
आज के समय में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाला लगभग हर शख्स वायर वाले ईयरफोन या हेडफोन के तारों की उलझन से परेशान है। हम कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन कभी न कभी बैग या पॉकेट में रखे हुए ईयरफोन व हेडफोन की तार उलझ ही जाती है। वहीं, इन तार को सुलझाने में कई बार काफी समय लग जाता है। लेकिन, अगर आप मेरी तरह ही वायर वाले ईयरफोन और हेडफोन से परेशान हो चुके हैं तो मार्केट में कई वायरलेस ईयर फोन व हेडफोन मौजूद हैं। लेकिन, अब मार्केट में ट्रेंड ट्रू वायरलेस ईयरबड्स का चल रहा है।
सैमसंग, नोकिया और एप्पल मार्केट में अपने ट्रू वायरलेस ईयरबड्स पेश कर चुकी हैं। वहीं, दूसरी ओर Skullcandy भी मार्केट में अपने ट्रू वायरलैस ईयरबड्स के साथ ग्राहकों को एक और ऑप्शन दे रही है। कंपनी ने कुछ समय पहले भारतीय बाजार में अपने Skullcandy Push ईयरबड्ल को लॉन्च किया था, जिसकी कीमत 9,999 रुपये है। हमें Skullcandy Push यूज करने का मौका मिला तो हमने यह जानने की कोशिश की क्या यह मार्केट Samsung Galaxy Buds और Nokia True Wireless ईयरफोन को टक्कर दे पाएगा। क्योंकि प्राइस में यह जरा भी कम नहीं। ऐसे में यूजर्स इन्हें चुनें तो क्यों चुनें इसका जवाब भी जानना जरूरी था।
डिजाइन और स्पेसिफिकेशन्स
अगर बात करें Skullcandy Push के डिजाइन की तो यह आपको इतना आकर्षित नहीं करेगा, जिसकी उम्मीद हम एक ट्रू वायरलेस ईयरबड्स से करते हैं। हालांकि, में बहुत खराब नहीं कर रहा पर औसत दर्जे का है। एक बार इस्तेमाल करने के बाद आपको इसके डिजाइन की आदत पड़ जाएगी। दोनों ही ईयरबड्स में अलग-अलग बटन दिए गए हैं जो कि पावर ऑन-ऑफ और वॉल्यूम को कंट्रोल करने का काम करते हैं।
Push का केस थोड़ा बड़ा है, लेकिन यह आसानी से आपकी पॉकेट में आ सकता है। केस में छोटी सी एलईडी लाइट इंडिकेटर मौजूद है, जो आपको बैट्री की जानकारी देगा। केस के दाईं ओर टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट मौजूद है। एलईडी लाइट इंडिकेटर के साथ ही आपको एक बटन दिखाई देगा, जिसे प्रेस कर आप इसकी बैट्री की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
कंफर्ट
अगर इसके केस की तुलना सैमसंग Buds के केस से करें तो Skullcandy Push का केस थोड़ा बड़ा है जो कि आपकी पॉकेट में रखा हुआ अजीब लगता है। इसी के साथ जब आप Push का इस्तेमाल करेंगे तो ईयरफोन्स अलग से कान से बहार निकल कर आएंगे। इसका मतलब यह नहीं है की ईयरबड्स अनकम्फर्टेबल हैं। कान में अच्छे से फिट होने के बाद भी आप इसका लुत्फ उठा सकते हैं। साथ ही इसकी अच्छी बात यह है कि Push काफी लाइटवेट हैं।
आप ट्रैवल करते वक्त भी इन्हें इस्तेमाल करते हैं तो आपको कुछ परेशानी नहीं होती। इसे लम्बे समय तक पहन कर रखने पर भी आपके कानों को कोई दर्द नहीं होगा या अजीब नहीं लगेगा। मेट्रो में भीड़ में ट्रैवल करते समय मैंने इसका इस्तेमाल किया। लेकिन, इस दौरान किसी दूसरी पैसेंजर का हाथ लगने पर यह बाहर निकल कर नीचे गिर गया। इसकी फिटिंग उतनी अच्छी नहीं है जितना की सैमसंग या फिर एप्पल की। अगर आप इन्हें वर्काउट या रनिंग के दौरान इस्तेमाल करना चाहते हैं तो मेरी सलाह यह होगी कि आप इसे न यूज करें। हालांकि, बैठे हुए या सड़क पर चलते हुए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
