
सोशल मीडिया की लोकप्रियता आज किसी से छुपी नहीं है। प्रधानमंत्री हों या फिर किसी टेक कंपनी के सीईओ अपनी बात जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया उनका सबसे प्रमुख हथियार है। कुछ कहना, कुछ करना है या कुछ कर रहे हैं, बस एक पोस्ट सोशल मीडिया पर डाल दिया और उसके बाद लाइक व कमेंट की झड़ी लग गई। सबसे अच्छी बात की यहां से सीधा संवाद स्थापित होता है आप बिना किसी तिसरे मीडियम के सीधा अपनी बात लोगों तक पहुंचा सकते हैं और दूसरों की प्रतिक्रियाएं जान सकते हैं।
अगर बात मोबाइल जगत की करें तो यहां सोशल मीडिया का उपयोग और भी बेहतर तरीके से देखने को मिला है। कुछ को छोड़ कर लगभग सारी कंपनियां सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं जिसका फायदा उन्हें मिला भी है। यहां हर रोज नए टेक इनोवेशन होते हैं। नए—नए फोन फोन लॉन्च किए जाते हैं। इसके अलावा कंपनी की रणनीति, ऑफर और आफ्टर सेल्स सर्विस सहित कई सारी चीजें होती हैं। इन चीजों से लोगों को अवगत कराने के लिए खास रणनीति बनानी होती है। टीवी और प्रिंट विज्ञापन से आप चीजों की जानकारी तो कुछ हद तक दे सकते हैं लेकिन उनका दायरा सीमित है। परंतु यदि आप सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं तो बस कुछ पल में ही अपनी बात को करोड़ों लोगों तक पहुंचा सकते हैं। सबसे खास बात यह कही जा सकती है कि यहां आपकी शक्तियां सीमित नहीं हैं। सिर्फ लॉन्च ही नहीं बल्कि इनोवशन और आफ्टर सेल्स सर्विस सहित सभी चीजों पर आप विस्तार से चर्चा कर सकते हैं। यहां आप सबकुछ अपने हिसाब से कर सकते हैं और यदि आपका सोशल मीडिया मैनेजमेंट बेहतर है तो फिर तो नंबर 1 की कुर्सी आपसे दूर नहीं है। इसका उदाहरण आप शाओमी और वनप्लस जैसे ब्रांड से ले सकते हैं। बिना किसी विज्ञापन और ब्रांड एम्बेसेडर के इन्होंने भारत में कदम रखा और सिर्फ सोशल मीडिया के दम पर नंबर वन की कुर्शी प्राप्त की। एक भारत का नंबर एक स्मार्टफोन निर्माता कंपनी है तो दूसरा प्रीमियम सेग्मेंट में बादशाहत कायम किए हुए है।
शाओमी की सोशल हलचल
शाओमी ने ह्युगो बारा के नेतृत्व में भारत में कदम रखा और कंपनी पहले दिन से ही सोशल मीडिया पर हावी रही। न कोई टीवी ऐड और न ही न्यूज पेपर में विज्ञापन। खुद ह्युगो शाओमी के सोशल मीडिया का नेतृत्व कर रहे थे। सबसे पहले अपने साथ भारतीय पत्रकारों को जोड़ा और फिर आम लोगों से। ह्युगो को जुड़ने के साथ ही मीडिया शाओमी से खुद जुड़ गई और तेजी से पांव पसार रही ऑनलाइन मीडिया ने कंपनी के हर छोटे बड़े कदम पर भरपूर कवरेज दिया। कुछ ही समय में शाओमी की लोकप्रियता सिर चढ़कर बोलने लगी। ह्युगो बारा को शाओमी से जाने के बाद कमान मनु जैन के हाथ में थी और इन्होंने ह्युगो से कहीं बढ़कर सोशल मीडिया का उपयोग किया। आज लगभग हर रोज मनु का कोई ट्विट या फेसबुक पोस्ट खबर बनता रहती है। सोशल मीडिया शाओमी इतनी एक्टिव है कि वर्ष 2018 में ट्विटर ने टॉप 10 इन्गेजिंग ब्रांड की लिस्ट जारी की जिसमें शाओमी नंबर चार पर काबिज थी। जबकि भारत में ओपो और वीवो जैस बड़े ब्रांड भी थे जो 2018 में कई इनोवेशन लेकर आए परंतु इस लिस्ट में अपनी जगह तक नहीं बना सके।
सोशल मीडिया बना वनप्लस के लिए प्लस फैक्टर
