
आज आप और हम अपने स्मार्टफोंस में गेम खेलते हैं। लेकिन क्या आपको वह समय याद है जब Video Game की दुकानों पर भीड़ लगती थी ? कुछ मिनटों के खेल के लिए ‘सिक्के’ खरीदे जाते थे। टेक्नोलॉजी ने फिर वीडियो गेम को कॉम्पेक्ट बनाकर घरों पर पहुंचा दिया और कैसेट्स के साथ ये गेम TV में खेले जाने लगे। अपने इन्हीं पुराने दिनों को याद करते हुए एक शख्स ने 90’s के दौर में हिट रहे Super Mario 64 Game की sealed copy को खरीदा है। और इस शौक को पूरा करने के लिए इस व्यक्ति ने $1.5 Million यानी 11 करोड़ रुपये से भी अधिक की रकम चुकाई है।
ऐसी दीवानगी, देखी कहीं नहीं
गेम के शौकिन तो बहुत देखें हैं लेकिन, ऐसी दीवानगी.. देखी कहीं नहीं मैंने! प्राप्त जानकारी अनुसार अमेरिकन मल्टी-नेशनल ऑक्शन हाउस, Heritage Auctions पर यह ऐतिहासिक डील हुई है। रविवार को इसी प्लेटफॉर्म पर वीडियो गेम Super Mario 64 की नीलामी हुई थी, जिसमें गेम की 25 साल पुरानी sealed copy बेची जा रही थी। इस नीलामी में गेम की कीमत 15,00,000 यूएस डॉलर तय हुई। यानी 25 साल पुराने गेम को 11 करोड़ रुपये से भी अधिक कीमत पर खरीदा गया।

दुनिया का सबसे महंगा बिकने वाला गेम
इस नीलामी के बाद Super Mario 64 दुनिया का सबसे महंगा बिकने वाला गेम बन गया है। इससे पहले The Legend of Zelda गेम $870,000 में बेचा जा चुका है। आपको जानकर हैरानी होगी कि विश्व के सबसे महंगे बिकने वाले टॉप 5 गेम्स में चार Super Mario Bros. के ही अलग-अलग वर्ज़न है। बता दें कि 11 करोड़ रुपये में बिकने वाले इन ‘मारियो’ गेम को Wata 9.8 A++ रेटिंग प्राप्त है। यह भी पढ़ें : Nokia ने ठोका OPPO पर केस, भारत समेत चार देशों में हुआ मुकदमा दर्ज, चीनी ब्रांड की बढ़ी मुसीबत
7 साल के बच्चे ने बना दिया 1.33 लाख का बिल
गेम की ही बात हो रही है तो कुछ दिनों पहले का ही एक रोचक किस्सा बताते चलें जिसमें लंदन में रहने वाले मुहम्मद नामक शख्स ने अपने 7 साल के बेटे अश्हाज़ को गेम खेलने के लिए खुद का iPhone दिया था। गेम को खेलने के दौरान अश्हाज़ आगे बढ़ने के लिए हर स्टेप्स पर क्लिक करता रहा और गेम का मज़ा लेता रहा। लेकिन इस 7 साल के बच्चे को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह गेम खेलने के दौरान 1800 डॉलर यानी तकरीबन 1,33,000 रुपये के कई टॉप-अप्स खरीद चुका था।

इन टॉप-अप्स की कीमत 2.70 डॉलर (200 रुपये) से लेकर 138 डॉलर (10 हजार रुपये) तक थी। बाद में Apple से शिकायत किए जाने के बाद बिल में से 287 डॉलर यानी तकरीबन 21 हजार रुपये का रिफंड तो मिल गया था लेकिन तकरीबन 1,33,000 रुपये के सामने यह बेहद मामूली रकम थी। बाकी बिल का भुगतान करने के लिए मुहम्मद को न चाहते हुए भी अपनी फैमिली कार Toyota Aygo को बेचना पड़ा और फिर वह पैसे चुकाए गए।





















