Bluetooth Tethering क्या है? जानें कब इस्तेमाल करना चाहिए?

आज के समय में लगभग हर स्मार्टफोन में मोबाइल डाटा कनेक्शन शेयर करने का विकल्प होता है। इसकी मदद से आप अपने फोन को एक पोर्टेबल इंटरनेट गेटवे में बदल सकते हैं और लैपटॉप, टैबलेट या दूसरे डिवाइस को इंटरनेट से कनेक्ट कर सकते हैं। आमतौर पर जब किसी डिवाइस को इंटरनेट से जोड़ना होता है, तो लोग तुरंत Wi-Fi हॉटस्पॉट का विकल्प चुनते हैं। लेकिन इसके अलावा भी एक ऐसा तरीका मौजूद है, जिस पर अक्सर ध्यान नहीं जाता है और वह है Bluetooth Tethering।
Bluetooth Tethering भी आपके फोन के मोबाइल डाटा को दूसरे डिवाइस के साथ शेयर करता है, लेकिन इसमें Wi-Fi नेटवर्क बनाने के बजाय Bluetooth कनेक्शन का उपयोग किया जाता है यानी आपका फोन मोबाइल नेटवर्क से इंटरनेट लेता है और Bluetooth के जरिए उसे दूसरे डिवाइस तक पहुंचाता है।
यह तरीका खासतौर पर उस समय उपयोगी हो सकता है जब आपको लंबे समय तक इंटरनेट की जरूरत हो, लेकिन बहुत ज्यादा स्पीड की आवश्यकता न हो। उदाहरण के लिए, अगर आप कैफे, ट्रेन स्टेशन या किसी ऐसी जगह पर काम कर रहे हैं जहां भरोसेमंद Wi-Fi उपलब्ध नहीं है और आपको सिर्फ ईमेल चेक करने, न्यूज पढ़ने या डॉक्यूमेंट पर काम करने के लिए इंटरनेट चाहिए, तो Bluetooth Tethering एक काम का विकल्प बन सकता है।
Wi-Fi Hotspot और Bluetooth Tethering में क्या अंतर है?
ब्लूटूथ टेथेरिंग (Bluetooth Tethering) को समझने का आसान तरीका यह है कि Wi-Fi Hotspot को एक छोटे और अस्थायी राउटर की तरह समझें। जब आप अपने फोन में Hotspot ऑन करते हैं, तो आपका स्मार्टफोन आसपास के दूसरे डिवाइस के लिए एक Wi-Fi नेटवर्क तैयार करता है। इसके बाद लैपटॉप या टैबलेट उस नेटवर्क से कनेक्ट होकर फोन का मोबाइल डाटा इस्तेमाल करता है।
यह तरीका तेज होता है और एक साथ कई डिवाइस को कनेक्ट करने की सुविधा देता है। हालांकि, Wi-Fi सिग्नल ब्रॉडकास्ट करने के लिए फोन को लगातार वायरलेस नेटवर्क चलाना पड़ता है। इससे फोन की बैटरी तेजी से कम होती है और लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर डिवाइस गर्म होने लगता है।
Bluetooth Tethering में ऐसा नहीं होता है। यहां फोन और दूसरे डिवाइस के बीच Bluetooth के जरिए एक छोटा, सीधा वायरलेस कनेक्शन बनाया जाता है। इसे ऐसे समझ सकते हैं जैसे दो डिवाइस के बीच एक अदृश्य वायर जुड़ी हो। इंटरनेट कनेक्शन इसी लिंक के जरिए दूसरे डिवाइस तक पहुंचता है।
यही वजह है कि Bluetooth Tethering में स्पीड कम होने के बावजूद कुछ परिस्थितियों में यह ज्यादा व्यावहारिक साबित हो सकता है।
Bluetooth Tethering कैसे काम करता है?
ब्लूटूथ टेथेरिंग में सबसे पहले आपका स्मार्टफोन अपने मोबाइल नेटवर्क के जरिए इंटरनेट से कनेक्ट रहता है। इसके बाद फोन और जिस डिवाइस पर इंटरनेट इस्तेमाल करना है, उन्हें Bluetooth के जरिए पेयर किया जाता है।
पेयरिंग पूरी होने के बाद स्मार्टफोन मोबाइल डाटा कनेक्शन को Bluetooth लिंक के जरिए दूसरे डिवाइस तक पहुंचाता है। दूसरे डिवाइस को अलग से Wi-Fi नेटवर्क खोजने या पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं होती है। इसका मतलब यह है कि अगर आपके पास इंटरनेट वाला स्मार्टफोन और Bluetooth सपोर्ट करने वाला लैपटॉप है, तो दोनों को पेयर करके आप लैपटॉप पर फोन का मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल कर सकते हैं।
iPhone में Bluetooth Tethering कैसे ऑन करें?
