
भारतीय मोबाइल यूजर्स के लिए इसे बड़ी जीत ही कही जाएगी। पिछले कई सालों से मोबाइल यूजर्स यह मांग कर रहे थे मंथली प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज प्लान को 28 दिन का नहीं बल्कि 30 दिनों की होनी चाहिए। यूजर्स की इस मांग को देखते हुए TRAI यानी टेलीकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भारतीय मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों को यह निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों की मांग को ध्यान में रखते हुए कम से कम एक रिचार्ज प्लान 30 दिनों की दें। ट्राई द्वारा 2022 में टेलीकॉम ऑपरेटर्स को दिया जाने वाला यह पहला निर्देश है। अथॉरिटी ने स्पष्ट रूप से टेलीकॉम कंपनियों को यह कहा है कि कम से एक स्पेशल वाउचर और एक कॉम्बो वाउचर 30 दिनों का होना चाहिए जो हर महीना समान तारीख को ही रेनुअल यानी कि नवीकरणीय हो। ट्राई द्वारा यह निर्देश पिछले महीना कंस्लटेशन पेपर जारी करने के बाद आया है। कंज्यूमर के लिहाज से यह बहुत अच्छी कोशिश कही जाएगी।
COAI है नाखुश
हालांकि आपको बता दूं कि 28 दिन के प्लान के बजाए उसे 30 दिन का करने को लेकर टेलीकॉम ऑपरेटर्स के अलावा उनके हिमायती ग्रुप COAI यानी कि सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसियेशन ऑफ इंडिया इसका विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि 28 दिनों की रिचार्ज सर्विस पिछले कई सालों से चली आ रही है ऐसे में यूजर्स इस तरह के प्लान से पूरी तरह से वाकिफ हैं और उसे 30 दिनों की करने की कोई जरूरत नहीं है। वहीं दूसरी ओर कंज्यूमर पक्षधर ग्रुप इस पक्ष में कई सालों से आवाज उठाते रहे हैं कि रिचार्ज प्लान 30 दिनों की होनी चाहिये। इसे भी पढ़ें : 2GB डाटा 90 दिन वैलिडिटी, BSNL के इस प्लान का Jio Airtel के पास नहीं है तोड़
पहले 30 दिनों का ही था प्लान
आपको ज्ञात हो कि मोबाइल सर्विस के शुरुआती दिनों में मंथली मोबाइल रिचार्ज प्लान 30 दिनों की ही हुआ करता था। परंतु बाद में ऑपरेटर्स ने इसे 28 दिनों का कर दिया और जब इस बाबत जवाब मांगी गई तो सिर्फ यह कहकर कि 28 दिन एक महीने के करीब ही होता है इस मनमाने फैसले को मनवा लिया। वहीं पिछले कई साल से टेलीकॉम ऑपरेटर्स के प्रति यूजर्स रोष जाहिर कर रहे थे और अब ट्राई ने इस ओर बड़ा फैसला लिया है। इसे भी पढ़ें : जानें क्यों कंपनियां रिचार्ज पर देती हैं 28 दिनों की वैलिडिटी, सिर्फ 2 दिन बचाकर करती हैं अरबों की कमाई

इस बारे में यूजर्स पक्षधर ग्रुप का कहना है कि यदि टेलीकॉम ऑपरेर्टर्स निष्पक्ष रूप से सर्विस देते हैं तो मौजूदा कीमतों पर ही अपनी सभी प्रीपेड प्लान को 28 दिनों के बजाए 30 दिनेां का कर देना चाहिए। क्योंकि इस तरह के प्लान की वजह से यूजर्स को साल में 12 महीने में 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है।
हालांकि ट्राई का यह फैसला फिलहाल बहुत बड़ा नहीं कहा जाएगा लेकिन एक तरीके से कहा जा सकता है कि यह एक अच्छी शुरुआत है और यूजर्स को आगे अपने हक के लिए लड़ने के लिए प्रेरित करेगा। इसे भी पढ़ें : 5G-6G नहीं पहले 4G नेटवर्क सुधारो, हर यूजर्स की यही मांग
टैरिफ रेट बढ़ाने के बाद बढ़ी मांग
वैसे तो यूजर्स पहले से ही इस बाबत आवाज उठा रहे थे और 28 दिनों के प्लान को 30 दिनों का करने की मांग कर रहे थे। परंतु जब से ऑपरेटर्स ने टैरिफ रेट को बढ़ाया है तब से इस बात ने और बल पकड़ लिया है। यूजर्स सोशल मीडिया के जरूर और मुखर हो गए हैं और सभी प्रीपेड प्लान को 28 दिनों के बजाए 30 दिनों का करने की मांग कर रहे हैं।
यूजर्स को होगी काफी बचत
जैसा कि हमने पहले भी कहा था कि 28 दिन के प्लन को आप देखते हैं तो आपको महीने में सिर्फ 2 दिन ही कम लगेगा। परंतु इसे साल के तौर पर देखेंगे तो आपसे सिर्फ 2 दिन बचाकर पूरा एक महीना अतिरिक्त रिचार्ज कराया जाता है। साल में 365 दिन होते हैं जिन्हें 30 दिन और 31 दिन के महीनों में बांटा गया है। हालांकि सिर्फ एक महीना 28 दिनों का होता है।
परंतु मोबाइल ऑपरेटर्स 28 दिनों का महीना बनाकर यूजर्स के साथ बड़ा खेल खेलते हैं। 365 दिनों को यदि आप 28 दिनों से भाग करते हैं तो यह 13.04 महीनों का साल बन जाता है। अब आप समझ सकते हैं कि यह कितना बड़ा खेल होता है। छोटे—छोटे टुकड़ों में बड़ा मुनाफा बना लिया जाता है। हालांकि ट्राई के इस कोशिश से यूजर्स को जरूर फायदा होगा और साल में एक अतिरिक्त रिचार्ज से वे बच जाएंगे।
देखें वीडियो: Why do Telecom Companies provide 28 Days Validity Plan? | Business Model Explained
91मोबाइल भी रहा है इस ओर मुखर
आपको बता दूं कि यूजर्स की इन मांगों को लेकर 91मोबाइल्स भी काफी मुखर रहा है और समय—समय पर हमने बड़े पैमाने पर यूजर्स की इस मांग को अपनी स्टोरी और सोशल मीडिया के जरिये उठाया है। न सिर्फ 2020 में बल्कि इस साल भी हमने कई स्टोरी की है जिसमें टेलीकॉम ऑपरेटर्स की मनमानी और 28 दिनों के प्लान के विरोध में यूजर्स की आवाज को सोशल मीडिया के जरिए हर एक लोगों तक पहु्ंचाया है।























