झूठी ख़बरों, अफवाहों व गलत विज्ञापनों को रोकेंगे गूगल और फेसबुक

सोशल मीडिया व इंटरनेट के युग में कोई भी ख़बर आग की तेजी से फैलती है और थोड़े ही समय में विश्व के अलग-अलग कोनों तक पहुॅंच जाती है। परंतु इस तकनीकी सुविधा का गलत फायदा उठाने वालों की भी कमी नहीं है। इंटरनेट के माध्यमों का दुरुपयोग करते हुए गलत ख़बरों व जानकारियों को फैलाया जाता है। इसका ताज़ा उदाहरण अमेरिका में हुए मतदान में देखने को मिला। जहां गूगल व फेसबुक के माध्यम से अनेक प्रकार की झूठी ख़बरों और अफवाहों को फैलाया गया।
परंतु अब इस तरह की ख़बरों पर लगाम लगाते हुए गूगल और फेसबुक की ओर से अपनी ऐड्वर्टाइज़्मेंट नीतियों में बदलाव किये गए हैं जिसके बाद वेब पेज़ पर आने वाले पॉप-अप तथा ऐड पर निगरानी रखने के साथ ही रोक भी लगाई जाएगी। ऐड-सेलिंग नेटवर्क का प्रयोग करते हुए ये कंपनियां फेक जानकारियों को रोकेगी। हालांकि इस फैसले के बाद इन नामी कंपनियों की आय पर भी भारी प्रभाव पड़ने का अंदेशा है।
गूगल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ऐड-सेलिंग नेटवर्क के जरिये गूगल के पेज़ पर आने वाली ऐसी ख़बरों व विज्ञापनों को पूर्णत: बैन रखा जाएगा जिन्हें गलत ढंग से पेश किया गया हो व जिनमें गलत बयान दिया गया हो तथा जिनमें प्रकाशकों की जानकारी, उनका नाम व उद्देश्यों को स्पष्ट न किया गया हो। गूगल की इस सूची में फेक न्यूज़ वेबसाईट्स को भी जोड़ा गया है।
गूगल द्वारा की गई घोषणा के बाद विश्व की सबसे बड़ी सोशल साईट फेसबुक ने भी अपनी नीतियों में तत्काल बदलाव किए है। जिसमें फेक वेबसाईट्स तथा किसी भी नियम पर खरी न उतरने वाली ऐड्वर्टाइज़्मेंट को ब्लॉक रखा जाएगा।
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गूगल व फेसबुक के इस फैसले से यह तो साफ हो जाता है कि झूठी ख़बरों व गलत विज्ञापनों को रोकने में वह कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते परंतु दोनों में से किसी भी कंपनी की ओर से अभी ऐसा कोई खाका सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिसमें फेक न्यूज़ वेबसाईट्स की पहचान करने तरीकों को बताया गया हो।
हालांकि इतना तो साफ है कि अपने पेज़ पर ऐड को न चलाने से इन दोनों कंपनियों आर्थिक तौर पर नुकसान ज़रूर पहुॅंचेगा।