पाकिस्तान से भी कम मोबाइल इंटरनेट स्पीड मिल रही है इंडिया में, देश की ग्लोबल रैंक गिरी

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पिछले कुछ समय में इं​डिया विश्वपटल पर मोबाइल का बड़ा बाजार बन कर उभरा है। सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं बल्कि इंटरनेट डाटा और 4जी सर्विस के यूज़ के भी भारत में बेहद अधिक उछाल आया है। आज इंडिया विश्व के उन बड़े देशों की टॉप लिस्ट में शुमार है जहां इंटरनेट डाटा की खपत बेहद ज्यादा होती है। रिला​यंस जियो की एंट्री के बाद से ही भारतीय टेलीकॉम बाजार में इंटरनेट डाटा यूजर्स बढ़े हैं। लेकिन आपको यह जानकारी हैरानी होगी कि इंडिया एक ओर जहां इंटरनेट कन्ज्यूम करने वाला सबसे बड़ा बाजार बन रहा है वहीं दूसरी ओर मोबाइल स्पीड के मामले में भारत की रैंक गिरकर 121वें पायदान पर आ गई है।

जी हां, इंडिया में बेशक से इंटरनेट यूज़ करने वाले लोगों की गिनती बेहद ज्यादा बढ़ गई है और इंटरनेट सेवाएं तथा 4जी सर्विस पहले के मुकाबले काफी सस्ती हो गई है। लेकिन दुनिया में अन्य देशों की अपेक्षा इंडिया की रैंकिंग कम हो गई है। अमेरिकी डाटा स्पीड टेस्टर फर्म Ookla ने अपनी नई रिपोर्ट में इंडिया में उपलब्ध इंटरनेट स्पीड से जुड़ी यह जानकारी दी है। ओकला ने बताया है कि पिछले साल जहां भारत की ग्लोबल रैंकिग 109 थी वहीं इस साल यह घटकर 121 आ पहुॅंची है। ओकला की यह रिपोर्ट साल की पहली तिमाही के आकंड़ों पर आधारित है।

ऐवरेज स्पीड में बढ़ोतरी

ग्लोबल रैंकिंग गिर जाने पर बेशक आपको थोड़ा बुरा लगे लेकिन यकिन मानिए यह मसला इतना भी बुरा नहीं है। ओकला ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि बेशक ग्लोबल रैंकिंग में इंडिया की पॉजिशन कम हुई हो लेकिन पिछले साल की अपेक्षा देश में औसत मोबाइल डाटा स्पीड में सुधार आया है। पिछले साल जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान जहां देश में ऐवरेज मोबाइल डाटा स्पीड 9.01 आंकी गई थी वहीं इस साल यह बढ़कर 10.71 हो गई है।

आपको बता दें कि इंडिया में मोबाइल डाटा स्पीड बढ़ ही रही है। वहीं ग्लोबल रैंकिंग में पीछे खिसक जाने की वजह अपने देश में इंटरनेट की बुरी स्थिति नहीं है बल्कि इसकी असली वजह यह है कि बाकी देशों में डाटा स्पीड में इंडिया की अपेक्षा ज्यादा तेजी से सुधार हुआ है। पिछले साल की पहली तिमाही के दौरान भारत में सभी टेलीकॉम कंपनियों की औसत 4जी एलटीई डाउनलोड स्पीड 9.84Mbps थी जो इस साल की पहली तिमाही में 10.58Mbps आंकी गई है।

ब्रॉडबैंड क्षेत्र में भी हुआ सुधार

वहीं दूसरी ओर ब्रॉडबैंड स्पीड की बात करें तो इंडिया में पिछले साल औसत डाउनलोड स्पीड 20.72Mbps आंकी गई थी जो इस साल बढ़कर 29.25Mbps हो गई है। यहां भी औसत स्पीड बढ़ने के बावजूद इंडिया ग्लोबल इंडेक्स में 67वें पायदान से खिसककर 68वें पायदान पर आ गया है। लगे हाथ आपको बता दें कि साल 2019 की पहली तिमाही में नॉर्वे ने सबसे ज्यादा 65.41Mbps की ऐवरेज डाउनलोड स्पीड देकर पहला स्थान पाया है। वहीं ब्रॉडबैंड सेग्मेंट में 197.50Mbps औसत डाउनलोड स्पीड देकर सिंगापुर पहले स्थान पर रहा है।

गौरतलब है कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ऐवरेज मोबाइल डाटा स्पीड में भारत से आगे निकल गया है। जनवरी से मार्च महीने के दौरान भारत में जहां 10.71Mbps की औसत मोबाइल स्पीड आंकी गई है वहीं इसी दौरान पाकिस्तान में 13.39Mbps की ऐवरेज मोबाइल स्पीड दर्ज की गई है। आपको बता दें कि भारत की भौगोलिक स्थिति और जहां की आबादी इंटरनेट स्पीड के लिए बड़ी चुनौती साबित होती है। यहां एक ही समय में एक ही नेटवर्क पर बहुत सारे लोग इंटरनेट का यूज़ करते हैं और इसी वजह से इंटरनेट की स्पीड धीमी हो जाती है।