
मोबाइल नंबर आज के वक्त में सिर्फ कॉल करने तक ही सीमित नहीं रह गया है। कुछ साल पहले तक लोग जब भी मन करता था, सस्ते का फायदा देखकर अपना नंबर और सिम बदल लेते थे। लेकिन अब मोबाइल नंबर हर व्यक्ति की खास पहचान बन चुका है। हर तरह के सरकारी – गैरसरकारी कार्यों से लेकर बैंकिग सुविधाओं तक सभी में मोबाइल नंबर को जोड़ा जाता है और इसी से सभी काम होते हैं। ऐसी स्थिति में Reliance Jio, Vodafone Idea और Airtel जैसी कंपनियां भी प्राइवेसी का खास ध्यान रखती है।
लेकिन एक ताजा मामले में Vodafone Idea की बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसमें कंपनी की ओर बिना डाक्यूमेंट वेरिफाई किए ही एक व्यक्ति को डुप्लीकेट सिम जारी कर के दे दी गई, जब्कि वह डाक्यूमेंट उस व्यक्ति के थे भी नहीं। कंपनी की इस गलती के चलते व्यक्ति के अकाउंट से 68 लाख रुपये निकाल लिए गए। इस लापरवाही ही भरपाई करने के लिए अब कोर्ट के आदेश अनुसार वोडाफोन आइडिया को तकरीबन 28 लाख की रकम अब बतौर जुर्माना वापिस लौटानी पड़ेगी।
यह है पूरा मामला
शुरू से बताए तो कृष्णलाल नाम के Vodafone Idea कस्टमर ने एक दिन देखा कि उनके फोन से नेटवर्क सिग्नल गायब हो चुके हैं और उनकी सिम बंद हो चुकी है। इस संबंध में कृष्णलाल ने वोडाफोन स्टोर में शिकायत दर्ज करवाई तो उन्हें एक नई सिम दी गई लेकिन वो एक्टिव नहीं हुई। ऐसा होने पर ग्राहक ने फिर से अपनी समस्या कस्टमर केयर को बताई तो तकरीबन 5 दिन बाद उनका नंबर फिर से चालू कर दिया गया।

जब मोबाइल नंबर फिर से चालू हुआ तो ग्राहक ने देखा कि उनके अकाउंट से 68 लाख रुपये निकल चुके थे। कृष्णलाल का यह मोबाइल नंबर दरअसल ओवरड्रॉफ्ट अकाउंट से लिंक्ड था और किसी ने मोबाइल नंबर के लिए इतनी बड़ी रकम निकाल ली थी। बाद में पता चला कि VI वोडाफोन आइडिया की ओर से कृष्णलाल का मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया गया था और उसी से यूजर के अकाउंट से पैसे निकाल लिए गए। यह भी पढ़ें : Jio के Rs. 999 प्लान से सस्ता है Vodafone idea का ये रिचार्ज, डेली 3GB डाटा समेत मिलते हैं कई फायदे
Vodafone Idea ने दरअसल डॉक्यूमेंट्स को ठीक से वेरिफाई नहीं किया था और न ही इस बात पर ध्यान दिया था कि डाक्यूमेंट्स किसी अन्य व्यक्ति के हैं और सिम कोई व्यक्ति ले रहा है। कंपनी ने लापरवाही दिखाते हुए बिना सही डाक्यूमेंट्स के ही कृष्णलाल के मोबाइल नंबर की डुप्लीकेट सिम जारी कर दी और दूसरे व्यक्ति ने OTP की मदद से कृष्णलाल के अकाउंट से पैसे अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए।
बाद में हुई पुलिस व कोर्ट कार्रवाई के आद राजस्थान सरकार के आईटी डिपार्टमेंट ने Vodafone Idea Limited को इस राशि का भुगतान करने का आदेश किया है। लापरवाही की दंड देते हुए वोडाफोन आइडिया को बोला गया है कि कृष्णलाल तकरीबन 27.5 लाख रुपये दिए जाए। वहीं अगर कंपनी एक महीने भीतर यह रकम अपने कस्टमर को नहीं देती है तो VI को अलग से 10 प्रतिशत का ब्याज भी भरना पड़ेगा।



















