
भारत में मौजूद करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए बुरे दिन आने वाले हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जल्द ही टेलिकॉम कंपनियां अपने प्रीपेड प्लान्स की कीमत में इजाफा करने का विचार कर रही हैं। हालांकि, ऑफिशियल तौर पर किसी भी कंपनी ने इस बात को लेकर जानकारी नहीं दी है। लेकिन, माना जा रहा है कि मोबाइल यूजर्स के लिए टेलिकॉम सर्विसेज कम से कम 10 प्रतिशत तक महंगी हो सकती हैं। पिछले साल खबर आई थी कि जल्द एयरेटल अपने डाटा प्लान की कीमत में बढोतरी कर सकता है। इससे पहले पिछले साल यानी 2019 में 30 नवंबर के बाद रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल ने अपने रिचार्ज को महंगा किया था
अब सामने आई icra रिपोर्ट्स के अनुसार टेलीकॉम कंपनिया अगले वित्त वर्ष यानी कि 1 अप्रैल से 2021-22 में नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनियां अपने राजस्व ग्रोथ को बढ़ाने के लिए कीमत बढ़ाने का फैसला ले सकती हैं। हालांकि, पिछले साल भी कुछ नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनियों ने अपने टैरिफ दर में बढ़ोतरी की थी। इसे भी पढ़ें: जानें Jio में कैसे कराएं अपना फोन नंबर पोर्ट, ये रहा सबसे आसान तरीका
प्रीपेड और पोस्टपेड सर्विस महंगा होने का कारण सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय से पेंडिंग रहे एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR मामले को माना जा रहा है। दरअसल, SC ने फैसला सुनाते हुए कहा कि टेलीकॉम कंपनी AGR बकाया का 90% वित्तीय वर्ष 2022-23 से शुरू होने वाले दस वर्षों में भुगतान करना होगा। हालांकि, दूरसंचार कंपनियों को एजीआर का 10 प्रतिशत बकाया 31 मार्च, 2021 तक चुकाने का निर्देश दिया। इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि आने वाले समय में कॉलिंग और डाटा के लिए यूजर्स को ज्यादा पैसों का भुगतान करना होगा।
कुल एजीआर का बकाया 1.69 लाख करोड़ रुपए है। वहीं, अभी तक सिर्फ 15 टेलीकॉम कंपनियों ने सिर्फ 30,254 करोड़ रुपए ही चुकाए हैं। एयरटेल पर करीब 25,976 करोड़ रुपए, वोडाफोन आइडिया पर 50399 करोड़ रुपये और टाटा टेलीसर्विसेज पर करीब 16,798 करोड़ रुपए का बकाया है। वहीं, जियो पर 195 करोड़ रुपए बकाया था, लेकिन अब कुछ बकाया नहीं है। इसे भी पढ़ें: Jio, Airtel, Vi और BSNL नंबर पर Do Not Disturb एक्टिवेट करने का सबसे आसान तरीका, चंद सेकेंड का है ये खेल
बता दें कि पिछले साल भारती एयरटेल के चैयरमेनसुनील भारती मित्तल ने अगले छह महीने में मोबाइल सेवा शुल्क बढ़ने के संकेत दिए थे।उन्होंने कहा, ‘‘इतनी कीमत में या तो आप 1.6 जीबी इंटरनेट क्षमता का उपभोग करें नहीं तो और अधिक लागत उठाने को तैयार रहें। हालांकि, अभी तक ऑफिशियल तौर पर एयरटेल की ओर से इस बारे में कोई जानकारी नहीं आई है।






















