
चीनी स्मार्टफोन ब्रांड Realme के लिए बुरी खबर सामने आ रही है। कंपनी को पश्चिमी देशों में तगड़ा झटका लगा है और अब जर्मनी में रियलमी फोंस का बिजनेस पूरी तरह से बंद किया जा सकता है। यह पूरा मामला Nokia के पेटेंट विवाद से जुड़ी है जिसके चलते पहले ही OPPO और OnePlus भी जर्मनी में बैन झेल चुके हैं। यह मुद्दा क्या है और चाइनीज ब्रांड्स को क्यों बैन किया जा रहा है यह जानकारी आप आगे पढ़ सकते हैं।
जर्मनी में नहीं बिकेंगे रियलमी प्रोडक्ट्स
Realme को जर्मनी में बैन किया जा रहा है और ऐसा फिनलैंड की कंपनी Nokia द्वारा की गई शिकायत के बाद हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट के जरिये सामने आया है कि रियलमी ब्रांड के रिप्रेजेंटेटिव ने ही जर्मनी में अपना कारोबार समेटने की बात कही है जिसमें सबसे पहले स्मार्टफोन व अन्य प्रोडक्ट्स की सेल को रोका जाएगा। फिलहाल फिलहाल प्रोडक्ट्स की बिक्री रूकेगी लेकिन जर्मन यूजर्स को सर्विस और सॉफ्टवेयर का सपोर्ट मिलता रहेगा।
क्या है नोकिया पेटेंट विवाद
नोकिया ने BBK Electronics के तहत आने वाले ओपो, वनप्लस और रियलमी पर आरोप लगाया था कि ये कंपनियां अपने स्मार्टफोन में जिन 5जी टेक्नोलॉजी का यूज़ कर रही है उसका पेटेंट सिर्फ नोकिया के पास है। नोकिया ब्रांड का मालिकाना हक रखने वाली टेक कंपनी HMD Global का कहना था कि चीनी ब्रांड Nokia 5G technology को बिना लाइसेंस के यूज़ कर रहे हैं।

नोकिया ने BBK पर कई पेटेंट उल्लंघन के मुकदमे दायर किए थे। इनमें चीनी कंपनियों के डिवाइस में बिना पेटेंट वाले (SEPs) और UI/UX जैसे नॉन-एसईपी सिक्योरिटी फीचर का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। इन ब्रांड ने पहले तो सर्विस करने का लाइसेंस लिया था, लेकिन उसके एक्सपायर होने के बाद रिन्यू नहीं कराया था। यूरोपियन गर्वनमेंट वनप्लस और ओपो पर पहले ही एक्शन ले चुकी है और अब रियलमी भी इसके लपेटे में आ गया है।









