
चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Xiaomi ने भारत में शुरुआत ऑनलाइन स्टोर के माध्यम से की थी और कंपनी कुछ ही समय में भारत में अपनी पहचान बनाने में सफल रही। परंतु कंपनी को नंबर वन का ताज तब मिला जब उसने ऑफलाइन स्टोर पर अपनी उपलब्धि दर्ज कराई। भारत में ऑफलाइन बाजार बहुत बड़ा है और यहां जो भी राज करता है वहीं राजा कहलाता है। परंतु ऑफलाइन स्टोर पर जिस तरह के हालात आज शाओमी के लिए बन रहे हैं उसे देखकर कहा जा सकता है कि राजपाठ जल्द ही जाने वाला है। जल्दी ही कंपनी से नंबर एक की कुर्सी खिसक सकती है। ऑफलाइन रिटेलर्स द्वारा शाओमी के खिलाफ मिल रही लगातार शिकायत के बाद हमने स्टोर्स पर जाकर और कई शहरों में शाओमी प्रीफर्ड पार्टनर्स को कॉल कर सर्वे किया और काफी हद तक इसे सही भी पाया। हमें यह जानकर बड़ी हैरानी हुई कि भले ही मी होम और मी स्टुडियो की संख्या बढ़ रही हो और वहां सेल भी ज्यादा हो रही होगी लेकिन शाओमी प्रीफर्ड पार्टनर ही हालत बहुत नाजुक है। दिल्ली के एक रिटेलर ने हमें जानकारी दी कि “शुरुआत में हम एक सप्ताह के अंदर Xiaomi फोन के लिए 5 लाख रुपये से ज्यादा की बिलिंग करते थे लेकिन दीवाली के बाद आज लगभग दो महीने से ज्यादा हो गए हैं और अब तक हम 5 लाख रुपये की बिलिंग भी नहीं कर पाए हैं।”
इस बारे में राजस्थान के रिटेलर्स का भी कुछ ऐसा ही कहना था। उन्होंने बताया कि “कंपनी की गलत नीतियों और Online व Offline में अंतर की वजह से सेल में भारी कमी आई है। शुरुआत में जितने का बिजनस हम शाओमी फोंस से करते थे आज उसका एक तिहाई भी नहीं रह गया है।” कंपनी की गलत नीतियों के खिलाफ रिटेलर्स में काफी रोष था। इसे लेकर हमनें कंपनी से भी बात की और उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। रिटेलर्स ने जो बातें बताई हैं और हमें कंपनी ने जो उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी उसका जिक्र आगे हमनें किया है। इसे भी पढ़ें: 8 जनवरी को बंद रहेगी पूरे देश की मोबाइल दुकानें, 30 हजार रिटेलर करेंगे ऑनलाईन सेल के खिलाफ प्रदर्शन
1. दोहरे दर्जे का व्यवहार

Xiaomi फोन को लेकर रिटेलर्स की सबसे बड़ी शिकायत है कि अब भी कंपनी ऑफलाइन रिटेलर्स को ऑनलाइन रिटेलर्स की अपेक्षा पीछे रखती है। फोन लॉन्च के दौरान हमेशा यह कहा जाता है कि जल्द ही डिवाईस ऑफलाइन स्टोर पर भी उपलब्ध होगा लेकिन ऐसा होता नहीं है। इस बारे में गाजियाबाद के एक रिटेलर ने हमें जानकारी दी कि “हमेशा कहा जाता है कि फोन जल्द ही आपको मिल जाएगा लेकिन आज तक ऐसा हुआ नहीं। रेडमी नोट 8 प्रो को लॉन्च हुए काफी समय हो गया लेकिन क्रिसमस के पहले तक हमें सिर्फ 3-4 डिवाइस ही मिले थे और सिर्फ ऑनलाइन स्टोर पर ही बिक रहा था। जब से ओपेन सेल में आया है तब से यह डिवाइस हमें मिलने लगा है। हां वे मॉडल जल्दी ऑफलाइन स्टोर पर मिल जाते हैं जिनका डिमांड ऑनलाइन में कम होता है जैसे मी ए3, रेडमी 8ए आदि।”
2. पुराना स्टॉक

ऑफलाइन रिटेलर्स में इस बात को लेकर भी रोष है कि उन्हें कंपनी पुराना स्टॉक देती है जबकि नया स्टॉक आज भी सिर्फ ऑनलाइन पर ही रहता है। जयपुर के एक रिटेलर का कहना था कि “आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आज भी हमे रेडमी वाई3, रेडमी 7 और रेडमी 7 प्रो जैसे डिवाइस को बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। नए फोन का स्टॉक बहुत मुश्किल से मिलता है।” इसे भी पढ़ें: Exclusive: 22,990 रुपये में लॉन्च होगा Samsung Galaxy A51 और Galaxy A71 की कीमत होगी 29,990 रुपये
इस बारे में शाओमी का कहना है कि ऐसा नहीं है कि हम पुराने स्टॉक ऑफलाइन में रखते हैं। बल्कि ऑनलाइन और ऑफलाइन एक समान हैं। आप देख सकते हैं कि मी स्टोर पर अब भी रेडमी वाई3, रेडमी नोट 7 और रेडमी नोट 7 प्रो जैसे डिवाइस उपलब्ध हैं।
3. नए फोन पर कंडिशन