अगर आप iPhone इस्तेमाल करते हैं, तो Bluetooth Tethering के लिए पहले Settings को ओपन करें। इसके बाद Personal Hotspot सेक्शन में जाएं और Allow Others to Join का विकल्प ऑन करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि आपके iPhone का Bluetooth भी ऑन हो।
अब जिस डिवाइस पर इंटरनेट इस्तेमाल करना है, उसके Bluetooth सेटिंग में जाकर अपने iPhone को सर्च करें और दोनों डिवाइस को सामान्य Bluetooth पेयरिंग प्रक्रिया के जरिए कनेक्ट करें। कनेक्शन बनने के बाद इंटरनेट कनेक्शन शेयर किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि अलग-अलग iOS वर्जन या डिवाइस सेटिंग के आधार पर विकल्पों के नाम या उनकी जगह थोड़ी अलग हो सकती है।
Android फोन में Bluetooth Tethering कैसे ऑन करें?
Android फोन में Bluetooth Tethering शुरू करने के लिए सबसे पहले Settings ऐप को ओपन करें। इसके बाद Network & Internet या Connections जैसे विकल्प पर जाएं। अलग-अलग कंपनियों के फोन में इस सेक्शन का नाम अलग हो सकता है।
अब Hotspot & Tethering विकल्प को सर्च करें। यहां आपको Bluetooth Tethering का विकल्प दिखाई देगा। इसे ऑन कर दें।
इसके बाद अपने लैपटॉप या दूसरे डिवाइस में Bluetooth चालू करें और उसे अपने स्मार्टफोन के साथ पेयर करें। एक बार दोनों डिवाइस कनेक्ट हो जाएं, तो फोन का मोबाइल इंटरनेट Bluetooth के जरिए दूसरे डिवाइस पर इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आपके फोन में सेटिंग का रास्ता थोड़ा अलग है, तो Settings में ‘Bluetooth tethering’ या ‘Tethering’ सर्च करना सबसे आसान तरीका हो सकता है।
क्या है फायदा
Bluetooth Tethering का सबसे बड़ा फायदा इसकी कम पावर खपत है। Wi-Fi Hotspot इस्तेमाल करते समय स्मार्टफोन को लगातार Wi-Fi सिग्नल ब्रॉडकास्ट करना पड़ता है। लंबे समय तक ऐसा करने पर बैटरी तेजी से खत्म हो सकती है और फोन गर्म भी हो सकता है।
इसके मुकाबले आधुनिक Bluetooth तकनीक को कम पावर इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसलिए Bluetooth Tethering के दौरान फोन की बैटरी पर आमतौर पर Wi-Fi Hotspot की तुलना में कम दबाव पड़ता है।
मान लीजिए आप किसी कैफे में लैपटॉप पर कई घंटों तक काम कर रहे हैं। आपको सिर्फ डॉक्यूमेंट एडिट करने, ईमेल भेजने और कुछ वेबसाइट खोलने के लिए इंटरनेट चाहिए। ऐसी स्थिति में Wi-Fi Hotspot चलाने के बजाय Bluetooth Tethering इस्तेमाल करने से फोन को लगातार Wi-Fi नेटवर्क ब्रॉडकास्ट नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि वास्तविक बैटरी खपत फोन, Bluetooth वर्जन, मोबाइल नेटवर्क, स्क्रीन ऑन टाइम और दूसरे बैकग्राउंड प्रोसेस पर निर्भर करती है। इसलिए इसे बैटरी बचाने का गारंटीड तरीका नहीं समझना चाहिए, बल्कि कम पावर वाले कनेक्शन विकल्प के तौर पर देखना बेहतर है।
Security के मामले में कितना बेहतर?
Bluetooth Tethering का एक और फायदा यह है कि इसका कनेक्शन अपेक्षाकृत ज्यादा निजी रहता है। Wi-Fi Hotspot ऑन करने पर आपके फोन का नेटवर्क आसपास मौजूद डिवाइस को दिखाई दे सकता है। भले ही आपने मजबूत पासवर्ड लगाया हो, फिर भी सार्वजनिक जगह पर एक एक्टिव Wi-Fi नेटवर्क ब्रॉडकास्ट हो रहा होता है।
Bluetooth Tethering में फोन और दूसरे डिवाइस के बीच पेयरिंग जरूरी होती है। यानी सामान्य स्थिति में कोई व्यक्ति सिर्फ आपके आसपास बैठकर आपके फोन का Bluetooth इंटरनेट कनेक्शन इस्तेमाल नहीं कर सकता है।
यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो कैफे, एयरपोर्ट, ट्रेन स्टेशन या दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर लैपटॉप से काम करते हैं। हालांकि Bluetooth Tethering को पूरी तरह सुरक्षित मानना सही नहीं होगा। आपको फिर भी अपने फोन और दूसरे डिवाइस में मजबूत सुरक्षा, अपडेटेड सॉफ्टवेयर और सुरक्षित पेयरिंग व्यवहार बनाए रखना चाहिए।
कब इस्तेमाल करना चाहिए?
