आॅनलाईन शॉपिंग पड़ी महंगी, 50 हजार रुपये वाले लैपटॉप के बदले भेजा चोरी का लैपटॉप

Join Us icon

आॅनलाईन शॉपिंग के बढ़ते चलन ने यकिनन आम लोगों को काफी सुविधा दी है। अब घर बैठे-बैठे ही ​चंद मिनटों में आप अपना पसंदीदा समान आॅर्डर कर सकते हैं। लेकिन यही शॉपिंग एक व्यक्ति को उस वक्त मंहगी पड़ गई जब 50 हजार के लैपटॉप के नाम पर उसे चोरी का लैपटॉप डिलीवर कर दिया गया।

यह वाक्या एनसीआर में अहम हिस्से गुरुगॉंव (गुड़गॉंव) का है। प्राप्त जानकारी अनुसार एक शेयर ब्रोकर गौरव ने 24 मई को पेटीएप ऐप से डेल कंपनी का लैपटॉप आॅर्डर किया था। इस लैपटॉप की कीमत 48,999 रुपये थी, जिसका भुगतान गौरव ने आॅनलाईन ट्रांजेक्शन से ही कर दिया था। भुगतान के बाद 29 मई जब लैपटॉप घर आया तो दो दिन तक उसकी विंडो ​एक्टिव नहीं हुई जिसके बाद गौरव ने पेटीएप कस्टमर केयर में शिकायत की।

hacker-2

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार गौरव की शिकायत के बाद पेटीएम की ओर से उन्हें वारंटी के तहत डेल कंपनी से कॉन्टेक्ट करने को कहा गया। डेल कंपनी से संपर्क करने पर कंपनी की ओर से लैपटॉप की डिटेल्स मांगी गई। और जब डेल की ओर से डिटेल्स चैक की गई तो इस बात का खुलासा हुआ कि गौरव को नया नहीं बल्कि चोरी किया गया लैपटॉप मिला है और इसी वज​ह से वह काम नहीं कर रहा था।

खुशखबरी: शाओमी रेडमी नोट 4 को भी मिलेगा लेटेस्ट एंडरॉयड अपडेट, मिलेंगे कई नए फीचर्स

50 हजार के करीब पैसे लगाकर और चोरी का लैपटॉप पाने वाले गौरव ने जब इसकी शिकायत पेटीएम से की गई तो पेटीएम की ओर से उन्हें दूसरा लैपटॉप देने का आश्वासन तो दिया गया, लेकिन लैपटॉप नहीं बदला। स्वयं को ठगा महसूस किए हुए गौरव ने हार कर पुलिस का सहारा लिया और सारी कहानी बताई।

सैमसंग गैलेक्सी नोट 8 को टक्कर देने के लिए एलजी उतारेगी यह धाकड़ स्मार्टफोन

गौरव की ओर से पेटीएम के डायरेक्टर और मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला तो दर्ज करा दिया गया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक न तो गौरव का उसके पैसे वापस मिले थे और न ही बदले में नया लैपटॉप। बहरहाल आॅनलाईन धोखाधड़ी के ऐसे मामले एक तरफ जहां लोगों में ई-शॉपिंग के प्रति डर पैदा कर रहे हैं, वहीं डिजीटल इंडिया पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।