
भारत सरकार ने कथित तौर पर फ्लिपकार्ट, अमेजन और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों को भविष्य में अपने प्लेटफार्म पर बेचे जाने वाले प्रोडक्ट पर उस देश का नाम लिखने को कहा है, जहां का प्रोडक्ट हैं। जल्द ही ई-कॉमर्स के लिए इस नई पॉलिसी की घोषणा की जा सकती है। इस पॉलिसी के बाद कंपनियों को अपने ग्राहक को प्रोडक्ट के बारे में बताना होगा कि उनका प्रोडक्ट्स ‘Made In India’ है या नहीं। इसके अलावा बिना सैलर की गारंटी वाला प्रोडक्ट ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर सेल नहीं किया जाएगा। हालांकि, अभी यह ऑफिशियल नहीं हुआ है।
बिजनेस टुडे को एक अधिकारी ने बताया कि हमें सुझाव मिले हैं और जैसा कि आप जानते हैं कि इस नीति को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। लेकिन, हमारी प्राथमिकता अनावश्यक आयात में कटौती करना और स्थानीय प्रोडक्ट को बढ़ावा देना है। हम स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। अधिकारी ने आगे कहा, “हम इस बारे में सभी ई-कॉमर्स संस्थाओं के साथ चर्चा करने की योजना बना रहे हैं कि इस संबंध में क्या किया जाना चाहिए।” वहीं, मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स इस बारे में कोई भी जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया है क्योंकि अभी इस नीति को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इसे भी पढ़ें: TikTok, Beauty Plus और दूसरे ऐप पर लगा प्रतिबंध?, जानें क्या है पूरा मामला
जानकारों का मानना है कि ई-कॉमर्स के लिए नई पॉलिसी के बाद आत्मनिर्भर भारत मिशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्राहकों के पास स्थानीय सामान खरीदने का ऑप्शन भी मिलेगा। गौरतलब है कि डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने पिछले साल नेशनल ई-कॉमर्स पॉलिसी को तैयार किया था। इसे भी पढ़ें: Google ने Play Store से हटाए 30 खतरनाक ऐप्स, आप भी तुरंत कर दें डिलीट
बिजनेस टुडे के अनुसार अनुसार, अमेजन और फ्लिपकार्ट पर बेचे जाने वाले प्रोडक्ट में से 70 प्रतिशत को चीन में बनाया जाता है। कुछ लोगों का मानना है कि भारत में बने उत्पाद की कीमत ज्यादा होती। वहीं, नई ई-कॉमर्स पॉलिसी के बाद स्वदेशी प्रोडक्ट्स की पहचान करना आसान हो जाएगा।




