Bluetooth Tethering का इस्तेमाल तब सबसे ज्यादा समझदारी भरा है जब आपको लगातार लेकिन कम स्पीड वाला इंटरनेट कनेक्शन चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आप न्यूज वेबसाइट पढ़ रहे हैं, ईमेल भेज रहे हैं, ऑनलाइन डॉक्यूमेंट में काम कर रहे हैं या Slack जैसे मैसेजिंग टूल पर टीम से बातचीत कर रहे हैं, तो Bluetooth Tethering पर्याप्त हो सकता है।
मान लीजिए आप पूरे दोपहर लैपटॉप पर काम करने के लिए फोन को बैग में रखकर चल रहे हैं। अगर आपके काम में सिर्फ टेक्स्ट आधारित वेबसाइट, ईमेल और डॉक्यूमेंट शामिल हैं, तो Bluetooth कनेक्शन एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है।
इसी तरह, अगर किसी जगह Wi-Fi उपलब्ध नहीं है, लेकिन आपके फोन में अच्छा मोबाइल डाटा कनेक्शन है, तो Bluetooth Tethering आपको बिना Wi-Fi Hotspot चलाए इंटरनेट से जुड़े रहने का तरीका देता है।
कब इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?
Bluetooth Tethering की सबसे बड़ी कमी इसकी स्पीड और बैंडविड्थ है। Wi-Fi Tethering आमतौर पर Bluetooth Tethering की तुलना में काफी तेज होती है। इसलिए अगर आपका काम ज्यादा डाटा और हाई स्पीड मांगता है, तो ब्लूटूथ सही विकल्प नहीं होगा।
उदाहरण के लिए, अगर आप लैपटॉप पर वीडियो कॉल करने वाले हैं, बड़ी फाइल डाउनलोड करनी है, हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीम करना है या ऑनलाइन गेम खेलना है, तो Wi-Fi Hotspot ज्यादा उपयुक्त रहेगा।
इसी तरह बड़ी ईमेल अटैचमेंट डाउनलोड करने, क्लाउड पर बड़ी फाइल अपलोड करने या 4K वीडियो स्ट्रीम करने जैसे कामों में Bluetooth कनेक्शन की सीमित बैंडविड्थ साफ महसूस हो सकती है।
Bluetooth Tethering में कनेक्शन की समस्या
Bluetooth Tethering पूरी तरह परेशानी से मुक्त नहीं है। कभी-कभी Bluetooth पेयरिंग में समस्या आ सकती है या कनेक्शन अचानक टूट सकता है। कुछ डिवाइस एक-दूसरे के साथ आसानी से कनेक्ट नहीं होते और ऐसी स्थिति में Bluetooth को बंद करके दोबारा ऑन करना या डिवाइस को फिर से पेयर करना पड़ सकता है।
इसके अलावा, फोन और लैपटॉप के बीच दूरी बढ़ने पर Bluetooth कनेक्शन की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। इसलिए अगर आपको ज्यादा स्थिर और तेज इंटरनेट चाहिए, तो Wi-Fi Hotspot बेहतर विकल्प हो सकता है।
कुल मिलाकर देखें, तो Bluetooth Tethering को Wi-Fi Hotspot का सीधा विकल्प मानने के बजाय एक अलग जरूरत के लिए इस्तेमाल करना ज्यादा सही है। अगर आपको हाई-स्पीड इंटरनेट चाहिए, बड़ी फाइल डाउनलोड करनी है या वीडियो स्ट्रीम करना है, तो Wi-Fi Hotspot ज्यादा व्यावहारिक रहेगा। लेकिन अगर आपका काम ईमेल, वेब ब्राउजिंग, चैटिंग और डॉक्यूमेंट एडिटिंग जैसे हल्के कामों तक सीमित है और आप फोन की बैटरी पर कम दबाव रखना चाहते हैं, तो Bluetooth Tethering उपयोगी साबित हो सकता है।
यानी अगली बार जब आपको लैपटॉप पर इंटरनेट की जरूरत हो और Wi-Fi Hotspot चलाने का मन न हो, तो फोन की Bluetooth Tethering सेटिंग जरूर देखें। यह सबसे तेज कनेक्शन नहीं है, लेकिन सही परिस्थिति में बिना ज्यादा बैटरी खर्च किए लंबे समय तक ऑनलाइन रहने का आसान तरीका हो सकता है।