Google Pixel 11 रिव्यू: कमाल के हैं छोटे उस्ताद

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जब भी Google Pixel फोन लॉन्च होते थे, हर बार प्राइस को लेकर सोशल मीडिया में बड़ा शोर होता था। परंतु यह पहली बार है, जब कंपनी ने Google Pixel 11 सीरीज को भारतीय बाजार में उतारा और प्राइस को लेकर इंटरनेट पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई। जी हां! आज सभी फोन के प्राइस इतने तेजी से बढ़ रहे हैं कि इस बार जब पिक्सल 11 सीरीज लॉन्च हुई तो कीमत कॉम्पेटेटिव यानी कि प्रतियोगी कही जा रही है। लॉन्च के साथ ही Google Pixel 11 हमारे पास भी रिव्यू के लिए आया और हमने भी लगभग एक सप्ताह के उपयोग के बाद यह जांचने की कोशिश की कि क्या सिर्फ कीमत ही प्रतियोगी हो गई है या फिर फीचर्स में भी यह डिवाइस दूसरे फोन को टक्कर दे रहा है।

कमाल का सॉफटवेयर

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वैसे तो अक्सर रिव्यू की शुरुआत डिजाइन से करते हैं, लेकिन चूंकि यह पिक्सल फोन है, ऐसे में यहां सबसे पहले बात हम सॉफ्टवेयर की करेंगे। यह फोन Android 17 पर चलता है और कंपनी ने सात साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट देने का भरोसा दिया है।

वहीं, इस बार मुझे अच्छी बात यह लगी कि फोन में आपको सर्किल टू सर्च का इंटीग्रेशन काफी बेहतर मिलता है। अब आपको पहले कैमरे से फोटो क्लिक कर सर्च का उपयोग करने की जरूरत नहीं है, बल्कि डायरेक्ट कैमरा ऐप से ही सर्किल टू सर्च फीचर का उपयोग कर सकते हैं।

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इसमें आपको गूगल का AI, Gemini का बेहतर इंटीग्रेशन देखने को मिलता है। यह कई ऐप्स के साथ काम करता है, जैसे कि लोकेशन का नाम पता करने, Google Maps को लॉन्च करने, इमेज शेयर करने के लिए Photos ऐप खोलने और कैलेंडर इनवाइट सेव करने सहित बहुत कुछ। वहीं, एक और अच्छा इंटीग्रेशन इसमें है और वह है Google Maps का पावर-सेविंग मोड। यह फीचर बैटरी बचाने के लिए रास्तों को ब्लैक एंड व्हाइट कर देता है और लॉक स्क्रीन पर डायरेक्शन के साथ अपडेट रखता है।

वहीं, इस बार कंपनी ने कंटेंट क्रिएटर्स के लिए कुछ फीचर्स पेश किए हैं, जिसमें मुझे सबसे खास लगा टेलीप्रॉम्प्टर फीचर। आप अपने फोन का उपयोग टेलीप्रॉम्प्टर के तौर पर कर सकते हैं। आप बोलते रहेंगे और स्क्रिप्ट स्क्रॉल होती रहेगी।

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इसके अलावा भी कुछ फीचर्स हैं, जिनका जिक्र करना मैं चाहूंगा। वे हैं सेव ऐज प्रोजेक्ट, ऑडियो विजुअलाइजर, स्पीड इनहांसमेंट और सोशल मीडिया ग्रीड। ऑडियो विजुअलाइजर जहां आपको रिकॉर्डिंग के दौरान ऑडियो का लेवल बताता है। वहीं, सोशल मीडिया ग्रीड आपको इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का लेआउट दिखाता है, जिससे कि आप जान सकें कि वीडियो में आपको कंटेंट और सब्जेक्ट को कहां प्लेस करना है।

फोन में आपको कैमरा कोच का ऑप्शन मिलता है, जहां फोन आपको गाइड करता है कि आप किस तरह से वीडियो शूट करें तो बेहतर होगा। इसके अलावा, आप चाहें तो दूसरे सुझाव भी ले सकते हैं।

