
Toyota ने भारत में पहली हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ी इलेक्ट्रिक गाड़ी Toyota Mirai लॉन्च कर दी है। हाइड्रोजन से चलने वाली यह सेडान कार देश में पायलट प्रोजेक्ट के तहत लॉन्च की गई है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमेटिव टेक्नोलॉजी (ICAT) और Toyota भारतीय सड़कों और जलवायु परिस्थितियों में Toyota Mirai को परखेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत हाइड्रोजन से चलने वाली फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल (FCEV) Toyota Mirai को लॉन्च किया है। इस दौरान नितिन गड़करी ने कहा कि वे ख़ुद Toyota Mirai को इस्तेमाल करना शुरू करेंगे। इस गाड़ी के लिए हाइड्रोजन की सप्लाई इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन लिमिटेड करेगा।
धुआं नहीं एग्जॉस्ट पाइप से निकलता है पानी
Toyota Mirai हाइड्रोजन फ्यूल सेल बैटरी पैक के साथ आती है। इस कार की रेंज को लेकर कहा जा रहा है कि यह फुल टैंक में करीब 600 किलो मीटर की रेंज ऑफर करती है। इस कार में हाइड्रोजन इलेक्ट्रिसिटी में ट्रांसफॉर्म होकर इसे पावर देती है। सबसे दिलचस्प है कि इस कार के एग्जॉस्ट पाइप से धुआं नहीं बल्कि पानी निकलता है। पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य देश में कमर्शियल क्षेत्र में हाइड्रोजन फ़्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल उपलब्ध कराना है।
Delighted to launch the world’s most advanced technology – developed Green Hydrogen Fuel Cell Electric Vehicle (FCEV) Toyota Mirai along with Union Minister Shri @HardeepSPuri ji, Union Minister Shri @RajKSinghIndia ji,… pic.twitter.com/teu8pm1l57
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) March 16, 2022
Inspired by Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi Ji’s resolve to make India ‘Energy Self-reliant’ by 2047, an important initiative is being taken to promote clean energy and environmental protection by reducing dependence on fossil fuels. pic.twitter.com/aMrUxFaay8
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) March 16, 2022
Green Hydrogen can be generated from renewable energy and abundantly available biomass. Introduction and adoption of technology to tap into the Green hydrogen’s potential will play a key role in securing a clean and affordable energy future for India.
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) March 16, 2022
यह पायलट प्रोजेक्ट हाइड्रोजन फ़्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी से जुड़ी पहली परियोजना है, जिससे भारत में हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियों के प्रति लोगों को जागरुक करने का प्रयास किया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने पहले के एक बयान में कहा, इस पायलट प्रोजेक्ट से देश में हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की विश्वसनीयता का पता लगाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही यह भी पता चलेगा कि क्या इन्हें रेगूलर बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल वाहनों के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।


















