवाओं के लिए मिड-बैंड स्पेक्ट्रम की बिक्री के लिए DoT का इंतजार कर रही हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 3.2GHz और 3.6GHz स्पेक्ट्रम दोनों में उपयुक्त 5G कनेक्टिविटी के लिए कवरेज और क्षमता है, और टेलीकॉम कंपनियां इसके लिए इंतजार कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: क्या सच में 5G से हो रही है ऑक्सीजन की कमी? रेडिएशन घोल रही है हवा में ज़हर, जानें पूरी सच्चाई

हालांकि, अधिकारी ने हिंट दिया है कि शायद टेलिकॉम कंपनियों के पास इन नए स्पेक्ट्रम को खरीदने के लिए धन नहीं है। ‘अगर वे (telcos) हमें नोटिस देते हैं कि वे मार्च में नीलामी में खरीदे गए स्पेक्ट्रम का उपयोग करना चाहते हैं, तो अगले छह महीने में वे कमर्शियल सेवाओं को लॉन्च कर सकते हैं। लेकिन, यह सोचने वाली बात है कि कोई भी दूरसंचार कंपनी 5G के लिए उप-गीगाहर्ट्ज़ बैंड का उपयोग क्यों करना चाहेगी। यह न तो उन्हें कवरेज देगा और न ही सिग्नल की गुणवत्ता।’

5G के ट्रायल को मिली मंजूरी

हाल ही में दूरसंचार विभाग (DoT) ने 5जी के ट्रायल की मंजूरी दे दी थी। दूरसंचार कंपनियों को 5जी ट्रायल के लिए इस सप्ताह 5जी स्पेट्रम उपलब्ध कराया जाएगा। डीओटी की ओर से मंजूरी मिलने के बाद भारती एयरटेल, रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया इंडिया लिमिटेड और एमटीएनएल अपने स्पेक्ट्रम और ऐसेट्स के अनुसार 5जी ट्रायल शुरू कर सकती हैं। इसे भी पढ़ें: सस्ता 5G Phone ले रहे हैं तो इन 5 बातों का जरूर रखें ख्याल

5G ट्रायल से चीनी कंपनियां आउट

दूरसंचार विभाग ने कहा है कि टेलीकॉम कंपनियों को ना सिर्फ शहरों बल्कि गांव और कस्बाई इलाकों में भी 5जी मोबाइल नेटवर्क का ट्रायल करना होगा। वहीं, इस मामले में चीनी कंपनियों जेडटीई और हुआवे को 5जी ट्रायल से भी बाहर रख गया है। दूरसंचार विभाग ने कहा है कि भारतीय परिप्रेक्ष्य में ही 5जी स्पेक्ट्रम का ट्रायल किया जाएगा।

कौनसी कंपनियां कर रही हैं 5G का ट्रायल?

भारत में 5जी के ट्रायल के लिए भारती एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया और एमटीएनएल ने आवेदन किया है। इन कंपनियों ने 5जी उपकरण के लिए एरिक्सन, नोकिया, सैमसंग और सी-डॉट जैसी कंपनियों के साथ टाई-अप किया है।