
दुनियाभर में भारत निर्मित स्मार्टफोन को पसंद किया जा रहा है। इसकी वजह से घरेलू स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग में जोरदार इजाफा दर्ज किया गया है। इस साल अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत का स्मार्टफोन निर्यात तीन गुना बढ़कर 4,300 करोड़ रुपये हो गया, जो इंडस्ट्री में सुधार और विकास के सकारात्मक संकेत को दर्शाता है। इस बात का खुलासा इंडियन सेलुलर एंड इलेक्ट्रानिक्स एसोसिएशन (ICEA) की रिपोर्ट में हुआ है। अगर पिछली तिमाही से तुलना करें, तो इस साल अप्रैल से जून की तिमाही में भारत में मोबाइल एक्सपोर्ट में 250 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। आइए आगे आपको इस रिपोर्ट की जानकारी देते हैं।
इंडियन सेलुलर एंड इलेक्ट्रानिक्स एसोसिएशन (ICEA) की रिपोर्ट के अलावा आपको बता दें कि पिछली तिमाही में करीब 1,300 करोड़ रुपए था। वहीं, इस रिपोर्ट के आने के साथ ही ICEA के चैयरमैन पंकज मोहिंद्रो का कहना है कि मोबाइल हैंडसेट मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इसके अलावा मोहिंद्रो ने कहा कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान भारत सरकार ने प्रोडक्शन लिंक्ड इनिशिएटिव (PLI) स्कीम के जरिए मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की मदद की और इसी कारण इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स के एक्सपोर्ट में पिछले साल के मुकाबले साल 2021-22 में 100 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है।
हालांकि स्मार्टफोन से अलावा भारत आयात होने वाले लैपटॉप और टैबलेट में साल की पहली तिमाही में 50 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। साल 2020-21 के मुकाबले साल 2021-22 में यह आंकड़ा 6,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 10,000 करोड़ रुपए हो गया है। ICEA के मुताबिक हर सरकार के साथ मिलकर लैपटॉप और टैबलेट के आयात में कमी लाने की पॉलिसी पर काम कर रहे हैं, जिससे घरेलू स्तर पर लैपटॉप और टैबलेट का निर्माण किया जा सके।
मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint Research की हाल ही कि रिपोर्ट में दावा किया गया था कि OPPO — जिसमें OPPO के सब-ब्रांड OnePlus और Realme मई 2021 में स्मार्टफोन मार्केट में 16 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी। ऐसे में ओप्पो सैमसंग के बाद दूसरे नंबर की सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी बनी OPPO ने साल 2013 में OnePlus की शुरुआत की थी। इसके बाद ओप्पो ने साल 2018 में शाओमी के सब ब्रांड रेडमी को टक्कर देने के लिए Realme नाम के ब्रांड को पेश किया था। लेटेस्ट रिपोर्ट की माने तो ग्लोबल मार्केट में Oppo की मार्केट में हिस्सेदारी 10 प्रतिशत की रही। इसके साथ ही Realme की मार्केट में हिस्सेदारी 5 प्रतिशत और वनप्लस की मार्केट की हिस्से 1 प्रतिशत की रही।






















