
मोबाइल पर आज सभी तरह के कंटेंट हैं लेकिन जब आप टीवी पर वीडियो देखते हैं तो उसकी बात ही कुछ और होती है। बड़ी सी स्क्रीन पर डॉल्बी साउंड के साथ पूरा अंदाज ही बदल जाता है। कुछ घंटों मे ही आप तनाव को भूलकर टीवी में ही खो जाते हैं। वास्तव में इंटरटेनमेंट का सही मजा टीवी में ही है और टीवी पूरा परिवार देख रहा हो तो फिर क्या कहना। ऐसा लगता है सारा पल यहीं बस थम जाए। हालांकि कुछ साल पहले तक टीवी का यह शोर थम गया था परंतु जबसे टीवी स्मार्ट हो गया है तब से फिर से इसकी मांग बढ़ गई है। जी हां, फोन की तरह अब टीवी भी स्मार्ट हो गए हैं।
क्यों कहते हैं Smart TV

बहुत से लोगों के मन में यही सवाल आता होगा कि आज टीवी को स्मार्ट क्यों कहने लगे? तो चलिए सबसे पहले मैं इसका ही जवाब देता हूं। पुराने टीवी में आपको एक अच्छा डिसप्ले मिलता था। उसमें कनेक्टिंग पोर्ट होते थे जिससे केबल या कोई एक्सटर्नल डिवाइस कनेक्ट करके प्रोग्राम देखते थे। उस टीवी में खुद का कोई प्रोग्राम नहीं होता था। केबल नहीं तो कुछ नहीं। अगर किसी में मिला भी तो एक दो छोटे—छोटे प्रीलोडेड गेम्स। इसके अलावा कुछ भी नहीं। इसलिए वे सिर्फ टेलीवीज़न थे न कि स्मार्ट टीवी। इसे भी पढ़ें: चीन नहीं जापान में बनी थी पहली लिथियम बैटरी, जानें बैटरी का पूरा इतिहास
नए जमाने के Smart TV की जब बात करते हैं तो इसमें स्मार्ट ऐप्स प्रीलोडेड होते हैं। जो बिना किसी एक्सटर्नल डिवाइस के भी सर्विस प्रदान करने में सक्षम हैं। साधारण शब्दों में कहें तो स्मार्ट टीवी एक ऐसा टेलीवीजन है, जहां प्रोग्राम इंटरनेट के माध्यम से दिखाए जाते हैं। केबल का ऑप्शन तो होता है लेकिन आप चाहें तो बिना केबल के भी वायरलेस कनेक्टिविटी के माध्यम से कंटेंट प्ले कर सकते हैं। इसमें वायर्ड या वाईफाई के माध्यम से इंटरनेट कनेक्शन होता है।

स्मार्ट टीवी किसी खास ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित होते हैं और इनमें स्मार्टफोन के समान ही ऐप्लिकेशन और गेम इंस्टॉल होते हैं। इसके अलावा वेब सर्फिंग, कंटेंट डाउनलोड और ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग सहित अन्य सेवाओं का भी लाभ लिया जा सकता है। हालांकि ज्यादातर लोग इसे एंड्रॉयड टीवी कहते हैं लेकिन Smart TV का मतलब सिर्फ एंड्रॉयड टीवी ही नहीं है बल्कि इस क्षेत्र में कई दूसरे प्लेयर भी उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: ब्रांड Samsung की अनकही कहानी: जानें कैसे बना ट्रेडिंग कंपनी से विश्व का नंबर एक मोबाइल निर्माता!
ओएस बेस्ट नए स्मार्ट टीवी में भी केबल, एंटीना, सेट टॉप बॉक्स, सीडी और डीवीडी आदि के उपयोग की सुविधा होती है। इसके अलावा टीवी में स्टोरेज, रैम, यूएसबी, एचडीएमआई और एक्सटनर्ल हार्डवेयर सपोर्ट के लिए भी पोर्ट्स होते हैं।
स्मार्ट टीवी की सिर्फ इतनी ही विशेषता नहीं है बल्कि आप इसमें यूट्यूब, फेसबुक सहित सोशल नेटवर्किंग ऐप, फिटनेस ऐप, वीडियो चैट, एजुकेशन और ओटीटी जैसी सेवाएं चला सकते हैं। इसके अलावा बिना किसी वायर के आप अपने स्मार्टफोन को इससे कनेक्ट कर सकते हैं।
Smart TV खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ख्याल
स्मार्ट टीवी की इन्हीं खासियतों को देखते हुए आज इसकी काफी डिमांड देखने को मिल रही है। बजट छोटा हो या बड़ा हर कोई टीवी स्मार्ट ही चाहता है। यदि आप भी नया टीवी लेने का प्लान कर रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जिनका जिक्र हमने आगे किया है।
1: बड़ी स्क्रीन साइज होगा ज्यादा बेहतर- पहले घरों में 21 इंच का टीवी बहुत बड़ा माना जाता था परंतु अब आप 32 इंच भी लेकर आ रहे हैं तो छोटा है। कमरा थोड़ा छोटा भी है तो भी आप कम से कम 40 इंच के टीवी का चुनाव करें तो बेहतर है। वहीं जहां टीवी रखना है वहां स्पेस ज्यादा है लगभग 20 फिट क तो आप 50 इंच के टीवी का चुनाव कर सकते हैं। स्मार्ट टीवी स्लिम होते हैं ऐसे में घर में ज्यादा जगह नहीं लेते। दिवार से चिपके हुए होते हैं। इसे भी पढ़ें: एक बार हमारी सुनें ताकी बाद में भी आप सुन सकें!

