
भारत में 5G रोल आउट (5G India) के आने को लेकर काफी समय से इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है। दरअसल, खुद सरकारन ने साफ किया है कि 5G नेटवर्क अब डेवलपमेंट के अपने फाइनल स्टेज में है और जल्द ही इसे इंडिया में लोगों के लिए पेश कर दिया जाएगा। इस बात की जानकारी खुद केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री (IT Ministry) अश्विनी वैष्णव ने दी है। अश्विनी वैष्णव “इंडिया टेलीकॉम 2022” बिजनेस एक्सपो के दौरान कहा कि 5G ही नहीं 6जी स्टैंडर्ड (6G India) के विकास में देश की भागीदारी पर भी जोर दिया।
5G के साथ ही 6G की तैयारी
उन्होंने कहा कि इंडिया ने अपना स्वदेशी 4G कोर और रेडियो नेटवर्क भी बनाया है। वहीं, 5जी नेटवर्क भी विकास के फाइनल स्टेज में है। इसके अलावा देश आज 6G स्टैंडर्ड के डेवलपमेंट में और 6G की विचार प्रक्रिया में भाग ले रहा है। इससे साफ हो गया है कि 5G के अलावा इंडिया में 6G पर भी काम किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: 5G-6G नहीं पहले 4G नेटवर्क सुधारो, हर यूजर्स की यही मांग

2023 तक मिलेगी 5G सेवाएं
इससे पहले निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2022 के दौरान बताया था कि 2022-23 में 5G सेवाएं जल्द ही कमर्शियली रोलआउट की जाएंगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि 20-23 में देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों को 5G स्पेक्ट्रम आवंटित किए जाने के लिए नीलामी शुरू की जाएगी।

देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियों ने देश के कई हिस्सों में 5G ट्रायल भी शुरु कर दिए हैं। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम्यूनिकेशन (DoT) रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफ़ोन और एमटीएन की 5G ट्रायल रिक्वेस्ट को पहले ही अप्रूव कर चुका है। DoT जल्द ही 5G स्पेक्ट्रम की कीमतें जल्द ही तय कर सकता है। इसके बाद सरकार सभी प्राइवेट और सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए आमंत्रित करेगी। इसे भी पढ़ें: 5G से विमानों को नहीं कोई खतरा, Air India ने फिर से शुरू की उड़ानें
इतने लोग कर रहे 5G फोन का इस्तेमाल
भारत में 22 प्रतिशत स्मार्टफोन यूजर्स 5G-रेडी हेंडसेट इस्तेमाल कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इससे देश में 4G स्पेक्ट्रम की तुलना में 5G नेटवर्क के एडेप्टेशन में तेज़ी आ सकती है। Ericsson के Mobility Report की माने तो जल्द ही 5G यूजर्स की संख्या 1 अरब तक पहुंच जाएगी। 4G/LTE को इस बैंचमार्क तक पहुंचने में करीब दो साल लगे थे।
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5G spectrum खरीदने के लिए
बड़ी टेक कंपनियों के साथ ही देश की दूरसंचार कंपनियां भी स्पेक्ट्रम निलामी के लिए कमर कसे हुई है। आपको बता दें कि इस बार भारत में 5जी स्पेक्ट्रम की न्यूनतम कीमत भी पहले की तुलना में कई गुणा अधिक होने वाली है और इन्हें खरीदने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को ढेर सारा पैसा चुकाना पड़ेगा। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इन्हीं स्पेक्ट्रम को खरीदने के लिए Jio, Airtel और Vi ने टैरिफ प्लान्स के रेट बढ़ाए हैं।



















