Redmi Note 7 Pro में हुआ था ब्लास्ट, कंपनी ने नया फोन और बैग देकर मामले को किया शांत

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गत शनिवार Xiaomi से जुड़ी खबर सामने आई थी जिसने न सिर्फ शाओमी फैन्स बल्कि अन्य स्मार्टफोन यूजर्स का भी दिल दहला दिया था। ब्रांड के Redmi Note 7 Pro स्मार्टफोन में आग लगने से ब्लास्ट हो गया था। इस खबर को 91मोबाइल्स सहित देश के अन्य प्रकाशक व वेबसाइट्स ने भी प्रमुखता से पब्लिश किया था। पता चला था कि एक युवक के कुछ ही महीने पुराने स्मार्टफोन की बैटरी में धमाका हुआ था। इस हादसे में यूजर तो हालांकि सुरक्षित बच गया था, लेकिन उसके फोन के साथ ही बैग व अन्य सामान को क्षति पहुॅंची थी। वहीं अब हमें जानकारी मिली है कि Xiaomi ने अपने यूजर को भरपाई के तौर पर एक नया फोन और बैग दिया है।

नए पाठकों को बता दें कि गुरूग्राम निवासी विकास कुमार ने पिछले साल के अंतिम महीनों में Redmi Note 7 Pro स्मार्टफोन खरीदा था। फोन नया ही था और उसमें कोई खराबी भी नहीं थी। पिछले हफ्ते जब फोन युवक की पैन्ट की जेब में रखा हुआ था तो अचानक से बेहद गर्म हो गया। युवक ने जब फोन के पॉकेट से निकालकर बैग पर रखा तो कुछ ही क्षणों बाद उसमें आग लग गई और ब्लास्ट हो गया।

Redmi Note 7 Pro को समय रहते पैंट की पॉकेट से निकाल दिया गया था और इसी वजह से फोन जेब के अंदर नहीं बल्कि बाहर फटा। इस भयंकर हादसे में विकास कुमार तो बच गया लेकिन उसका फोन, बैग और कुछ समान जल गया। विकास का आरोप था कि गुरूग्राम स्थित शाओमी सर्विस सेंटर पर उसके प्रति अनुचित व्यवहार अपनाया गया। वहीं शाओमी ने इस घटना पर कमेंट किया है कि “कंपनी अपने प्रोडक्ट्स के निर्माण में सुरक्षा के लिहाज से सभी जरूरी पहलुओं का ध्यान रखती है। Redmi Note 7 Pro में आग लगने के कारणों को हमनें जांचा और पाया है कि यूजर द्वारा फोन से छेड़छाड़ की गई थी और स्मार्टफोन की बैटरी पर बाहर से दबाव डाला गया था।

बहरहाल अपने यूजर और उसके नुकसान की भरपाई करते हुए Xiaomi द्वारा विकास कुमार को नया Redmi Note 7 Pro स्मार्टफोन और एक शाओमी बैग दे दिया गया है। वहीं सर्विस सेंटर को लेकर उनका जवाब था कि, “वहां काम करने वाले कर्मियों को खास ट्रेनिंग दी जाती जिसमें कस्टमर सैटिस्फैक्शन प्रमुख है। ऐसे में उनकी ओर से कोई भी दुर्व्यवहार नहीं किया गया है।

Redmi Note 7 Pro fire blast in gurugram Xiaomi gave new phone and bag to user to dismiss the case

शाओमी की स्टेटमेंट आने के बाद हमने फिर से कंज्यूमर से संपर्क साधा और कंपनी की स्टेटमेंट से अवगत कराया। यह भी पूछा कि क्या फोन पहले से डैमेज था। इस पर उन्होंने शाओमी के स्टेटमेंट को झुठलाते हुआ कहा कि “फोन पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं था और न ही उससे किसी तरह की कोई छेड़छाड़ की गई थी।” वहीं सर्विस सेंटर कर्मी के व्यवहार के बारे में विकास ने कहा कि “बहुत खराब था। पहले उन्हें कहा गया कि आप ही फोन जला कर लाए हो। काफी बहस के बाद उन्होंने फोन को जमा लिया लेकिन कार्रवाई तब तक नहीं हुई जब तक की खबर मीडिया में नहीं आ गई। बाद में उन्होंने मुझे नया फोन और बैग भी दे दिया।

इस हादसे की विस्तृत रिपोर्ट पढ़ने के लिए (यहां क्लिक करें)

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