
दुनिया में इंटरनेट का यूज़ बेहद ही तेजी से बढ़ रहा है। इंटरनेट का यूज़ लोगों के लिए बेहद फायदेमंद तो साबित हो रहा है। लेकिन कहीं न कहीं इंटरनेट का जाल आम जनता की निजी पहचान को भी खतरे में डाल रहा है। पिछले साल फेसबुक पर लगे डाटा चोरी के आरोप से पूरे विश्व का चौंका दिया था। इसी तरह भारत में भी आधार कार्ड में मौजूद जनता की पहचान पर भी सवाल खड़े हो चुके हैं। वहीं अब साल 2019 के पहले ही महीने में 77 करोड़ से अधिक मेल आईडी हैक होने का सनसनीखेज़ मामला सामने आया है।
रियलमी 2 प्रो और रियलमी यू1 हुआ 1,000 रुपये सस्ता, रियलमी सी1 की कीमत भी हुई 500 रुपये कम
डिजीटल होते संसार में इंटरनेट डाटा की पहुॅंच लगभग हर व्यक्ति के पास है और यही पहुॅंच लोगों के लिए खतरनाक भी बन रही है। 2019 की शुरूआत में ही साल के सबसे बड़े डाटा लीक का मामला सामने आया है। इस चौंकाने वाली खबर का खुलासा प्रसिद्ध रिसर्चर ट्रॉय हंट ने किया है। ट्रॉय ने अपनी वेबसाइट पर इस बड़े डाटा लीक की जानकारी दी है। ट्रॉय नके आकंड़े के अनुसार 77 करोड़ 30 लाख से भी ज्यादा ईमेल आईडी को इंटरनेट पर चुराया गया है।

ट्रॉय ने इस डाटा लीक का पूरा ब्यौरा अपनी वेबसाइट ट्रॉयहंट डॉट कॉम पर लिखा है। रिसर्चर ने इन आंकड़ों की रिपोर्ट को हैशटैग 1 टाइटल के साथ पोस्ट किया है। इस कलेक्शन में 77 करोड़ से ज्यादा मेल आईडी के साथ ही चोरी हुए 2 करोड़ से भी ज्यादा पासवर्ड्स की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक चोरी हुई ये ईमेल आईडी और पासवर्ड किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरे विश्व में अलग-अलग जगहों पर बसे लोगों की है।
रिपोर्ट के अनुसार डाटा चोरी के इस मामले में कुल 2,692,818,238 ई-मेल आईडी और पासवर्ड शामिल है। इस कलेक्शन में कुल 12,000 फाइल्स शामिल की गई हैं जिनका साईज़ 87 जीबी डाटा का है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस रिसर्चर ने डाटा की इस चोरी का पता लगाया है, उसका खुद का पर्सनल डाटा भी इसी चोरी में पाया गया है। हंट ने बताया है कि चोरी में पाया गया उनका पर्सनल डेटा बिल्कुल सही था। वहां उनका पुराना पासवर्ड मौजूद था, जिसे वह साल पहले इस्तेमाल करते थे।






















Comments are closed.