
रिलायंस जियो विश्व की पहली ऐसी कंपनी है जो सिर्फ 4जी सेवा प्रदान करती है। सस्ते तथा हाई स्पीड इंटरनेट डाटा कनेक्शन के लिए आज यह टेलीकॉम कंपनी भारतीय यूजर्स की पहली पसंद बनी हुई है। परंतु जियो सर्विस लॉन्च से लेकर अब तक जियो उपभोक्ता कॉल ड्रॉप की शिकायत करते हैं। इस बाबत आज रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी का गुस्सा छलक पड़ा और उन्होंने भारत की तीन प्रमुख मोबाइल कंपनियों पर इसका दोष मढ़ डाला।
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आज मौका था रिलायंस जियो कि फ्री सर्विस को एक्सटेंड ;विस्तारद्ध करने का। जहां उन्होंने कंपनी की उपलब्धियां गिनवाईं और इसके साथ ही दूसरे नेटवर्क आपरेटरों को कोसने से भी बाज नहीं आए। उन्होंने कहा कि देश की नंबर वन टेलीकॉम कंपनी बनी जियो का यहां तक का सफर इतना भी आसान नहीं था। नई शुरूआत के साथ-साथ जनता से किये गये वायदे पर खरा उतरना जियो के लिए बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती को प्रतिद्वंदी कंपनियों ने और अधिक कठीन कर दिया। आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले तीन महीनों में जियो की प्रतिद्वंदी कंपनियों की ओर से जियो नेटवर्क से किए गए 900 करोड़ वायस कॉल को ब्लॉक किया गया था।
यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी जियो द्वारा एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया पर कॉल ब्लॅाक की शिकायत की गई है। हालांकि इसके बाद तीनों कंपनियों ने अतिरिक्त इंटर कंजेशन प्वाइंट देने का दावा किया था। वहीं कॉल ब्लॉक के लिए एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया को ट्राई द्वारा भी फटकार लगाई जा चुकी है।
आज के संबोधन में मुकेश अंबानी ने जानकारी दी कि महज 83 दिनों में 50 मिलियन ग्राहको को जोड़ने के बाद जियो देश के सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्राडबैंड कंपनी बन गई है। वहीं पीटीआई के अनुसार 50 मिलियन ग्राहको को जोड़ने के लिए एयरटेल को 12 साल और वोडाफोन व आईडिया को 13 साल का वक्त लगा था।
पिछले तीन महीनों में जियो ने हर रोज़ तकरीबन 6 लाख नए कस्टमर अपने साथ जोड़े हैं। वहीं इसके 80 प्रतिशत ग्राहकों ने हर रोज औसतन 1 जीबी डाटा प्रयोग किया है जो दूसरे आॅपरेटर के उपभोक्ताओं से 30 गुना तक ज्यादा है।





















