जानें क्यों होती है फोन की बैटरी ब्लास्ट

पिछले कुछ माह से फोन बैटरी ब्लास्ट की एक के बाद एक कई खबरें आ रही हैं। इसमें सैमसंग गैलेक्सी नोट 7, एप्पल आईफोन 7, गैलेक्सी एस7 ऐज, और शाओमी मी4आई सहित कई बड़े नाम शामिल हैं। ऐसे में आपको यह भी समझ आ गया होगा कि आपके फोन की भी बैटरी बहुत सुरक्षित नहीं है। परंतु क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर फोन की बैटरी ब्लास्ट क्यों होती है और यदि बैटरी ब्लास्ट हो जाए तो कितना नुकसानदेह है।
लीथियम आयन बैटरी
जैसा कि मालूम है मोबाइल फोन में लीथियम आयन बैटरी का उपयोग होता है। यह एक पोर्टेबल बैटरी टाइप है जो रिचार्जेबल है। साथ ही हाईकपैसिटी पावर देने में सक्षम है। वहीं इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह लंबे समय तक चार्ज रह सकता है। यही वजह है कि फोन में इस बैटरी तकनीका उपयोग होता है।
लीथियम आयन बैटरी भी डबल ए बैटरी के समान ही है जिसमें तीन भाग होता है। यह कोबाल्ट आॅक्साइड पोजेटिव इलेक्ट्रोड जिन्हें हम कैथोड भी कहते हैं और ग्रेफाइड कार्बन नेगेटिव इलेक्ट्रोड जिन्हें एनोड कहते हैं के संयोग से बना होता है। इसके अलावा तीसरा भाग होता है इलेक्ट्रोलायट कैमिकल। कैथोड धनात्मक (पोजेटिव) पावर है जबकि एनोड रिनात्मक ;नेगेटिवद्ध पावर है। तकनीकी रूप से ये दोनों कैथोड और एनोड इलेक्ट्रोलायट कैमिकल के अंदर होते हैं। अर्थात एक ही केमिकल के बक्से या थैली में होते हैं लेकिन उन्हें अलग-अलग खाने में रखा जाता है।
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जब फोन चार्ज होता है तो आयन कैथोड से एनोड की ओर प्रवाहित होते हैं और जब फोन डिसचार्ज होने लगता है तो आयन एनोड से कैथोड की ओर प्रावाहित होते हैं। इस तरह फोन में पावर स्पलाई होती है।
क्यों होती है बैटरी ब्लास्ट
जैसा कि हमने पहले ही जानकारी दी कि कैथोड और एनोड आयन एक ही केमिकल वाले बक्से में होते हैं लेकिन अलग—अगल खानों में रखे जाते हैं। यदि ये दोनों मिल जाएं तो ब्लास्ट हो जाता है। बैटरी निमार्ण के दौरान इन आयन को इन्सुनलेशन टेप, प्लास्टिक स्ट्रीप या फिर रबर स्ट्रीप से अलग किया जाता है। परंतु हीट, शार्ट सर्किट, निर्माण के दौरान तकनीकी गलती या किसी भी अन्य कारणों की वजह से दोनों आयन एक साथ मिल जाते हैं और इसकी वजह से बैटरी ब्लास्ट होती है।
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जिस तरह से आज स्लीम फोन के साथ बड़ी बैटरी की मांग बढ़ रही है ऐसे में बैटरी ब्लास्ट होने का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। क्योंकि फोन के साथ कंपनियां बैटरी को भी स्लिम रखने की कोशिश करती हैं।
बैटरी ब्लास्ट के नुकसान
आपने कई बार सुना होगा कि बैटरी ब्लास्ट होने से हाथ, चेहरा या पैर जल गया। कार में फोन जलने की भी खबर आई है लेकिन एक ऐसा भी नुकसान है जिसका अंदेशा आपको शायद नहीं है। स्मार्टफोन्स की बैटरियों से दर्जनों खतरनाक गैसें निकलती हैं। शरीर के लिए काफी हानिकारक हैं। इसके चलते वैज्ञानिकों ने भी चेतावनी दी है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि एक पूरी तरह से चार्ज बैटरी करीब 50 प्रतिशत चार्ज बैटरी के मुकाबले ज्यादा विषैली गैसें उत्सर्जित करती हैं। बैटरी में शामिल रसायन और उनकी चार्ज रिलीज करने की क्षमता भी जहरीली गैसें छोड़ने की मात्रा पर असर डालता है। इस अध्ययन के लिए करीब 20 हजार लिथियम आयन बैटरियों को दहन के बिंदु तक गर्म किया। इससे कई उपकरणों में विस्फोट हुआ और सभी में एक रेंज तक विषैली गैसों का उत्सर्जन हुआ।
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हाल में एक वाक्या भी सामने आया है जब फोन में आग लगने के कुछ सेकेंड में ही एक महिला बेहोश हो गई थी। हालांकि वहीं उसका पति था जिसने महिला की जान बचाई। ऐसे आप सोच सकते हैं कि बैटरी कितना जहरीला है। इसलिए यदि फोन को बेड पर लेकर सोते हैं, राथ में अगल में ही चार्ज पर लगाए रखते हैं तो सावधान हो जाएं।