2: ओएस हो अडवांस- जैसे फोन में नया ऑपरेटिंग सिस्टम कई नए फीचर्स लेकर आता है वैसे ही टीवी में भी ओएस का बड़ा रोल होता है। ओएस ही बताएगा कि आपका टीवी कितना स्मार्ट है। हालांकि स्मार्ट टीवी सेग्मेंट में भी एंडरॉयड का ही राज है परंतु दूसरे कुछ ओएस हैं वे भी काफी स्मार्ट माने जाते हैं।
यदि आप टीवी में गेमिंग ज्यादा पसंद करते हैं तो फिर टाइज़न ओएस वाले स्मार्ट टीवी बहुत शानदार कहे जा सकते हैं। टाइजन टीवी का निर्माण सैमसंग करता है। इमसें आपको वीडियो स्ट्रीम भी शानदार मिलेगा इसके अलावा अलावा ढेर सारे ऐप और गेम भी उपलब्ध हैं।
वहीं एलजी के Smart TV वेब ओएस पर कार्य करते हैं और ये इजी टू यूज के लिए माने जाते हैं। इनमें आपको बेहतरीन मोशन कंट्रोल का अहसास होग और वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाएं शानदार मिलेंगी।
रही बात एंड्रॉयड ओएस की तो इनमें आपको बेहतरीन गूगल कास्ट सपोर्ट मिलेगा। वहीं ऐप की भी भरमार है। सोनी, शाओमी, वीयू, थॉमसन और लॉयड जैसी कंपनियां एंड्रॉयड ओएस आधारित टीवी का निर्माण करती हैं।

3: स्क्रीन से मिले सुकून- एक स्मार्टफोन की लाइफ़ छोटी होती है जबकि टीवी की लाइव बहुत लंबी। ऐसे में आप टीवी के खरीदारी के समय स्क्रीन पैनल का जरूर ध्यान दें। वैसे फिलहाल सेबसे ज्यादा एलईडी पैनल के साथ टीवी उपलब्ध है लेकिन नई तकनीक को देखते हुए ओएलईडी बेस्ट कहा जाएगा।
4: 4K है तो बेहतर है- बड़ी स्क्रीन के साथ पिक्चर की क्वालिटी भी शानदार होनी चाहिए। यदि टीवी का रेजल्यूशन कम हुआ तो फिर फटा—फटा सा दिखाई देगा। कंटेंट कास्टिंग की डिमांड काफी ज्यादा है और ऐसे में आप 4के रेजल्यूशन वाला टीवी लें तो ज्यादा बेहतर है। बाजार में एचडी, फुल एचडी और 2के रेजल्यूशन के साथ ज्यादातर टीवी हैं लेकिन 4के रेजल्शून लेकर आप फ्यूचर रेडी टीवी लेंगे जो आने वाले कुछ सालों तक भी पुराना नहीं होगा।

5: रिफ्रेश रेट का रखें ध्यान- कुछ टीवी में आपने गौर किया होगा कि जैसे ही वीडियो स्ट्रीमिंग शुरू होती है वैसे ही पिक्चर थोड़ा ब्लर हो जाता है। या ऐसे लेगेगा जैसे टीवी थोड़ा धीमा प्ले हो रहा है। यह सब कम रिफ्रेश रेट की वजह से होती है। भारतीय बाजार में उपलब्ध ज्यादातर टीवी 60 हर्ट्ज रिर्फेश रेट के साथ उपलब्ध हैं। परंतु आप कोशिश करें कि कम से कम 120 हर्ट्ज रिर्फेश रेट वाला टीवी लें। ऑफ लाइन में जब आप टीवी लेते हैं तो सेल्स मैन रिफ्रेश रेट की बात छुपा लेते हैं।
6: एचडीआर करेगा ब्राइट- एचडीआर का आशय है हाई डायनैमिक रेंज। इसका फायदा यह होता है कि यह डिस्पले को थोड़ा वास्तविक बनाता है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे आप टीवी में नहीं बल्कि सामने वाह दृश्य चल रहा हो। एचडीआर डिसप्ले में ब्राइटनेस, कॉन्ट्रास्ट, और कलर को जरूरत के हिसाब से हाई करता है। ऐसे में दूर से भी आप स्पष्ट व्यू पा सकते हैं। एक बात बताना जरूरी है कि 1080 पिक्सल या इससे कम रेजल्यूशन वाले टीवी में एचडीआर का सपोर्ट नहीं मिलेगा। अल्ट्रा एचडी या 4के टीवी में ही एचडीआर सपोर्ट मिलेगा।

