खुशखबरी: Jio, Airtel और Vodafone समेत दूसरी कंपनियां जल्द बढ़ा सकती हैं प्रीपेड रिचार्ज की वैलिडिटी

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कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पूरे इंडिया में 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है। यह लॉकडाउम 14 अप्रैल तक के लिए लगाया गया है। वहीं, इसी को देखते हुए टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सभी टेलिकॉम कंपनियों से अपने प्रीपेड रिचार्ज की वैलिडिटी बढ़ाने के लिए कहा है। इससे ट्राई का उद्देशय है कि वह घरों में रह रहे लोगों को बेहतर टेलीकॉम सर्विस उपलब्ध करा सके।

दरअसल, ट्राई ने रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को अपने प्रीपेड पैक की वैधता बढ़ाने के लिए कहा है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस बात की जानकारी सामने आई है। ईटी को एक लेटर मिली है, जिसमें ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को इस स्टेप को उठाने के लिए कहा है। इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन के बाद 70 प्रतिशत तक बढ़ा इंटरनेट का यूज़, स्पीड में आ रही 30 प्रतिशत तक की कमी

लेटर में ट्राई ने साफ तौर पर लिखा है कि सभी प्रीपेड सब्सक्राइबर्स का वैलिडिटी पीरियड भी बढ़ाएं, जिससे लॉकडाउन के बीच यूजर्स को किसी प्रकार की परेशानी न आए। ट्राई ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि टेलिकम्युनिकेशन सर्विसेज को आवश्यक सेवाओ में गिना जाता है और इसलिए इन्हें बंद नहीं किया गया है।

गौरतलब है कि ऑफिशियल तौर पर ट्राई या किसी भी टेलीकॉम कंपनी ने इस बात की जानकारी नहीं दी है। लेकिन, हाल ही में वोडाफोन ने अपने 95 रुपए वाले पैक की वैधता में बढ़ौतरी की है। लेकिन, इस प्लान की बढ़ौतरी को लेकर फिलहाल साफ नहीं है कि यह ट्राई के आदेश के बाद किया गया है या पहले। इसे भी पढ़ें: Jio यूजर्स को एक और झटका: अकाउंट से गायब हुआ 50 रुपये का कैशबैक वाउचर

बता दें कि वोडाफोन ने 95 रुपये वाले प्लान में की वैधता को बढ़ाकर 56 दिन की वैलिडिटी कर दी है। इससे पहले इसकी वैधता 28 दिन की थी। वहीं, इस प्लान में 74 रुपए का टॉक टाइम मिलता है। प्लान में कॉलिंग के लिए प्रति सेकंड 2.5 पैसे देने पड़ते हैं। इसके अलावा इस प्लान में इंटरनेट चलाने के लिए 200MB डाटा ऑफर किया जा रहा है।

इसके अलावा एक दूसरी रिपोर्ट में सामने आया है कि Coronavirus के बाद देश में लगे लॉकडाउन के दौरान पूरे इंडिया इंटरनेट की खपत 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। जहां इंटरनेट का यूज़ पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा हो गया है वहीं दूसरी ओर इस यूज़ के बढ़ जाने के बाद इंटरनेट की स्पीड में भी 20 प्रतिशत तक की कमी आंकी गई है।

सोर्स

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