
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स चाइना स्थित अपनी एक फैक्ट्री को बंद कर सकती है। इस बारे में कंपनी ने खुद ही जानकारी दी है। कंपनी का कहना है कि लोकल मैन्यूफैक्चरर्स की वजह से कम कॉस्ट में काम करन काफी कठिन हो रहा है इस वजह से एक फैक्ट्री को बंद किया जा सकता है। इस वर्ष आई रिपोर्ट के अनुसार पहले क्वाटर में दक्षिण कारियाई कंपनी सैमसंग का चीन में मार्केट शेयर 1 फीसदी तक आ गया है। हुआवई, शाओमी और ओपो जैसी कंपनियों से मिल रही प्रतियोगिता के बीच कंपनी को अपनी पकड़ बनाए रखना कठिन हो रहा है। इसलिए कंपनी अब एक फैक्ट्री को बंद करने के बारे में विचार कर रही है। एक्सक्लूसिव: डुअल कैमरा सेटअप, नॉच डिसप्ले और यूएसबी टाइप सी के साथ लॉन्च होगा सैमसंग गैलेक्सी एम20
रॉयटर्स द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी ने कहा है कि कंपनी हमेशा से ही अपनी प्रोडक्शन फैसिलिटी को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है लेकिन हमारे लिए यह घोषणा करना काफी कठिन हो रहा है कि हमें तियांजिन सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स टेलीकम्यूनिकेशन फैक्ट्री को बंद करना होगा।
गौरतलब है कि सैमसंग की यह फैक्ट्री उत्तरी चीनी शहर तियांजिन में स्थित है। इस फैक्ट्री में फिलहाल 2,600 कर्मचारी कार्यरत हैं। फैक्ट्री को अगले साल तक पूरी तरह से बंद किया जा सकता है। ऐसे में सैमसंग ने कहा कि कर्मचारी पर्याप्त मुआवजा ले सकते हैं या फिर उन्हें किसी दूसरी फैक्ट्री में शिफ्ट करने का भी विकल्प दिया गया है। 10जीबी रैम, 256जीबी मैमोरी और सुपर फास्ट चार्जिंग के साथ लॉन्च हुआ वनप्लस 6टी मैक्लारेन एडिशन
सैमसंग द्वारा ऐसा निर्णय लेने के पीछे कारण माना जा रहा है कि चीन में लेबर कॉस्ट काफी ज्याद हो गया है और कंपनी का मार्केट शेयर है नहीं ऐसे में अब सैमसंग छोटे देशों की ओर रुख कर सकती है जहां मैन्यूफैक्चरिंग कॉस्ट कम हो। भारत और वियतनाम जैसे देश इनमें प्रमुख हैं।
काउंटर प्वाइंट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 तक कंपनी का चीन में मार्केट शेयर 15 फीसदी का था जो अब ना के बराबर है। वहीं तियांजिन फैक्ट्री में हर साल लगभग 36 मिलियन फोन का निर्माण किया जाता है। जबकि हुईजोहु फैक्ट्री का 72 मिलियन प्रोडक्शन है।



















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