
Xiaomi कंपनी के लिए ये दिन कुछ ज्यादा अच्छे नहीं चल रहे हैं। ऐसी नहीं है कि इंडिया में इस नंबर वन स्मार्टफोन ब्रांड के मोबाइल फोन फ्लॉप होने लगे है। परंतु कई अन्य कारणों से शाओमी की साख लगातार बिगड़ती ही जा रही है। कुछ दिनों पहले खबर सामने आई थी कि शाओमी ने अपने एक एलसीडी स्क्रीन वाले स्मार्टफोन को Samsung एमोलेड डिसप्ले वाला फोन बताकर बेचा था और इस वजह से कंपनी पर जुर्माना लगाया गया था। वहीं Xiaomi India के लिए भी एक बुरी खबर आई है कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने कंपनी पर 653 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप लगाया है।
Xiaomi India पर टैक्स चोरी का आरोप
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने शाओमी इंडिया पर 653 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप लगाया है और इस बाबत जॉंच शुरू करने के साथ ही कंपनी को show cause notice यानी कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया है। प्राप्त जानकारी अनुसार शाओमी टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड यानी Xiaomi India पर कस्टम ड्यूटी के जरिये घपला करने का आरोप लगा है और कहा गया है तीन सालों में इस कंपनी ने लगभग 653 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी बचाई है।
रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2017 से लेकर जुलाई 2020 तक शाओमी इंडिया ने अपने प्रोडक्ट इम्पोर्ट को अंडर वैल्यूएशन रखा है। पाठकों को आसान शब्दों में समझाए तो शाओमी पर आरोप है कि कंपनी ने स्मार्टफोन व अन्य प्रोडक्ट्स बनाने के लिए जो चीजें या पार्ट्स बाहर देश से भारत में मंगाए हैं उनका मूल्य वास्तविक कीमत से कम बताया है। सामान की वैल्यू कम बताते हुए शाओमी ने उसपर लगने वाली कस्टम ड्यूटी में भी कम पैसा देते हुए आयकर विभाग को करीब 653 करोड़ रुपये का चूना लगाया है।
शाओमी दफ्तरों पर पड़े छापे
टैक्स चोरी के मामले पर राजस्व खुफिया निदेशालय यानी DRI द्वारा जांच शुरू कर दी गई है और साथ ही शाओमी इंडिया को 3 शो कॉज़ नोटिस भी भेजे गए हैं। निदेशालय की ओर से कई शहरों में शाओमी ऑफिस पर छापेमारी करते हुए तलाशी भी ली गई है जहां से कई गलत डॉक्यूमेंट भी बरामद हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन दस्तावेजों के तार शाओमी मोबाइल सॉफ्टवेयर बीजिंग के साथ जुड़े हैं जो रॉयल्टी व लाइसेंस फीस के हुई हेरफेर को दर्शाते हैं। Xiaomi India पर कस्टम एक्ट, 1962 के सेक्शन 14 और कस्टम वैल्यूएशन नियम 2007 का उल्लंघन करने के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है।






















