5G सिर्फ मोबाइल को ही नहीं बल्कि कार को भी बना देगा उड़न खटोला, जानें कैसे

केंद्र सरकार की ओर से 26 जुलाई से शुरू हुई 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी आखिरकार खत्म हो गई। 5G Spectrum Auction में टेलीकॉम कंपनियों को अलग-अलग फ्रीक्वेंसी पर 20 साल के लिए लीज मिली है। वहीं, अब लोगों को 5G यानी मोबाइल नेटवर्क की पांचवीं जेनरेशन के लाइव होने के बेसब्री से इंतजार है। परंतु, क्या आप जानते हैं कि 5G सिर्फ फोन तक सीमित नहीं होगा। बल्कि इसके आने से (5G India Launch) ड्राइवरलेस कारें और ड्रोन टैक्सी जिसे आग उड़न खटोला भी कह सकते हैं रियलिटी बनेंगी। इसी को देखते हुए हम आपको इस आर्टिकल में बताने वाले हैं कि कैसे देश में 5जी नेटवर्क आने के बाद कनेक्टिंग कार और उड़ने वाली कारों से आपकी जिंदगी बदल जाएगी।
क्या है 5G नेटवर्क
दुनिया में 5जी की शुरुआत हो चुकी है और 5G ऑक्शन प्रक्रिया खत्म होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि इंडिया में भी जल्द ही इसे लॉन्च किया जा सकता है। दरअसल, 5G में इंटरनेट स्पीड मेगाबाइट से उठकर गीगाबाइट में पहुंचने जा रही है और इसमें 1gbps यानी 4जी से भी 100 गुना अधिक इंटरनेट स्पीड प्राप्त होगी। जैसा कि हमने आपको बताया कि 5जी टेक्नोलॉजी सिर्फ मोबाइल फोन तक ही सीमित नहीं रहेगी बल्कि बल्ब, पंखे, फ्रिज और कार भी 5जी के साथ कनेक्ट होंगी। इसे भी पढ़ें: 5G चलाने से पहले जरूर जान लें, किन फ्रीक्वेंसी बैंड्स पर काम करेगा आपका 5G Phone और 5G SIM
5G में IOT पर अहम काम होगा और इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सभी अप्लायंस व डिवाइस आपस में एक दूसरे से जुड़ें रहेंगे। किसी दूसरे शहर से भी यदि आप फोन में कोई कमांड देंगे तो आपके घर में रखा वह आईटम काम करेगा। यानी दिल्ली बैठकर आप अपने फोन से घर के बल्ब ऑन करेंगे तो यूपी के घर में लगा बल्ब भी जल उठेगा। 5जी के जरिए अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, फैक्ट्रियां, मॉल, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और होटल जैसी जगहों पर सभी सिस्टम एक दूसरे से बेहतर कनेक्टिविटी साध सकेंगी। वहीं मोबाइल इंटरनेट स्पीड का तो कहना ही नहीं मिनटों में 1जीबी तक के मूवी डाउनलोड होंगे।
5G से कार होंगी और स्मार्ट
कार में होगी इनबिल्ट 5G सिम: आने वाले समय में उम्मीद की जा रही है कि लॉन्च होने वाले कार इनबिल्ट 5G सिम के साथ आएंगी। वहीं, कार में इस प्रकार का सॉफ्टवेयर दिया जाएगा, जिससे वह किसी भी स्मार्टफोन की तरह OTA अपडेट्स के जरिए अपडेट होगा। वहीं, कंपनियां 5G लेस कार में दिए जाने वाले इन्फोटेनमेंट सिस्टम को कई सारे प्री-लोडेड एप्लीकेशन और एंटरटेनमेंट पैकेज के साथ पेश कर सकती हैं।
