
Apple कंपनी पिछले साल से अपने iPhones के साथ बॉक्स में चार्जर यानी चार्जिंग अडेप्टर नहीं दे रही है। ऐसा कंपनी ने iPhone 12 सीरीज़ के साथ शुरू किया था जो iPhone 13 सीरीज़ के साथ ही दोहराया गया है। इंडिया में iPhone 11 के नई पैकेजिंग में भी एप्पल कंपनी Charger और EarPods दोनों ही नहीं दे रही है। लोग परेशान तो हैं लेकिन इस दुविधा में भी है कि किसे क्या कहे! लेकिन चीन में कुछ स्टूडेंट्स ने एप्पल की इस ज्यादती पर चुप्पी तोड़ी है और अमेरिकी फर्म Apple को कोर्ट में घसीट डाला है।
एप्पल पर आरोप
Chinese university से कुछ छात्रों के समूह ने Apple पर यह आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया है कि कंपनी ने उनके द्वारा खरीदे गए iPhone के साथ charger उपलब्ध नहीं कराया है। इस मामले को लेकर यह स्टूडेंट ग्रुप कोर्ट तक पहुॅंच चुका है और मुकदमे की सुनवाई भी शुरू हो चुकी है। एप्पल कंपनी ने जहां इसे पर्यावरण के हित में उठाया गया कदम कहा है वहीं चीनी स्टूडेंट्स का मानना है कि आईफोन बॉक्स में चार्जर न देने के पीछे कंपनी की मंशा MagSafe chargers को प्रोमेट करने की है। यह भी पढ़ें : इंडिया में मौजूद सभी 5G Smartphone हुए बेकार! मोबाइल यूजर्स को होगा भारी नुकसान, जानें क्यों
यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि एप्पल कंपनी ने पिछले साल iPhone 12 सीरीज़ को पेश करते हुए कहा था कि वह फोन के बॉक्स में अब से चार्जर मुहैया नहीं करवाएगी। एप्पल ने दलील दी थी कि आईफोन यूजर अपनेे पुराने आईफोन चार्जर का यूज़ नए मोबाइल्स के साथ भी कर सकते हैं। ऐसा करने से कीमती साम्रगी भी वेस्ट नहीं जाएगी तथा साथ ही कॉर्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। लेकिन Apple के इस विचार को चीनी छात्रों ने सिरे से नकार दिया है और कंपनी की पॉलिसी पर सवालिया निशान खड़े किए हैं।
बिजिंग और शंघाई के छात्रों का कहना है कि iPhone 12 box में आने वाली USB-C to Lightning cable बाजार में मौजूद अन्य चार्जर के साथ मेल नहीं खाती है। अन्य चार्जर में वह यूएसबी केबल न लगने की वजह से स्टूडेंट अपना फोन चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। इन छात्रों ने यह तक कह डाला है कि एप्पल को पर्यावरण से कोई सरोकार नहीं है तथा कंपनी सिर्फ अपने मैगसेफ चार्जर की बिक्री बढ़ाने के लिए आईफोंस के साथ चार्जर नहीं दे रही है। इन छात्रों ने एप्पल पर 100 युआन का जुर्माना लगाने और नया चार्जर उपलब्ध कराने की मांग की है।






