सॉलिड बॉडी

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हम यह कह सकते हैं कि गूगल एक जैसा फोन बनाता है, लेकिन यह भी कहना बनता है कि फोन सॉलिड बनाता है। फोन की बॉडी ग्लास की बनी है, जबकि फ्रेम मैटल का है। देखने में यह बहुत स्टाइलिश नहीं लगता है, क्योंकि न यह सबसे स्लीक फोन है और न ही चमकदार कर्व्ड डिस्प्ले है। परंतु हाथ में लेने के बाद यह जरूर कहेंगे कि क्वालिटी शानदार है और सुपर प्रीमियम का अहसास कराता है।

फ्रंट और बैक दोनों में कोर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 का प्रोटेक्शन मिलता है और कंपनी ने फ्रेम के लिए एयरोस्पेस ग्रेड एल्यूमिनियम का उपयोग किया है, जो इसे काफी मजबूत बनाता है। पिछले फोन के मुकाबले इस बार ऐजेज थोड़े कर्व्ड हैं, ऐसे में पकड़ने में और भी बेहतर अहसास कराता है।

फोन की सिक्योरिटी का भी गूगल ने पूरा ख्याल रखा है। गूगल पिक्सल 11 आईपी68 रेटिंग के साथ आता है, जहां कंपनी का दावा है कि यह डेढ़ मीटर पानी में 30 मिनट तक सुरक्षित रह सकता है। जहां तक आकार और भार की बात है तो गूगल पिक्सल 11 का वजन 197 ग्राम है और यह 8.6 एमएम मोटा है। हालांकि, कॉम्पैक्ट साइज को देखकर 180 ग्राम के आस-पास के वजन की आशा कर रहे थे, लेकिन यह थोड़ा भारी है। शायद ग्लास पैनल की वजह से। परंतु इसके बावजूद डिजाइन आपको पसंद आएगा।

हैप्टिक फीडबैक करता है इम्प्रेस

फोन का डिस्प्ले भी काफी अच्छा है। कंपनी ने Pixel 11 में 6.3 इंच की स्क्रीन दी है और कंपनी ने OLED पैनल का उपयोग किया है। यह फोन 1,080 x 2,424 पिक्सल रिजॉल्यूशन के साथ 120Hz डायनेमिक रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। वहीं, फोन में 3,000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिल जाती है।

कंपनी ने LTPO डिस्प्ले तकनीक का उपयोग किया है। ऐसे में यह डिवाइस कंटेंट के हिसाब से रिफ्रेश रेट का उपयोग करता है और डायनामिक रूप से एडजस्ट कर बैटरी खपत को कम करता है। इसके साथ ही फोन में HDR सपोर्ट मिल जाता है, जो नेटफ्लिक्स सहित अन्य स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर व्यूइंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाता है। फोन का डिस्प्ले बहुत ही शानदार है। आप कह सकते हैं कि इस प्राइस में कई फोन ज्यादा ब्राइटनेस के साथ आते हैं और ज्यादा पिक्सल सपोर्ट है, लेकिन सच कहूं तो क्वालिटी के मामले में इसमें कोई कमी नहीं है। आपको शानदार अनुभव कराता है।

परंतु हमें जो सबसे बेस्ट लगा, वह है इसका हैप्टिक फीडबैक। यानी कि जब आप इस फोन के डिस्प्ले को टच करते हैं तो बिल्कुल मकैनिकल कीपैड का अहसास कराता है। इस तरह का फीडबैक अब तक बहुत ही कम फोन में हमें देखने को मिला है।

