
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 48वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कंपनी ने अपनी कई बड़ी योजनाओं और आने वाले भविष्य की स्ट्रेटेजी के बारे में जानकारी दी है। AGM में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस लगातार अपने बिजनेस मॉडल को डीप-टेक कंपनी में बदलने की और आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि Jio 500 मिलियन ग्राहकों का माइलस्टोन पार कर चुका है और भारत में डिजिटल क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जियो True 5G नेटवर्क अब 220 मिलियन से अधिक यूजर्स को फास्ट और भरोसेमंद सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसके अलावा JioAirFiber के जरिए हर महीने एक मिलियन नए घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं दी जा रही हैं। कंपनी की नई UBR ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजी गीगाबिट स्पीड और बिना केबल कट के सेवाएं देने में सक्षम बन रही हैं।
जियो ने नई तकनीकियों की घोषणा भी की है। इसके तहत Jio AI क्लाउड, Jio Frames और Jio PC पेश किए गए हैं। Jio Frames एक AI-पावर्ड प्लेटफार्म है जो कई भारतीय भाषाओं में काम करेगा। जबकि Jio PC किसी भी टीवी या स्क्रीन को वर्चुअल पर्सनल कंप्यूटर में बदल सकता है। जियो का उद्देश्य है भारत को दुनिया की पहली AI-नेटिव डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने का है। इसके लिए कंपनी AI Everywhere for Everyone की सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
रिलायंस ने बैठक में Reliance Intelligence नाम की नई सब्सिडियरी की भी घोषणा की है। इस कंपनी के चार मुख्य उद्देश्य बताए गए हैं जिसमें भारत में अगली पीढ़ी के AI इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देना, भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए AI सेवाएं प्रदान करना और दुनिया के बेहतरीन AI टैलेंट को घर देना शामिल हैं। जानकारी दी गई है कि Google के साथ साझेदारी में Jamnagar में विशेष क्लाउड रीजन बनाया जाएगा जो AI और क्लाउड कंप्यूटिंग की सुविधा देगा। वहीं, Meta के साथ मिलकर Llama ओपन-सोर्स AI मॉडल भारतीय व्यवसायों तक पहुंचेगा। जिससे छोटे और बड़े व्यवसाय डिजिटल और AI समाधानों का लाभ उठा पाएंगे।
कंपनी ने यह भी घोषणा की कि Reliance Consumer Products अब सीधे RIL की सब्सिडियरी बनेगी। इससे कंपनी अपने FMCG व्यवसाय को तेजी से विस्तार दे सकेगी। Isha Ambani ने बताया कि अगले तीन साल में Reliance Retail 20% से अधिक CAGR के साथ बढ़ने का लक्ष्य रख रहा है और ऑनलाइन चैनल का योगदान 20% तक बढ़ाया जा सकता है। RCPL की सफलता को देखते हुए ब्रांड का उद्देश्य इसे ₹1 लाख करोड़ के राजस्व तक पांच साल में पहुंचाना और भारत का सबसे बड़ा FMCG ब्रांड बनने का है।
एनर्जी सेक्टर में भी रिलायंस ने बड़ी योजनाओं का खुलासा किया। Anant Ambani ने बताया कि Jamnagar में Dhirubhai Ambani Giga Energy Complex निर्माणाधीन है, जो विश्व का सबसे बड़ा और एकीकृत ऊर्जा और न्यू एनर्जी का केंद्र होगा। कंपनी भारत में एक साइट पर सबसे बड़े सौर प्रोजेक्ट का निर्माण कर रही है, जो देश की बिजली जरूरत का लगभग 10% पूरा कर सकेगा। इसके अलावा, Reliance की नई ऊर्जा योजनाओं में ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और स्थायी एविएशन ईंधन शामिल हैं।
रिलायंस फाउंडेशन ने AGM में अपने सामाजिक प्रयासों का भी ब्यौरा दिया पेश किया है। Nita Ambani ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में फाउंडेशन ने 87 मिलियन लोगों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान की हैं। बताया गया है कि 2035 तक फाउंडेशन का लक्ष्य इसे पांच गुना बढ़ाना है, जिससे 400 मिलियन भारतीयों तक इसकी पहुंच हो सकती है।
मुकेश अंबानी ने AGM में यह भी कहा कि रिलायंस अपने गोल्डन डेकेड के अंत तक EBITDA को दोगुना कर देगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि रिलायंस के O2C (ऑर्डर टू कैश), नई और क्लीन एनर्जी तथा मटीरियल्स व्यवसाय भविष्य में उच्च विकास और स्थिर रिटर्न देंगे। AGM में जियो, रिलायंस रिटेल, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और नई ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से भारत में डिजिटल, AI और ऊर्जा क्रांति के नेतृत्व की दिशा स्पष्ट रूप से दिखाई गई है। इस AGM से यह स्पष्ट हो गया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज न केवल भारत में बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी टेक्नोलॉजी, रिटेल, एनर्जी और AI क्षेत्रों में लीडरशिप की अपनी क्षमता को और मजबूत कर रही है।










