
iPhone 14 series के ग्लोबली लॉन्च के कुछ दिन बाद ही खबर सामने आई है कि इंडिया में जल्द Tata का बना iPhone बिक्री के लिए आ सकता है। दरअसल, TATA Group और Taiwanese सप्लायर Wistron Corp के बीच एक ज्वाइंट वेंचर को लेकर बातचीत चल रही है, जिसके तहत इंडिया में Apple iPhone का निर्माण किया जाएगा। इस बात की जानकारी Bloomberg की रिपोर्ट में सामने आई है। हालांकि, अभी किसी भी कंपनी की ओर से इस बात को लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन, अगर यह डील फाइनल होती है तो TATA इंडिया में पहली कंपनी बन जाएगी जो iPhones को निर्माण करेगी।
TATA बना सकता है iPhone?
रिपोर्ट के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग का जॉइंट वेंचर स्थापित करने के लिए कंपनियों के बीच बात-चीत चल रही है। इस तरह टाटा ग्रुप (Tata Group) भारत में आईफोन असेंबल करने वाली पहली कंपनी बनना चाहता है। हालांकि, अभी टाटा ग्रुप विस्ट्रॉन कॉर्प (Wistron Corp.) के साथ यह बातचीत शुरुआती चरण में लग रही है, जिसे फाइनल होने के लिए कुछ समय लग सकता है। इसे भी पढ़ें: अरे ये क्या.. iPhone 14 लॉन्च होते ही Apple ने बढ़ा दिए अपने इस पुराने मोबाइल के दाम, सीधे 6000 की बढ़ोतरी!

आपको बता दें कि इस समय आईफोन को मुख्य रुप से ताइवनी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी विस्ट्रॉन और फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी द्वारा असेंबल किया जाता है। इन कंपनियों द्वारा चीन और भारत में आईफोन असेंबल किए जा रहे हैं। फिलहाल अभी यह स्पष्ट नहीं है कि एप्पल को इस बातचीत का पता है या नहीं। अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी एपल भी चीन से के बाहर अपना कारोबारी विस्तार करना चाहता है। साथ ही एप्पल भारत में अपनी सप्लाई चेन को भी व्यापक करना चाहता है।

हाल की खबरों में, Apple चीन के बाहर अपने iPhones के निर्माण के लिए विकल्प तलाश रहा है और दुनिया भर में अपने नए iPhone मॉडल बनाने और शिप करने के लिए चीन पर निर्भरता को धीरे-धीरे कम कर रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चीनी और अमेरिकी सरकार के काफी मतभेद हैं। इसे भी पढ़ें: iPhone 14 Series India Price : आईफोन 14 से लेकर आईफोन 14 प्रो मैक्स तक सभी के दाम देखें यहां

यदि समझौता सफल होता है, तो टाटा आईफोन का निर्माण करने वाला पहला भारतीय व्यवसाय बन सकता है, जो अब मुख्य रूप से चीन और भारत में ताइवान के विनिर्माण दिग्गज: विस्ट्रॉन और फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप द्वारा एक साथ रखे गए हैं। Apple के मेक इन इंडिया बूम को देखते हुए, यह दोनों पक्षों – Apple और भारतीय iPhone खरीदारों के पक्ष में होगा।





