7: पोर्ट न हो शॉर्ट- अक्सर लोग स्क्रीन के चक्कर में पोर्ट्स की अनदेखी कर देते हैं जबकि स्मार्ट टीवी में आप यह गलती ना करें। क्योंकि इसमें करने के लिए आपके पास बहुत कुछ है। ऐसे में ध्यान दें कि 3-4 एचडीएमआई पोर्ट हो। इसके अलावा 3-4 यूएसबी पोर्ट भी होना जरूरी है।
8: कॉन्ट्रास्ट रेशियो की खुद से करें जांच- जब आप टीवी खरीदने जाते हैं तो हर कोई कॉन्ट्रास्ट रेशियो की ही बात करेगा। परंतु इसमें आप लिखित चीजों पर विश्वास न करें। बल्कि आप खुद से जांचे तो आपकी आंखों को सुकून दे उसकी ही खरीदारी करें। सभी टीवी में एक ही चैनल को चला दें आपको अंदाजा लग जाएगा कि कौन सा टीवी बेस्ट है।

9: ऐप्स हों बेस्ट- चूंकि आप स्मार्ट टीवी ले रहे हैं तो जाहिर है ऐप्स का यूज तो करेंगे ही। ऐसे में खरीदारी से पहले जांच लें कि कौन—कौन से ऐप का इसमें प्रीलोडेड हैं। इसके अलावा ऐप स्टोर पर कितने ऐप सपोर्ट हैं। कितने ऐप्स का सब्सक्रिप्शन कितने दिनों तक फ्री है यह भी जरूर देखें। फ्री ऐप और सब्सक्रिप्शन में काफी पैसे बच जाएंगे।
10: बेज़ल लेस में आएगा मजा- टीवी की स्क्रीन जहां खत्म होती है वहां प्लास्टिक की चौड़ी पट्टी चारों ओर दी गई होती है। ये बेज़ल टीवी को आवश्यकता से ज्यादा बड़ा बना देता है। ऐसे में आप थोड़ी नजर टीवी के डिजाइन पर भी डाल लें। बेज़ल लेस है तो ज्यादा बेहतर है।

11: डॉल्बी डालेगा जान- बड़ी स्क्रीन, शानदार रेजल्यूशन और बेहतर डिसप्ले के बाद एक नजर टीवी के म्यूजिक सिस्टम पर भी डाल ही लें तो अच्छा होगा। देखें कि उसमें डॉल्बी सपोर्ट है या नहीं। डॉल्बी ऐटमॉस रियल साउंड का अहसास कराएगा।
12: एक्सेसरी भी ले लें साथ- यदि आपने टीवी फाइनल कर लिया है तो यह जरूर देखें कि उसके साथ क्या—क्या सामान साथ में दिया जा रहा है। जिससे कि आपको उसे रखने या माउंट करने में परेशानी न हो। इसके अलावा यदि आपके घर में जगह है और बजट है तो साउंड सिस्टम भी साथ ही ले लें तो बेहतर होगा।

13: नो एक्टेंडेड वारंटी- टीवी जब खरीदने जाते हैं तो अक्स सेल्समैन आपको एक्सटेंडेड वारंटी की बात कहते हैं। परंतु इसमें बहुत फायदा है नहीं। यह नुकसान होता ही है। क्योंकि वारंटी है तो भी सामाना का चार्ज आपसे लिया जाता है और कंपनी इसके लिए काफी पैसा वसूल लेती है।
14: कर्व्ड को करें ना- कर्वड टीवी के नाम पर काफी पैसे वसूल लिए जाते हैं। परंतु वास्तव में उसका बहुत फायदा है नहीं। इसलिए फ्लैट स्क्रीन ही लें जिसका व्यू एंगल बेहतर हो।
15: आफ्टर सेल्स सर्विस- वैसे तो आज Smart TV में कई ब्रांड उपलब्ध हैं लेकिन हर किसी की सर्विस बेहतर नहीं है। कहीं ऐसा न हो कि कम दाम देखकर आप फंस जाएं। इसलिए टीवी लेने से पहले आफ्टर सेल सर्विस पर भी जरूरी से गौर करें।

















