
भारतीय दूरसंचार नियामक प्रधिकण (ट्राई) ने हाल में जानकारी दी है कि अगले महीने से टर्मिनेशन शुल्क को कम किया जाएगा। इस शुल्क में कटौती की वजह से आॅपरेटर्स और मोबाइल उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा कॉल दर और कम होने की संभावना है। ट्राई द्वारा पहले कॉल के लिए इंटर कनेक्शन शुल्क 14 पैसे प्रति मिनट वसूला जाता था जो अब घटाकर छह पैसे प्रति मिनट कर दिया गया है। नई शुल्क दर पहली अक्टूबर से लागू होगी। इतना ही नहीं ट्राई ने इसे लेकर आगे का भी खाका तैयार किया है। नियामक का कहना है कि जनवरी 2020 तक इस शुल्क को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा।
ट्राई के इस फैसले के बाद टेलीकॉम कंपनियों में रार मच गई है। जहां जियो ने इसका स्वागत किया है वहीं पुराने आॅपरेटर्स ने इस पर आपत्ति जताई है और सिर्फ जियो को फायदा पहुंचाने की बात कही है। एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने इसका कड़ा विरोध किया है। वे पहले ही इंटर कनेक्शन शुल्क को बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। जबकि जियो ने इसे पूरी तरह से खत्म करने की मांग की थी।
खुशखबरी: और सस्ता होगी कॉलिंग, ट्राई ने घटाए इंटरकनेक्शन चार्ज
पुराने आॅपरेटर्स जैसे- भारती एयरटेल और वोडाफोन ने ट्राई के कॉल कनेक्ट शुल्क में कटौती के फैसले की आलोचना की है। इनका कहना है कि ट्राई के इस फैसले से सिर्फ एक आपरेटर को फायदा होगा। पुरानी कंपनियां पहले से ही काफी वित्तीय दबाव झेल रही हैं। वोडाफोन ने ट्राई के इस कदम को गलत करार देते हुए कहा कि इससे सिर्फ नए खिलाड़ी को फायदा होगा और शेष उद्योग बुरी तरह प्रभावित होगा।
वहीं एयरटेल ने भी नाराजगी जताते हुए ट्राई पर गैर पारदर्शी तरीका अपनाने को आरोप लगाया है। कंपनी का कहना है कि इससे सिर्फ एक आपरेटर को फायदा होगा।
वहीं कल रिलायंस जियो ने एक बयान जारी किया है जिसमें कंपनी ने कहा है कि ‘जियो शुरू से ही अपने यूजर को मुफ्त में वॉयस सर्विस प्रदान कर रहा है। नए आईयूसी शुल्क लागू होने से जियो को कोई लाभ का कोई सवाल ही नहीं है क्योंकि यह ग्राहकों को हम यह लाभ पहले से ही दे रहे हैं। आईयूसी दर कम होने का कोई भी फायदा हमें नहीं मिल रहा है। आज जब विश्व आईपी आधारित तकनीक पर जा रहा है और वॉयस शुल्क कम हो रह है तो इसका लाभ यूजर को जरूर मिलना चाहिए।’
हालांकि कुछ साल पहले ही ट्राई ने शिफारिश की थी कि भारत में वॉयस शुल्क को खत्म कर सिर्फ डाटा शुल्क लगाना चाहिए। इसी के तहत ट्राई द्वारा इंटर कनेक्शन शुल्क को कम किया जा रहा है और बाद में इसे खत्म करने की बात कही है।
हालांकि जियो के बाद अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने भी मोबाइल इंटर क्नेक्शन शुल्क कटौती को सही ठहराया है। कंपनी ने कहा कि ‘आईयूसी में कटौती में पहले ही तीन साल की देरी हो चुकी है। इससे वॉयस कॉलिंग फ्री होने के साथ सभी को समान अवसर उपलब्ध होंगे।



















