
इसमें कोई शक नहीं कि Xiaomi भारत का नंबर वन स्मार्टफोन निर्माता कंपनी है। परंतु इस बात को भी आप मानेंगे कि जितना बड़ा बनते हैं परेशानियां उतनी ही बढ़ती है और अब ऐसी ही परेशानियां Xiaomi को घेरने लगी हैं। हाल में हमने स्टोर्स पर कंपनी के बैनर ढकने का मामला देखा था। वहीं अब Xiaomi से उसके फलाइन रिटेलर्स यानी की शाओमी प्रीफर्ड पार्टनर नाराज होने लगे हैं। नाराजगी इस बात की है कि कंपनी द्वारा उन पर Redmi K20 फोन बेचने का बहुत ज्यादा दबाव बनाया जा रहा और यदि कोई रिटेलर इसे बेचने से मना कर रहा है तो फिर कंपनी द्वारा उनकी बिलिंग तक बंद कर दी जा रही है।
क्या है मामला?

Xiaomi द्वारा 2019 में Redmi K20 सीरीज को लॉन्च किया गया था और उस वक्त यह सीरीज काफी चर्चा में भी रही थी। यह फोन ऑलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म पर सेल के लिए उपलब्ध है लेकिन हाल में ऑफलाइन रिटेलर्स इस बात को लेकर नाराज़गी जाहिर करते नजर आए कि किसी भी Redmi फोन की बिलिंग कर रहे हैं तो कंपनी Xiaomi Redmi K20 को उसके साथ भेज देती है। यदि हम पहले मना कर देते हैं कि रेडमी के20 नहीं चाहिए तो वे बिलिंग ही रोक देते हैं। अर्थात जो मॉडल आपने कंपनी से मांगा है वो भी नहीं भेजते और इसका असर उनके बिजनेस पर पड़ता है। इसे भी पढ़ें: Jio का सस्ता 5G फोन दिसंबर में होगा लॉन्च, मुकेश अंबानी ने कर ली तैयारी
जानें क्या कहते हैं रिटेलर्स?

91मोबाइल्स के संज्ञान में यह खबर लगभग एक महीने पहले आई थी जब राजस्थान जयपुर के एक रिटेलर ने हमें बताया कि उन पर कंपनी द्वारा रेडमी के20 सीरीज के फोन को बेचने का काफी दबाव बनाया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद हमने स्टोरी करने से पहले इसे और भी जांच करनी जरूरी समझी। इसके लिए हमने राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कई रिटेलर्स से बात की और सबने इस बात को एकमुख से स्वीकार किया कि शाओमी द्वारा Redmi K20 को लेकर बहुत ज्यादा परेशान किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Jio और Airtel यूजर्स इन रिचार्ज पर घर बैठे फ्री में देखें IPL 2020, 401 रुपए से शुरू है प्लान
राजस्थान के रिटेलर का कहना था कि “एक तो कंपनी द्वारा ऑफलाइन स्टोर्स पर नए फोन जल्दी दिए नहीं जाते। वहीं पुराने फोन आप दे रहे हैं कंडिशन के साथ में तो कैसे हम अपना बिजनेस करें।”
वहीं इस बारे में गुजरात के रिटेलर ने हमें जानकारी दी कि “10 या 20 फोन के साथ एक रेडमी के20 नहीं दिया जा रहा है बल्कि आप रेडमी नोट 8 या किसी भी दूसरे मॉडल के एक-दो यूनिट भी डिमांड करते हैं तो उसके साथ आपको एक Redmi K20 लेना ही होगा।” इसे भी पढ़ें: WhatsApp में जुड़ने वाला एक और बेहद खास फीचर, जानें कब और किसे मिलेगा पहले
इस बारे में दिल्ली के रिटेलर कहते हैं कि “छह महीने में यहां मोबाइल टेक्नोलॉजी बदल जाती है और आप बताएं कौन Redmi K20 लेगा जो कि डेढ़ साल पुराना मॉडल है। भारी परेशानी यह भी है कि रेडमी के20 हम ले भी लें और स्टोर पर रख भी लें। परंतु कंपनी नहीं बिके डिवाइस को भी रिटर्न नहीं लेती ऐसे में हम फोन का क्या करेंगे। इतने बजट का पांच—छह फोन भी आपके शॉप पर रह गया तो समझें कि लगभग एक लाख रुपये आपके फंस गए। रिटेलर्स के पास पूंजी पहले ही कम होती है ऐसे में इतना बड़ा अमाउंट हम क्यों फंसा दें।”
क्या कंपनी को मालूम है?

हालांकि इस तरह की जानकारी आने के बाद हमने कंपनी को इस बात से अवगत कराया है और उनका भी स्टेटमेंट मांगा है। परंतु फिलहाल उन्होंने इस मामले पर कुछ बोलने से मना कर दिया है।
क्या यह सही है?
हालांकि बिजनेस में कंपनी और रिटेलर्स के नाराज़गी का मामला नया नहीं है अक्सर कुछ न कुछ मसलों को लेकर वे एक दूसरे से थोड़े नाराज होते हैं। परंतु यहां मामला थोड़ा बड़ा है क्योंकि किसी एक जगह का नहीं बल्कि कई राज्यों रिटेलर्स नाराज हैं। वहीं यह मामला लंबे समय से चल रहा है। ऐसे में कहा जा सकता है कि यदि कंपनी ने गंभीरता से अभी इसे हल नहीं किया तो आगे भारी नुकसान हो सकता है। क्योंकि भाले ही भारत में ऑनलाइन ट्रेंड में हो और उसका दबदबा बढ़ रहा है लेकिन नंबर वन की कुर्सी भारत के ऑफलाइन रिटेलर्स ही तय करते हैं।





















