
कम कीमत में कॉल और डाटा का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए एक ओर बूरी खबर सामने आ रही है। हाल में एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें कहा गया था कि मोबाइल यूजर्स के लिए टेलिकॉम सर्विसेज कम से कम 10 प्रतिशत तक महंगी हो सकती हैं। इसके बाद बी एयरेटल की ओर से भी डाटा प्लान की कीमत में बढ़ोतरी का इशारा मिला था। वहीं, अब वोडाफोन आइडिया की ओर से ऐसे संकेत मिले हैं, जिससे लग रहा है भारतीय टेलिकॉम की दुनिया में फिर से मिस्ड कॉल के दिन वापस आ सकते हैं। आइए आगे जानते हैं टैरिफ हाइक पर वोडाफोन आइडिया (Vi) की ओर से क्या बयान सामने आया है।
कुमार मंगलम बिड़ला ने दिए संकेत
दरअसल, वोडाफोन आइडिया (जिसे अब वीआई कहा जाता है) जल्द ही भारत में अपनी प्रीपेड और पोस्टपेड टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी कर सकती है, वार्षिक आम बैठक में वीआई के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला की ओर से इस बात के संकेत मिले हैं। कंपनी की ओर से कहा गया कि बड़े हुए टैरिफ की मदद से ही भारत का दूरसंचार क्षेत्र भविष्य में वृद्धि कर सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिसंबर में हुई टैरिफ बढ़ोतरी स्पष्ट रूप से इस क्षेत्र की वृद्धि के लिए पर्याप्त नहीं थी। इस बात की जानकारी टेलीकॉमटॉक रिपोर्ट की रिपोर्ट में सामने आई है। इसे भी पढ़ें: BSNL के सबसे सस्ते टॉप 5 प्लान, हर दिन मिलता है 2GB डाटा और फ्री कॉलिंग!

एजीआर है बकाया
वोडाफोन आइडिया बहुत जल्द ही डेब्यू और इक्विटी के जरिए 25,000 करोड़ रुपए तक जुटाने की तैयारी में है। इसके अलावा कंपनी पर करीब 50,000 करोड़ रुपये का एजीआर का बकाया है। इससे पहले इसी महीने उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार कंपनियों को एजीआर के बकाये का भुगतान दस साल में करने की अनुमति दी है। इसकी शुरुआत अगले वित्त वर्ष से होगी। हालांकि, कंपनियों को 10 प्रतिशत बकाया का भुगतान इसी वित्त वर्ष में करना होगा।

दिसंबर तक महंगे हो सकते हैं प्लान
हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में एंटरप्रेन्योर और टीएमटी अडवाइजर संजय कपूर का कहना था कि सर्विस प्रोवाइडर्स को डाटा यूसेज की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कम से कम 3-4 डॉलर प्रति यूजर औसत रेवेन्यू की जरूरत हो सकती है। इसी के चलते आने वाली तिमाही तक टैरिफ की कीमत में वृद्धी हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Jio को मात देने BSNL लाया सस्ता प्लान, 49 रुपए में मिलेगा 2GB डाटा

जानें किस कंपनी पर कितना बकाया है।
कुल एजीआर का बकाया 1.69 लाख करोड़ रुपए है। वहीं, अभी तक सिर्फ 15 टेलीकॉम कंपनियों ने सिर्फ 30,254 करोड़ रुपए ही चुकाए हैं। एयरटेल पर करीब 25,976 करोड़ रुपए, वोडाफोन आइडिया पर 50399 करोड़ रुपये और टाटा टेलीसर्विसेज पर करीब 16,798 करोड़ रुपए का बकाया है। वहीं, जियो पर 195 करोड़ रुपए बकाया था, लेकिन अब कुछ बकाया नहीं है।


















