
Vodafone Idea यानी Vi इस वक्त देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। Reliance Jio और Airtel के बाद इसी कंपनी के पास सबसे ज्यादा ग्राहक हैं। जब वोडाफोन और आइडिया के एक होने की खबर सामने आई थी, तब लगा था कि यह कंपनी अब नंबर वन की पॉजिशन हासिल कर लेगी। लेकिन बाजार में लगातार पिछड़ने की वजह से कंपनी की कमाई पर भी भारी असर पड़ा था वीआई खर्चे उठाने में असमर्थ हो गई है। वहीं अब फिर से बड़ी खबर सामने आ रही है कि सरकार को देने वाला कर्ज चुकाने में भी नाकाम रही Vi के एक बड़े हिस्से की मालिक सरकार बन गई है।
कर्ज को इक्विटी में बदला
यहां पाठकों को सिलसिलेवार तरीके से समझाते चलें तो Vodafone Idea पर लंबे समय से भारत सरकार का कर्ज बकाया था। स्पेक्ट्रम ऑक्शन के बाद समय-समय पर कंपनी की ओर से एक तय धनराशि गवर्नमेंट को दी जानी थी और वोडाफोन आइडिया इन किश्तों को भरने में लगातार नाकाम हो रही थी। एक के बाद एक करते हुए इस कंपनी पर बहुत बड़ी धनराशि का कर्ज चढ़ गया जो इसे भारत सरकार को देना है।
एक ओर जहां Vi के सिर पर यह कर्ज बढ़ता जा रहा था, वहीं दूसरी ओर मार्केट में कंपनी की हालात भी खराब होती जा रही थी। कंपनी का यूजर बेस अभी भी घट रहा है तथा मुनाफा खत्म होने के साथ ही वोडाफोन आइडिया की कमाई भी बेहद कम हो गई है। कंपनी के बोर्ड ने अब फैसला लिया है कि वह इस कर्ज के बोज को कंपनी में भारत सरकार को हिस्सा देकर कम करेगी। यानी कर्ज को इक्विटी में बदला गया है। यह भी पढ़ें : BSNL अपनाओ का दिखने लगा असर, धड़ल्ले से नंबर हो रहे हैं पोर्ट
Vodafone Idea में किसका कितना हिस्सा
भारत सरकार का कर्ज न चुका पाने की वजह से भारत सरकार ने वोडफोन आइडिया के एक बड़े हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया है। अब वीआई का 35.8 प्रतिशत हिस्सा इंडियन गवर्नमेंट के अधीन हो गया है। यानी कंपनी के इतने हिस्से को भारत सरकार अपने तरीके से यूज़ कर सकती है या फिर किसी अन्य कंपनी को बेच सकती है और इतने हिस्से की कमाई सीधे अपने यानी सरकारी खाते में जमा कर सकती है। 35.8% हिस्सा Indian government का हो जाने के बाद अब Vodafone group के पास 28.5% और आइडिया वाले Aditya Birla Group के पास सिर्फ 17.8% हिस्सा बचा है।
क्या BSNL में जुड़ जाएगी Vodafone Idea?
Vodafone Idea के 35 प्रतिशत से भी अधिक हिस्से पर सरकार का कब्जा हो जाने के बाद यह खबर आग की तरह फैल रही है कि गवर्नमेंट कंपनी के इस हिस्से को BSNL या फिर MTNL में जोड़ सकती है। अगर ऐसा होता है कि देश की इकलौती सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड के उपभोक्ता आधार में बड़ा उछाल आएगा और यह मौजूद रिलायंस जियो और एयरटेल को तगड़ी टक्कर दे पाएगी। यहां इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि सरकार के हिस्से में आए Vodafone Idea के 4G Spectrum का यूज़ इंडियन गवर्नमेंट द्वारा BSNL यूजर्स को भी 4जी सर्विस देने के लिए यूज़ किया जा सकता है। बहरहाल सरकार की ओर से इस मामले पर अभी कोई भी बयान नहीं आया है।























