
टेलिकॉम कंपनी Airtel ने अपने यूजर्स के लिए नया प्लान पेश किया है। एयरटेल का यह नया प्लान एक डाटा पैक के तौर पर मार्केट में लाया गया है, जिसकी कीमत 119 रुपए है। Xstream Mobile Pack नाम से लाए गए इस प्लान का लाभ सिर्फ प्रीपेड यूजर्स को मिलेगा। इस पैक में डाटा के अलावा यूजर्स को 30 दिन के लिए एयरटेल एक्सट्रीम ऐप पर तीन में से एक ओटीटी चैनल का फ्री सब्सक्रिप्शन मिलता है। यूजर एयरटेल के इस डेटा-पैक को Airtel Thanks ऐप पर जाकर सब्सक्राइब कर सकते हैं। आइए आगे आपको इस प्लान में मिलने वाले डाटा की जानकारी देते हैं।
Airtel New Plan
इस डाटा पैक में कंपनी इंटरनेट यूजर को टोटल 15GB डाटा ऑफर कर रही है। यह प्लान यूजर के रनिंग प्लान की वैलिडिटी तक या 15जीबी डाटा के खत्म होने तक वैध रहेगा। इस प्लान की अपनी कोई वैधता नहीं है। इस रिचार्ज को ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों ही माध्याम से कराया जा सकेगा, जिसमें रिचार्ज होते ही यूजर्स के अकाउंट में तुरंत 15जीबी डाटा क्रेडिट कर दिया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Airtel Vs Vodafone Idea: दोनों कंपनियों के पास 79 रुपए वाला धांसू प्लान, जानें किस रिचार्ज में ज्यादा फायदा?

आपको बता दें कि डाटा क्रेडिट होने के बाद यूजर्स को 30 दिन का समय मिलेगा, जिसमें वे इरॉज नाउ (हिंदी), मनोरमा मैक्स (मलयालम) या Hoichoi (बंगाली) में से किसी एक ओटीटी चैनल को सिलेक्ट कर सकते हैं। पसंदीदा ओटीटी चैनल को एंडरॉयड और iOS डिवाइसेज पर एयरटेल एक्सट्रीम ऐप में जाकर सब्सक्राइब कराना होगा। इसके अलावा प्लान की वैलिडिटी और ओटीटी ऐप के सब्सक्रिप्शन की वैलिडिटी एक दूसरे से अलग है। ओटीटी ऐप की मंथली वैलिडिटी सब्सक्रिप्शन डेट से काउंट होगी।
JioPhone Next के लॉन्च से नहीं डरती एयरटेल!
हाला ही में एयरटेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, गोपाल विट्टल ने ईटी टेलीकॉम के साथ बातचीत में Jio Phone Next का हवाला देते हुए कंपनी (Airtel) को पता है कि इससे कैसे निपटा जाएगा। दरअसल, टेलिकॉम कंपनी Bharti Airtel ने Reliance Jio के किफायती 4G स्मार्टफोन, JioPhone Next से कॉम्पेटीशन को बनाए रखने के लिए कहा है कि वो सब्सिडी का रास्ता नहीं अपनाएगी। इसे भी पढ़ें: Jio और Airtel की राह चली Vi, अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री डाटा के साथ लॉन्च किए ये नए प्लान
उन्होंने कहा कि बैंक्स के साथ लोन के लिए साझेदारी करने के बजाय Airtel ने किफायती हैंडसेट्स के लिए ओरिजनल इक्यूपमेंट मेकर्स के साथ साझेदारी का रास्ता अपनाया था। उन्होंने सुझाव दिया है कि टेलीकॉम कंपनियां इस तरह के विकल्पों का चुनाव कर सकती हैं।






