कैमरा भी अच्छा है

पिक्सल फोन के डिजाइन की बात हो न हो, परफॉर्मेंस की बात हो न हो, लेकिन उसके कैमरे की बात हमेशा होती है। ये फोन हमेशा से ही नेचुरल फोटो क्लिक करने के लिए जाने जाते हैं। पिक्सल 11 की बात करें तो उसमें भी आपको ऐसा ही कुछ अहसास होगा। फोन में आपको ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है। जहां मेन कैमरा 48MP का है। कंपनी ने 1/1.56-इंच की बड़ी साइज वाले लेंस का उपयोग किया है, जो f/1.7 अपर्चर के साथ आता है और इसमें OIS सपोर्ट भी है। इसके साथ ही 13MP का अल्ट्रा वाइड लेंस और 10.8MP का टेलीफोटो कैमरा है, जो 5x तक के ऑप्टिकल जूम को सपोर्ट करता है। वहीं, फ्रंट में भी 10.5MP का सेल्फी कैमरा मिलता है, जो पंच होल पर उपलब्ध है।

फोन से ली गई तस्वीरें संतोषजनक हैं। यानी कि आपको पसंद आएंगी। वहीं, इसमें एक बात जो हमें अच्छी लगी कि जहां दूसरे फोन में जब मेन से अल्ट्रावाइड लेंस पर आते हैं तो कलर शिफ्ट होता है, यह समस्या पिक्सल फोन में हमें नहीं मिली। हां! टेलीफोटो लेंस का जब उपयोग किया तो कलर थोड़ा ज्यादा सेचुरेट करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन फिर भी हमें अच्छा लगा। खास बात थी कि पोट्रेट शॉट में यह फोन बहुत अच्छा कटआउट कर रहा था। वहीं, हर मोड में स्किनटोन भी काफी अच्छे थे। हमने फोन से सेल्फी फोटो क्लिक किए और वहां भी रिजल्ट अच्छे मिले।

हां। यदि प्राइस रेंज में इसकी तुलना आईफोन या सैमसंग गैलेक्सी एस26 से करें तो डिटेलिंग में यह थोड़ा पीछे रह जाता है, लेकिन अच्छी बात यह थी कि हर तरह की रोशनी में फोन अच्छी तस्वीर ले रहा था। डेलाइट में डिटेलिंग के मामले में यह भले ही अपने प्रतियोगियों से थोड़ा पीछे था, लेकिन लो लाइट में कहीं बेहतर नजर आ रहा था।

वीडियो की बात करें तो वह भी अच्छा है और यह फोन 4K वीडियो 30एफपीएस पर शूट करने में सक्षम है। हालांकि, यहां थोड़ी कमी कह सकते हैं। 4K में कम से कम 60 एफपीएस होता तो बेहतर कहा जाता।

बावजूद इसके, कैमरे के बारे में अंतिम निर्णय के लिए यही कहूंगा कि आपको निराश नहीं करेगा और एक पिक्सल फोन से आप जिस तरह के रिजल्ट की आशा करते हैं, वैसा रिजल्ट मिलेगा।

परफॉर्मेंस में सुधार की जरूरत

गूगल पिक्सल 11 को कंपनी ने नए प्रोसेसर Google Tensor G6 पर पेश किया है। यह पहली बार है, जब हमने हेप्टा कोर, यानी कि सात कोर वाला मोबाइल प्रोसेसर देखा है। इसमें आपको 4.11 GHz क्लॉक स्पीड वाला सिंगल कोर प्रोसेसर मिलता है, वहीं 3.38 GHz क्लॉक स्पीड वाला क्वाड कोर प्रोसेसर है और 2.65 GHz का एक डुअल कोर प्रोसेसर दिया गया है। कंपनी ने इसे 12जीबी और 16जीबी रैम के साथ पेश किया है, जो LPDDR5X रैम तकनीक से लैस है। वहीं, स्टोरेज के लिए 256GB की मैमोरी मिलती है, जो यूएफएस 4.0 तकनीक सपोर्ट करती है। कुल मिलाकर, प्राइस के हिसाब से देखेंगे तो हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन अच्छे हैं।

