
पिछले साल नवंबर और दिसम्बर महीने के दौरान सभी निजी सेवा प्रदाता कंपनियों ने अपने टैरिफ रेट को काफी बढ़ा दिया था। ऐसे में इन प्लांस को लेकर यूजर्स में काफी रोष देखा जा रहा है और वे न सिर्फ टैरिफ रेट बढ़ाने के विरोध कर रहे हैं बल्कि सोशल मीडिया पर BSNL अपनाओ का पोस्ट डालकर नंबर पोर्ट करने में के लिए प्रेरित कर रहे हैं। हालांकि इस बारे में फिलहाल TRAI यानी टेलीकॉम रेग्यूलैट्री ऑफ इंडिया का कोई डाटा नहीं आया है। परंतु अलग-अलग राज्यों से ये खबरें आने लगी हैं जहां BSNL नेटवर्क के प्रति लोग फिर से रुचि दिखाने लगे हैं। ट्राई द्वारा टेलीकॉम डाटा तीन महीने बाद यानी कि यानी कि अक्टूबर का डाटा दिसंबर में रिलीज किया जाता है। ऐसे में हम उम्मीद यही करते हैं कि मार्च में जो डाटा जारी किया जाएगा उसमें BSNL के ये नए आंकड़े दर्शाए।
हाल में ETV बिहार ने एक खबर प्रकाशित की है जिसमें जानकारी दी गई कि पटना में सिर्फ 3 दिनों में 1200 लोगों ने बीएसएनएल में अपना नंबर पोर्ट किया है। रिपोर्ट में पटना स्थित बीएसएनएल बिहार के जनसंपर्क अधिकारी अखिलेश कुमार का बयान भी दर्ज किया गया है जिसमें उन्होंने कहा है कि बीएसएनएल के प्रति लोगों केा काफी रुझान बढ़ रहा है। लोग धड़ल्ले से अपना नंबर इस सरकारी टेलीकॉम ऑपरेटर में पोर्ट कर रहे हैं। पहले जहां पूरे राज्य में एक दिन में 30 से 40 नंबर BSNL में पोर्ट होते थे वहीं बीते 3 दिनों में 1200 से अधिक नंबर बीएसएनएल के साथ पोर्ट किया गया है जो कि औसतन पोर्ट से लगभग 400 फीसदी ज्यादा है। इसे भी पढ़ें: Jio के पास भी नहीं BSNL के इस ऑफर का तोड़, इन सभी प्लान पर फ्री मिलेगा 2000 रुपए से भी महंगा गिफ्ट
इसी तरह एक खबर पत्रिका बिलासपुर से दी गई है। इस रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि सिर्फ दिसंबर माह में 2608 लोगों ने अपने नंबर को बीएसएनएल में पोर्ट करवाया है जबकि इस माह बिलासपुर में कुल 5032 नए लोग ने बीएसएनएल सिम की खरीदारी की है। यानि कि कुल मिलाकर देखें तो दिसंबर में यह आंकड़ा 7640 का रहा। वहीं जनवरी में भी यही ट्रेंड बना हुआ है हर रोज लगभग 200 नए लोग जुड़ रहे हैं।

इन सबके अलावा एक और रिपोर्ट इंटरनेट पर आई है जिसमें जानकारी दी गई कि दिसंबर माह में बीएसएनएल ने पूरे भारत में 25 लाख से ज्यादा यूजर्स जोड़े हैं। जो कि बहुत बड़ी बात कही जा सकती है। हालांकि इस खबर की संस्था के माध्यम से दिया गया है फिलहाल यह साफ नहीं हुआ है लेकिन उसमें बिहार दूरसंचार परिमंडल के सीजीएम, देवेंद्र सिंह के हवाले से यह खबर दी गई है। जहां उन्होंने बताया है कि पूरे भारत में 25 लाख से नए यूजर्स जुड़े हैं। इसे भी पढ़ें: 2000GB डाटा वाले BSNL के इस प्लान के आगे नहीं टिकते Jio, Airtel और Vi
क्यों लोग कर रहे हैं BSNL में पोर्ट
