
इंटरनेट और टेक्नोलॉजी ने मिलकर लोगों के काम आसान कर दिए हैं। बैंकिंग सर्विस ऑनलाईन होने से बिल भुगतान और बुकिंग ही नहीं बल्कि शॉपिंग, मनी ट्रांसफर जैसी सुविधाएं भी घर बैठे-बैठे चंद स्टेप्स में ही मिल जाती है। लेकिन तकनीक के इस विकास का इस्तेमाल कुछ लोग गलत तरीके से भी कर रहे हैं और जानकारी के अभाव में भोले लोग फ्रॉड और स्कैम में भी फंस जाते हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी दिल्ली से सामने आया है जहां एक 25 साल के लड़के को मोबाइल ऐप से लोन लेना इतना महंगा पड़ा कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस रिपोर्ट में खुलकर उस ऐप का नाम तो सामने नहीं लाया गया है जिसपर से 25 वर्षीय हरीश ने लोन लिया था। लेकिन बता दें कि इस वक्त देश में दर्जनों ऐसी ऐप्स हैं जो यूजर्स को इंस्टेंट बिना मिले ही तथा बिना किसी कागजी कार्यवाही के तुरंत लोन देने का दावा करती हैं। हरीश ने भी एक ऐसी ही ऐप अपने फोन में इंस्टाल की थी और 6,000 रुपये का लोन लिया था। लेकिन यह छोटा सा अमाउंट ही उसकी मौत का कारण बन गया। जानकारी के अनुसार जिस ऐप से लोन लिया गया था, उसने हरीश को इतना डरा दिया था और टॉर्चर कर दिया था कि उसने ने खुदकुशी कर ली। यह भी पढ़ें : सावधान! COVID वैक्सीनेशन ऐप CoWIN पर न करें रजिस्ट्रेशन, जानें क्या है इसका कारण
30 गुना अधिक चुकाने के बाद भी बताया बकाया
सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार ऑनलाईन ऐप से लोन लेने वाले 25 साल के हरीश ने जितने पैसे का लोन लिया था उससे 30 गुना अधिक रकम चुका भी दी थी, लेकिन ऐप की ओर से अलग-अलग तरह के चार्ज बता कर लगातार पैसे वसूले जा रहे थे। सिर्फ इतना ही नहीं हरीश से उगाही करने के लिए इस लोन ऐप ने हरीश और उसके पिता के नाम पर एक व्हाट्सऐप ग्रुप भी बना दिया था, जिसका नाम ‘हरीश नंद किशोर फ्रॉड’ रखा गया था। इस ग्रुप में ऐप वाले ने कुछ रिश्तेदारों और दोस्तों तक को जोड़ लिया था।

एनबीटी की खबर के मुताबिक इस सिर्फ व्हाट्सऐप ग्रुप ही नहीं बल्कि हरीश के कॉन्टेक्ट में मौजूद लोगों के नंबर पर भी ऐप वालों की तरफ से ऐसे मैसेज भेजे गए जो हरीश की फ्रॉड बता रहे थे। वहीं दूसरी ओर लोन ऐप वालों ने हरीश के घरवालों और उसकी बहन को भी कॉल करके उन्हें जल्द से जल्द पैसे वापिस देने के लिए कहा गया। बेइज्जती का यह बोझ और लोन ऐप वालों की तरफ से दिखाया गया यह डर हरीश सह नहीं पाया और उसने अपने ही घर में आत्महत्या कर ली।
फ्रॉड से रहें सावधान
91मोबाइल्स अपने पाठकों हो हिदायत देना चाहता है कि सबसे पहले तो इस तरह की ऐप्स से दूरी बनाने की कोशिश करें और नामी फाइनेंशियल सहायता के लिए बैंक की ही मदद लें। वहीं अगर इस तरह की ऐप्स की जरूरत पड़ती भी है तो सभी तरह की टर्म व कंडिशन्स को अच्छे से पढ़ लें, लुभावनें ऑफर्स व वायदों ठीक से समझे और यह सुनिश्चित कर लें कि लोन देने वाली ऐप कहीं आपके साथ फ्रॉड तो नहीं कर रही है।


