रही बात परफॉर्मेंस की तो फोन में कहीं भी लैग नहीं मिलेगा और न ही इसमें हैंग होने की समस्या मुझे मिली, लेकिन बेंचमार्क स्कोर और गेमिंग स्कोर में थोड़ा पीछे नजर आता है। एनटूटू बेंचमार्क टेस्ट में यह फोन 16,90,573 तक का स्कोर कर रहा था, जबकि गीकबेंच 6 पर यह फोन सिंगल कोर में 2,512 तक का स्कोर और मल्टीकोर पर यह 5,946 तक का स्कोर करने में सफल रहा। ये सारे स्कोर सैमसंग गैलेक्सी एस26 और वीवो एक्स300 जैसे फोन के मुकाबले आधे से भी कम हैं।

परंतु कुछ जगहों पर फोन ने चौंका दिया। जैसे ऐप ओपन करने, मल्टी टास्किंग आदि में बहुत ही स्मूथ था। वहीं, फोन का बूट टाइम सिर्फ 9 सेकेंड का था, जो कि दूसरे किसी फोन से बहुत ही कम है। यानी कि यह काफी तेजी से ऑन होता है। कम ब्लोटवेयर और प्योर एंड्रॉयड का फायदा इसे मिलता है।

बेंचमार्क ऐप के बाद हमने इस गूगल पिक्सल 11 में कुछ गेम भी खेले और वहां का परिणाम भी औसत रहा। कॉल ऑफ ड्यूटी मोबाइल में यह फोन ग्राफिक्स के लिए मैक्स और एफपीएस के लिए अल्ट्रा सपोर्ट कर रहा था। हमने वेरी हाई + वेरी हाई में प्ले किया, जहां इसका ऐवरेज फ्रेम रेट सिर्फ 57 एफपीएस तक का रहा, जो कि औसत है। वहीं, 7 प्रतिशत तक का बैटरी ड्रॉप था, जो कि अच्छा है। हालांकि, गेमिंग में हमें कोई समस्या नहीं मिली और हीटिंग भी ज्यादा नहीं थी।

हमने फोन में स्ट्रेस टेस्ट भी किया, जहां यह फोन औसत से भी नीचे का स्कोर कर रहा था। सीपीयू थ्रॉटलिंग में इसका परफॉर्मेंस 50 प्रतिशत तक गिरा, जबकि बर्नआउट में 19 प्रतिशत तक नीचे चला गया। ऐसे में कह सकते हैं कि भारी-भरकम ऐप को यदि लंबे समय तक आप इस फोन में उपयोग करते हैं तो परफॉर्मेंस में गिरावट देखने को मिल सकती है।

बैटरी अच्छी है

पावर बैकअप के लिए गूगल पिक्सल 11 में 4,985 एमएएच की बैटरी दी गई है। फोन में 30 वॉट का वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट है। फोन में 25 वाट का वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट भी मिलता है। फोन को हमने 20 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक चार्ज किया, जिसमें लगभग 84 मिनट का समय लगा। वहीं, हमने पावर बैकअप जांचने के लिए इसमें पीसी मार्क बैटरी टेस्ट रन किया, जहां यह फोन 18 घंटा 43 मिनट से ज्यादा का बैकअप देने में सक्षम रहा। ऐसे में कह सकते हैं कि फोन की बैटरी बहुत ही ऑप्टिमाइज है और इतनी छोटी बैटरी में इतना बेहतर रिजल्ट अब तक बहुत कम ही फोन में मिला है।

निष्कर्ष

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निष्कर्ष में लंबी-चौड़ी बातें लिखने के बजाय कुछ शब्दों में साफ और स्पष्ट निर्णय देना बेहतर है और मैं यही कहूंगा कि यदि आप एक बेस्ट एंड्रॉयड फोन लेना चाहते हैं तो गूगल पिक्सल 11 आपके लिए है। कॉम्पैक्ट डिजाइन, स्मूथ ऑपरेटिंग सिस्टम, शानदार डिस्प्ले और बेहतर कैमरा इसे अच्छा बनाते हैं। वहीं, गेमिंग और हैवी टास्किंग करते हैं तो यह आपके लिए नहीं है।

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