परफॉर्मेंस
Push को कंपनी ने ऑटो पावर ऑन व ऑटो पावर ऑफ के साथ पेश किया है, जिसका मतलब है कि केस से बाहर निकालते ही यह ऑन हो जाएंगे और इन्हें केस में रखने पर यह ऑफ हो जाएंगे। इसकी साउंड क्वालिटी की बात करें तो हमने अलग-अलग ऐप्स के साथ इसका म्यूजिक सुना। गाना ऐप और गूगल म्यूजिक के साथ इसकी परफॉर्मेंस काफी अच्छी थी। मिड, वोकल, बेस के मामले में बड्स अच्छी साउंड क्वालिटी ऑफर करते हैं। लेकिन, बेस के मामले में Push काफी आगे रहता है। इसके अलावा इन ईयरबड्स का इस्तेमाल हमने Pubg गेम खेलने के दौरान किया तो इसकी साउंड क्वालिटी किसी नॉर्मल ईयरफोन्स जैसी रही।
अलग-अलग ऐप्स और अलग-अलग तरह के गाने सुनने के बाद हम यह कह सकते हैं कि इसकी साउंड क्वालिटी काफी दमदार है। हालांकि, इसका नॉयस कैंसलेशन इतना बेहतर नहीं है। लेकिन, फिर भी बाहर का साउंड आपके कानों तक काफी कम पहुंचता है।
ऐसे करें कनेक्ट
दोनों ही ईयरबड्स के साइड में बटन है, जिसका इस्तेमाल कर आप कई काम कर सकते हैं। एक सिंगल टैप से म्यूजिक को प्ले या पॉज किया जा सकता है। हालांकि, इसे शुरू में अपने फोन से कनेक्ट करने में आपको थेड़ी परेशानी हो सकती है। लेकिन, इसके लिए हम आपको बता देते हैं कि आप अपने फोन से पहली बार इस Skullcandy Push को कैसे कनेक्ट करें। आपके दोनों बड्स को केस में से निकालने के बाद लेफ्ट वाले बड को लगभग 7 सेकेंड तक टैप करना होगा। इसके बाद आपके फोन में ब्लूटूथ पर Push का नाम दिखाई देगा और आप इसे फोन से कनेक्ट कर सकते हैं।
इसके साथ ही लेफ्ट बड के बटन को 5 सेकेंड तक प्रेस करने पर इन्हें ऑफ किया जा सकता है। वहीं, वॉल्यूम को बढ़ाने के लिए राइट बड के बटन को दो बार टैप करना होगा और वॉल्यूम कम करने के लिए लेफ्ट बटन को दो बार टैप करने होगा। वहीं, अगला सॉन्ग प्ले करने के लिए राइट बड के बटन को तीन सेकेंड तक प्रेस करना होगा। अगर आप ईयरबड्स पर कॉल रिसीव/एंड करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको लेफ्ट वाले बड पर टैप करना होगा।
बैट्री
केस में रखते ही आपके ईयरबड्स चार्ज होने लग जाते हैं। एक बार चार्ज करने पर आप Push ईयरबड्स को 2 बार पूरा चार्ज कर पाएंगे। इसका बैट्री बैकअप कैसा है, यह पूरी तरह से इसलिए नहीं बताया जा सकता क्योंकि जब भी आप इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे तो बड्स को केस में ही रखेंगे और वो चार्ज हो जाएंगे। लेकिन पूरे दिन में 2-3 घंटे के इस्तेमाल में यह लगभग 2 दिन तक चल जाते हैं। केस को फुल चार्ज होने में करीब 1 घंटे का समय लगता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहें तो परफॉर्मेंस सही है लेकिन डिजाइन और कीमत की वजह से यह पीछे रह जाता है। आप वायरलेस इयरफोन का उपयोग कर रहे हैं तो भीड़—भाड़ में या एक्सरसाइज के दौरान जरूर उपयोग करना चाहेंगे और यहीं यह परेशान करता है। इसके अलावा कीमत बहुत ज्यादा है। ऐसे में मेरी सलाह इसे न लेने की ही होगी।



