BSNL में नंबर पोर्ट करने का एक ही कारण है और वह है निजी ऑपरेटरों द्वारा शुल्क में भारी इजाफा। पिछले साल नवंबर—दिसंबर के दौरान रिलायंस Jio, Airtel और Vodafone Idea ने अपने टैरिफ प्लान में 25—30 फीसदी का इजाफा किया है। ऐसे में सभी प्लान बहुत महंगे हो गए हैं। इतना ही नहीं पिछले दो साल में यह दूसरी बार है जब निजी ऑपरेटरों ने प्लान में भारी इजाफा किया है। इससे पहले 2019 में भी ऐसा ही किया गया गया था। वहीं बीच—बीच में भी कंपनियों ने कुछ प्लान के वैधता तो कुछ के फीचर्स में परिवर्तन कर यूजर्स के बड़ा झटका दिया था। परंतु इन सबसे से दूर बीएसएनएल के प्लान अब भी बेहद सस्ते हैं और नेटवर्क कवरेज काफी बड़ा है। ऐसे में यूजर्स बीएसएलनएल की ओर रुख करने लगे हैं।
BSNL के लिए बड़ा मौका
हालांकि आपको यह जानकर हैरानी होगी कि BSNL की सर्विस एयरटेल सहित कई प्राइवेट ऑपरेटरों के बाद शुरू हुई थी और सर्विस लॉन्च के साथ ही कंपनी भारत की सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी बनकर उभरी थी। परंतु खराब सर्विस की वजह से कंपनी निजी ऑपरेटरों से पिछड़ती गई और अब काफी पीछे चली गई है। जहां तक पहु्ंच की बात है तो अब भी इन्फ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क के मामले में कंपनी सबसे बड़ी है। ऐसे में अब जब एक बार लोगों का फिर से रुझान बीएसएनएल की तरफ हो रहा है तो यह कंपनी के लिए बड़ा मौका है कि उसे भुना ले। इसे भी पढ़ें: Jio 4G को चुनौती देने के लिए BSNL ने कसी कमर, अब लंबे समय तक FREE मिलेगा ये लाभ
सस्ती सर्विस और बेहतर ऑफर
बीएसएनएल की सबसे बड़ी खूबी है कि कंपनी की सर्विस अब भी काफी सस्ती है। वहीं जहां निजी ऑपरेटरों द्वारा हर महीना रिचार्ज अनिवार्य है कि इन कमिंग कॉल के लिए भी। बीएसएनएल में ऐसी कोई भी समस्या नहीं है। आप छोटा सा रिचार्ज लेकर फोन को सिर्फ इनकमिंग कॉल के लिए रख सकते हैं। इसके साथ ही लेगों को आकर्षित करने के लिए कंपनी द्वारा काफी अच्छा ऑफर भी दिया जा रहा है। पोर्ट कर के आए यूजर्स को 5जीबी डाटा मुफ्त मिल रहा है।
सिर्फ यह है परेशानी
सब कुछ अच्छा होने के बाद BSNL नेटवर्क सर्विस की कुछ कमियां भी हैं। जैसे कंपनी खराब नेटवर्क, लेटलतीफी सुनाई और 4G की कमी। जी हां बीएसएनएल के पिछड़ने का सबसे बड़ा कारण खराब नेटवर्क ही था। वहीं सरकारी रवैया कि यदि एक बार परेशानी आ जाए तो फिर सुनवाई करने वाला कोई नहीं होता है। और जो सबसे बड़ी बात फिलहाल निजी ऑपरेटर 5G की तैयारी कर रहे हैं लेकिन बीएसएनएल अब तक 4जी सर्विस भी अच्छे से बहाल नहीं कर पाया है।
बावजूद इसके आशा है कि अब जबकि फिर से यूजर्स BSNL के प्रति अपना रुझान दिखा रहे हैं तो कंपनी जल्द ही इन परेशानियों को दूर कर फिर से अपना राज कायम करेगी।






















