
20 मई का दिन तकनीक जगत के लिए साल का सबसे बड़ी खबर लेकर आई। यह कोई लॉन्च नहीं था बल्कि अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वार में अब तक का सबसे बड़ा मोड़ आया। यूएस कॉमर्स डिपार्टमेंट ने चीनी कंपनी हुआवई को ‘Entity list’ लिस्ट में डाल दिया है। इस लिस्ट में डालने का मतलब है कि अमेरिकी कंपनियां टेक कंपनी हुआवई के साथ कोई भी बिजनेस नहीं कर सकती। इसके बाद से सबसे ज्यादा शोर हुआवई फोन यूजर के बीच सुनाई देने लगा। क्योंकि सरकार द्वारा इस घोषणा के बाद गूगल ने भी हुआवई का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इसके बाद से ही खबरें आने लगीं कि हुआवई फोन पर अब गूगल प्ले स्टोर, जीमेल, मैप यूट्यूब और क्रोेम ब्राउजर सहित दूसरी सेवाएं नहीं चलेंगी। ऐसे में हुआवई यूजर्स के बीच हलचल तेज हो गई कि अब क्या होगा। यहां बता दें कि सैमसंग के बाद हुआवई विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल फोन निर्माता कंपनी है और भारत में भी हुआवई फोन यूजर्स की अच्छी तादात है। परंतु इन्हीं हलचल के बीच आज हुआवई मोबाइल यूजर्स के लिए अच्छी खबर है। यूएस कॉमर्स डिपार्टमेंट ने अपने उस बैन को कुछ समय के लिए टाल दिया है जिसमें चीनी कंपनियों के साथ बिजनेस न करने का निर्णय दिया गया था।
रॉयटर्स के हवाले से आई खबर के अनुसार डिपार्टमेंट ने कहा है कि कंपनी मौजूदा लाइसेंस के साथ अपनी सेवाओं के लिए पहले की तरह काम कर सकेगी। डिपार्टमेंट ने यह भी कहा है कि हुआवई टेक्नॉलजीस कॉर्पोरेट लिमिटेड को अमेरिका में बने सामान खरीदने की अनुमति देगा, जिससे कंपनी मौजूदा हैंडसेट्स के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट्स और मौजूदा सेवाएं जारी रख सके। हालांकि यह लाइसेंस लंबी अवधि के लिए नहीं बल्कि सिर्फ 90 दिनों तक ही मान्य होगा। 19 अगस्त तक कंपनी सभी सेवाओं को जारी रख सकेगी। इसे भी पढ़ें: सैमसंग गैलेक्सी ए9 की कीमत में 8,000 रुपये की कटौती, सिर्फ 24,990 रुपये में उपलब्ध हुआ 8जीबी रैम वाला यह फोन

हालांकि लाइसेंस की अवधि बढ़ने के बाद अब तक न ही हुआवई और न ही गूगल की ओर से कोई टिप्पणी आई है। परंतु इतना जरूर कहा जा सकता है कि फौरान लाइसेंस न सस्पेंड होने से हुआवई, गूगल और मोबाइल यूजर तीनों को फायदा हुआ है। इन्हें अब काफी समय मिल जाएगा। अच्छी बात यह कही जा सकती है कि अब कम से कम 90 दिनों के लिए मौजूदा डिवाइसेज के लिए अपडेट और सिक्यॉरिटी रिलीज आते रहेंगे। इसे भी पढ़ें: पॉप-अप सेल्फी कैमरे के साथ भारत आ रहा Realme X, कीमत होगी लगभग 18 हजार रुपए
वहीं यह भी बता दूं कि कल बैन लगने के बाद भी गूगल की ओर से यह बयान दिया गया था कि यूएस सरकार के आदेश के बाद भी मौजूदा हुवावे फोन्स पर गूगल प्ले और गूगल प्ले प्रोटेक्ट की सिक्यॉरिटी मिलती रहेगी।
गौरतलब है कि हुआवई भारत सहित विश्व भर में मोबाइल फोन बिजनेस को दो ब्रांड के तहत पेश करती है। हुआवई के अलावा ऑनर ब्रांड भी कंपनी का ही है। आज यूके में ऑनर 20 सीरीज के फोन लॉन्च होने वाले हैं और ये फोन 11 जून को भारत में पेश किए जाएंगे। ऐसे में अब इन फोंस के लॉन्च को लेकर भी असमंजस की स्थिती बन गई है। रही बात हुआवई फोंस के तो जल्द ही कंपनी का फोल्डेबल फोन, मेट 30, वाई9 और नोवा सीरीज आने वाले थे लेकिन अब थोड़ी समस्या हो सकती है।

यहां यह बताना भी जरूरी है कि यूएस सरकार की तरफ से कंपनी को राहत सिर्फ सर्विस के लिए मिली है डिवाइस के लिए नहीं। उन फोंस को जिन्हें पहले लाइसेंस प्राप्त हो चुका है उन पर तो गूगल की सेवाएं मिलेंगी जैसे ऑनर 20 सीरीज। परंतु हुआवई के फोन में समस्या आ सकती है। इसलिए जो डिवाइस लॉन्च हो चुका है या जिन्हें लाइसेंस मिल चुका है उन पर अभी गूगल की सभी सेवाएं सुचारु रूप से चलेंगी। परंतु बाद में इन पर भी बैन हो सकता है।
रही बात भारत में असर की तो बता दूं कि हां यदि बैन आगे जारी रहता है तो भारतीय यूजर पर भी असर पड़ेगा। क्योंकि गूगल अमेरिकी कंपनी है और बैन लगने के बाद कंपनी हुआवई फोन पर अपनी सेवाएं नहीं दे सकती। हां एंडरॉयड एक ओपेन प्लेटफार्म है ऐसे में आॅपरेटिंग सिस्टम का उपयोग तो किया जा सकेगा लेकिन जीमेल, क्रोम, मैप्स, न्यूज, यूट्यूब, हैंगआउट और प्ले स्टोर सहित सभी सेवाएं बंद हो जाएंगी।


