वर्ष 2018 को देखकर तो ऐसा लकता है कि सोशल मीडिया मैनेजमेंट में वनप्लस को महरात हासिल है। कंपनी साल में 2 फोन ही लेकर आई परंतु जिस तरह से इंटरनेट पर छाई रहती है उसे देख कर तो ऐसा लगता है जैसे हर रोज कोई नया प्रोडक्ट लॉन्च कर रही हो। हालांकि यदि 2018 में देखें तो वनप्लस में कोई भी ऐसा इनोवेटिव प्रोटक्ट लॉन्च नहीं किया है। कंपनी ने पहले नॉच फोन लॉन्च किया बाद में ड्यू ड्रॉप नॉच वाला फोन पेश किया जिसमें इन डिसप्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर था। जबकि आप देखेंगे तो ये सारे इनोवेशन ओपो के फोन में पहले ही उपलब्ध थे। कंपनी ने 2018 में फाइंड एक्स और आर 17 प्रो जैसे बेहतरीन मॉडल लॉन्च किए बावजूद इसके वनप्लस के बराबर की लोकप्रियता हासिल नहीं कर सकी। वनप्लस 6 हो या फिर वनप्लस 6टी दोनों फोन के लॉन्च से पहले और लॉन्च के बाद जिस तरह का सोशल मैनेजमेंट देखने को मिला वह काबिले तारिफ था। कंपनी की हर पोस्ट पर यूजर तालियां बजा रहे थे। इस मैनेजमेंट की वजह से ही वनप्लस 2018 के ट्विटर इंगेजमेंट लिस्ट में जिसरे नंबर पर रहा।
ऑनर और सैमसंग ने भी बटोरी तारीफ
सिर्फ शाओमी और वनप्लस ही नहीं बल्कि ऑनर और सैमसंग जैसी बड़ी कंपनियां भी सोशल मीडिया पर उतनी ही एक्टिव हैं। बल्कि इन कंपनियों के इन्गेमेंट लेवल को आप देख लें तो हैरान हो जाएंगे। सैमसंग इंडिया के फेसबुक पेज के फॉलोवर की संख्या 15 करोड़ से भी ज्यादा है। वहीं ट्विटर पर 1.8 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर लेकर कंपनी बैठी है। इसी तहर ऑनर के ट्विटर फॉलोवर 1.27 लाख है और फेसबुक पेज लाइक्स 21 लाख से ज्यादा है। बड़ा यूजर बेस होने के साथ—साथ ये कंपनियां सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा एक्टिव भी हैं। यूजर एंगेजमेंट के मामले में तो ये कंपनियां वर्ष 2018 के ट्विटर लिस्ट में नंबर और नंबर दो पर काबिज रहीं।
सोशल मीडिया पर एक्टिव होने से यूजर्स कंपनियों से अपने आप को जुड़ा महसूस करता है और नए प्रोडक्ट या ऑफर आने पर इससे काफी फायदा होता है। अपनी चीजों को यूजर्स तक पहुंचाने के लिए ज्यादा मशक्कत करनी नहीं होती है।
ओपो की चमक रही फीकी
यह तो रही उन कंपनियों के नाम जिन्होंने अपने बेहतरीन सोशल मीडिया मैनेजमेंट के दम पर भरतीय मोबाइल बाजार पर अपनी पकड़ को मजबूत किया। परंतु इनमें कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं जो अच्छा खासा पोजिशन रखने के बावजूद सोशल मीडिया मैनेजमेंट में काफी पीछे रहीं। इनमें सबसे पहला नाम ओपो का आता है। मोबइल मार्केट शेयर के मामले में कंपनी चौथे स्थान पर है लेकिन साशल मीडिया के मामले में टॉप 10 में भी जगह नहीं बना सकी। ट्विटर द्वारा जारी 2018 के इंगेजमेंट ट्रेंट में शुरुआत के टॉप 5 मे मोबाइल कंपनियां ही हैं लेकिन आपको टॉप 10 की लिस्ट से भी बाहर है। हालांकि ऐसा नहीं है कि कंपनी के पास सोशल यूजर बेस नहीं है बलिक सोशल मैनेजमेंट की कमी रही है। ओपो के फेसबुक पेज लाइक्स 3 करोड़ से ज्यादा हैं और ट्विटर पर लगभग चार लाख से ज्यादा के फॉलोवर। परंतु पोस्ट पर आप इन्गेजमेंट को खुद देख सकते हैं शाओमी वनप्लस और सैमसंग सरीखी कंपनियों से कितना पीछे है।
अच्छी खासी यूजर बेस होने और ऑफलाइन चैनल पर अपनी बेहतरीन पकड़ के बाद भी सोशल मीडिया मैनेजमेंट के मामले में ओपो काफी पीछे रहा और लगता है कि इसी का खामियाजा कंपनी को भुगतना भी पड़ा। क्योंकि वर्ष 2018 के शुरुआत में कंपनी ने जहां एफ7 जैसा बेहतरीन फोन उतारा। वहीं आगे चलकर ओपो फाइंड एक्स, ओपो एफ9 प्रो और आर 17 प्रो जैसे शानदार फोन पेश किए गए। ये फोन लेटेस्ट तकनीक, बेहतरी कैमरा, शानदार स्टइल और चार्जिंग के सबसे लेटेस्ट तकनीक से लैस थे। स्लाइड आउट कैमरा और वूक चार्जिंग जैसे इनोवोशन तो कमाल के थे। बावजूद इसके शाओमी के रेडमी फोंस, वनप्लस 6 सीरीज और ऑनर फोंस की चर्चा ज्यादा रही। ऐसे हम कह सकते हैं कि यदि ओपो का सोशल मीडिया मैनेजमेंट थोड़ा और बेहतर होता तो शायद 2018 में भारतीय मेबाइल जगत की तस्वीर थोड़ी अलग होती।


