रिमोट कंट्रोल से चलेंगी कार: 5G के इंडिया लॉन्च के नजदीक आने से ही हर तरफ इन हाई टेक्नोलॉजी से लैस इंटरनेट कनेक्टेड कारों की चर्चा हो रही है। वहीं, इस टेक्नोलॉजी के आने के बाद वो दिन दूर नहीं जब आप हजारो मील दूर बैठकर अपनी कार को ऑपरेट कर सकेंगे। चौंकिए नहीं यही आने वाले वक्त की असलियत है। ऐसी कारों को दूसरी किसी जगह से रिमोट कंट्रोल के जरिए कंट्रोल किया जा सकेगा। इसे भी पढ़ें: Jio 5G launch: इसी महीने आ रहा Ambani का 5G, जानें क्या है कंपनी का प्लान
दरअसल, कुछ वर्ष पहले गुडवुड फेस्टिवल ऑफ स्पीड में सैमसंग ने दुनिया की पहली रिमोट कंट्रोल 5जी कार को पेश किया था। इस कार को वोडाफोन और डेजिनेटेड ड्राइवर की मदद से तैयार किया गया था। वहीं, इसे चलाने में डेजिनेटेड ड्राइवर टेली ऑपरेशन सिस्टम, नया सैमसंग गैलेक्सी S10 5जी और सैमसंग वीआर हेडसेट के अलावा वोडाफोन 5जी नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था।
एक्सीडेंट से बचाएगा 5G नेटवर्क: फिलहाल कार चलाते समय मानव प्रतिक्रिया की गति 200 मिलीसेकंड से थोड़ी अधिक है, जिससे हर दिन दुर्घटनाएं होती हैं। वहीं, 5G में यह प्रतिक्रिया 5 मिली सेकंड है, जिसका उपयोग कार चलाने वाले ड्राइवर को दिखाई देने से पहले अतिरिक्त सुरक्षा जानकारी प्रदान करने के लिए किया जाएगा है। उदाहरण के लिए सड़क पर काम करने वाले, तेजी से चलने वाले आपातकालीन वाहन और सड़क पार करने वाले पैदल यात्री। 5G से लैस कार Advanced Driver Assistance Systems (ADAS) चालक को सुरक्षित रूप से ड्राइव करने और दुर्घटनाओं से बचने में मदद करेगी।
सेल्फी ड्राइविंग कार का नेटवर्क रहेगा टना-टन: 5G नेटवर्क के लाइव होने के बाद इलेक्ट्रिक कार से पावर ग्रिड की तकनीक में बदलाव देखने को मिलेंगे। वहीं, टेस्ला जैसी कंपनियां सेल्फ ड्राइविंग कार को इंडिया में लाने पर काम कर रही हैं। ऐसे में इन कारों को एक ऐसे नेटवर्क की जरूरत पड़ेगी, जो तेजी से डाटा को भेज और प्राप्त कर पाए। इसलिए यह काम 5जी नेटवर्क पर आसानी से हो सकेगा।
5G कार को बनाएगा समझदार: 5जी के आने के बाद सेल्फ-ड्राइविंग कार के एआई-कंपोनेंट में सुधार होगा। कार में दिए हजारों सेंसर ज्यादा बेहतर तरीके से आसपास के लाखों डाटा प्वाइंट को इकट्ठा करेंगे, जिससे कंप्यूटर को ड्राइविंग से जुड़े सटीक फैसले लेने में मदद मिल सके। इसके अलावा ड्रोन जैसे रिमोट से कंट्रोल किए जाने वाले वीइकल्स के रियल-टाइम रिस्पॉन्स को 5जी नेटवर्क की तेज स्पीड से काफी बेहतर किया सकेगा। इसे भी पढ़ें: 5G Spectrum Auction में किसके हिस्से आया क्या? Jio, Airtel, Vi और Adani का पूरा ब्यौरा
ड्रोन कार यानी उड़न खटोले की होगी सवारी: बताया जा रहा है कि 5जी तकनीक का उपयोग कंटेंट स्ट्रीमिंग, रीयल-टाइम वीडियो एनालिटिक्स और स्वायत्त वाहनों एवं ड्रोन के नियंत्रण में मुख्य रूप से होने की संभावना है। वहीं, 5G का इस्तेमाल उड़ने वाली कार में किए जाने की उम्मीद की जा रही है।