
Reliance Jio, Airtel और Vi जैसी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को आगे बढ़ाने के चक्कर में BSNL इग्नोर हो रही है। ऐसी ही हेडलाईन के साथ हमनें कुछ समय पहले एक खबर पब्लिश की थी, जिसपर पाठकों की राय भी मांगी थी। वहीं अब सरकार ने इस ओर सजगता दिखाते हुए union budget 2022 में भारत संचार निगम लिमिटेड के लिए बड़ी सौगात पेश की है। बीएसएनएल को संकट से उबरने और निजी टेलीकॉम कंपनियों से मुकाबला करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 44,720 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी।
union budget 2022 में BSNL को वित्त वर्ष 2022-23 में केंद्र सरकार की ओर से 44,720 करोड़ रुपये की सहायता किए जाने का ऐलान किया गया है। एबीपी न्यूज ने बजट डॉक्यूमेंट्स के बिनाह पर बताया है कि केंद्र सरकार बीएसएनएल में 44,720 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी। इस पैसे का इस्तेमाल बीएसएनएल कंपनी 4G विस्तार के लिए करेगी जिससे पूरे देश में बीएसएनएल की 4जी सर्विस मुहैया कराई जा सके। इस धनराशि का यूज़ टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और रीस्ट्रकचरिंग पर भी खर्च किया जाएगा।

44,720 करोड़ रुपये की सहायता के साथ-साथ 3300 करोड़ रुपये वीआरएस अर्थात् Voluntary Retirement Scheme के लिए भी दिए जाएंगे। वीआरएस स्कीम के कुल 7443.57 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है जो बीएसएनएल और एमटीएनएल दोनों सरकारी टेलीकॉम कंपनियों के कर्मचारियों के लिए होगा। वहीं जीएसटी के लिए भी 3550 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान बीएसएनएल को किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली यह मदद BSNL के लिए बेहद फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है। यह भी पढ़ें : BSNL अपनाओ की मांग हो रही है तेज, क्या यही है सरकार के लिए सही मौका?
BSNL बार-बार मांग चुकी है मदद
रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2019 में भारी नुकसान से घिरी सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को सरकार की ओर से 69000 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी गई थी। वहीं पिछले साल सितंबर महीने में बीएसएनएल ने 40,000 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद की गुहार भी लगाई थी। गौरतलब है कि नई टेक्नोलॉजी में निवेश नहीं किए जाने के चलते बीएसएनएल लगातार अपने कस्टमर खो रही है। एक ओर जहां Jio, Airtel और Vi जैसी कंपनियां देश में 5G की राह में काम कर रही हैं वहीं BSNL ग्राहक अभी तक 4G के लिए तरस रहे हैं। यह भी पढ़ें : प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को आगे बढ़ाने के चक्कर में BSNL हो रही इग्नोर! क्या है इस मुद्दे पर आपकी राय?
पिछड़ रही BSNL
Jio, Airtel और Vi के पास BSNL की तुलना में कहीं अधिक मोबाइल यूजर्स हैं। प्राइवेट कंपनियों ने हाल ही में अपने मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे किए हैं लेकिन बीएसएनएल सस्ती होने के बावजूद अपना उपभोक्ता आधार बढ़ाने की जद्दोजहद में लगी है। दरअसल बीएसएनएल के पास उन सुविधाओं की कमी है जो आम मोबाइल यूजर को रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडफोन आइडिया के साथ मिल जाती है। इनमें 4G सर्विस एक मुख्य कारण है।

बीएसएनएल कंपनी अपने नेटवर्क, कवरेज, स्पेक्ट्रम व अन्य जरूरी कंपोनेंट्स के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं जुटा पा रही है। वहीं दूसरी ओर बीएसएनएल कर्मचारियों के लचर रवैये से भी आम जनता परेशान है। अलग-अलग ईलाकों से खबर आती है कि टॉवर, सर्वर व तार इत्यादि खराब होने के बाद लंबे समय तक कोई उनकी सुध लेने नहीं आती है। बहुत से लोगों का मानना है कि यदि BSNL अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर ले तो वो Jio, Airtel और Vi को छोड़कर बीएसएनएल को अपनाना पसंद करेंगे।




