ऑफलाइन रिटेलर्स की यह शिकायत तो थी कि उन्हें पुराना स्टॉक बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है और नया स्टॉक काफी देर से मिलता है। इसके अलावा उनका यह भी कहना था कि यदि नया स्टॉक देते हैं तो उस पर कई तरह के कंडिशन आधारित होते हैं। दिल्ली करोलबाग के एक रिटेलर का कहना था कि “हाल में हमें रेडमी नोट 8 प्रो सेल के लिए दिया गया है और एक नोट 8 प्रो के बदले में 5 रेडमी नोट 7 प्रो का टारगेट दिया गया है। आप खुद ही सोच सकते हैं कि लोग पुराना डिवाइस क्यों खरीदेंगे। ऑनलाइन स्टोर पर तो इस तरह का कोई कंडिशन नहीं है।”
4. नो रिटर्न पॉलिसी

ऑफलाइन रिटेलर्स में इस बात को लेकर भी शाओमी के प्रति काफी नाराजगी है कि कंपनी पुराना स्टॉक देती है लेकिन पुराने फोन स्टॉक को वापस नहीं लेती। इस बारे में राजस्थान के Xiaomi प्रीफर्ड पार्टनर ने हमें जानकारी दी कि “पुराने स्टॉक से हम लोग इस कदर परेशान हैं कि क्या कहें! बार—बार शिकायत के बाद भी इसका कोई उपाय कंपनी नहीं कर रही है। हम पर दबाव डालकर पुराना स्टॉक बेचने के लिए मजबूर किया जाता है। इतना ही नहीं जो फोन नहीं बिकते उन्हें कंपनी द्वारा वापस भी नहीं लिया जाता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आज भी कई रिटेलर्स के पास शाओमी मी मिक्स 2 मिल जाएगा।” इसे भी पढ़ें: Xiaomi Mi 10 की तस्वीर आई सामने, कुछ इस लुक के साथ लॉन्च होगा स्मार्टफोन
5. पुराने ऑफर्स

जब हम स्टोर पर गए तो हमें और भी कई खास जानकारी मिली। रिटेलर्स का कहना था कि कंपनी के ऑफर्स भी हमारे लिए परेशानी का शबब हैं। एक तो कंपनी रिटेलर्स के लिए कोई भी ऑफर सिर्फ 3 दिनों के लिए ही लाती है और हर तीन दिन में इसे रिपीट करती है। ऐसे में हम फोन को लेकर लंबा प्लान नहीं बना पाते और इनकी बिलिंग को समझने में ही ज्यादा समय गुजार देते हैं। वहीं दूसरी बात यह जानने को मिली कि ऑफलाइन के लिए शाओमी के पास कुछ नया प्लान भी नहीं है न ही ऑफर अपडेट कर रही है और न ही उसे लंबे समय तक दे रही है। फोन मॉडल पर जो ऑफर दिवाली से पहले शुरू हुए थे वह अब भी हर तीन दिन में रिपीट होते हैं।
6. कैश बैक

उपर बताई गई सभी परेशानियों से बड़ी है ऑनलाइन स्टोर पर कम कीमत और कैश बैक। Xiaomi प्रीफर्ड पार्टनर का कहना है कि ऑनलाइन के मुकाबले ऑफलाइन में फोन की कीमत 500 रुपये ज्यादा होती है। परंतु इससे भी ज्यादा भारी कैश बैक पड़ता है। अहमदाबाद के एक रिटेलर का कहना है कि “ऑनलाइन में कम कीमत में साथ अतिरिक्त कैश बैक दिया जाता है जो 10,000 रुपये के फोन पर लगभग 1,000 रुपये तक का है। ऐसे में आप देखेंगे तो 500 + 1,000 एक बड़ा अंतर पैदा कर देता है। भारत जहां 50 रुपये के अंतर पर भी लोग फोन दूसरे जगह से ले लेते हैं वैसे में प्राइस का इतना बड़ा अंतर होने पर कोई क्यों ऑफलाइन से फोन की खरीदारी करेगा।”
कैशबैक को लेकर कंपनी ने थोड़ी असमर्थता जरूर जताई है। उनका कहना है कि “ऑफलाइन में इंस्टैंट कैश बैक देना थोड़ा मुश्किल जरूर होता है। इसमें ऑपरेशन कॉस्ट थोड़ा महंगा है और कई चैनल बढ़ जाते हैं। बावजूद इसके हमनें ऑनलाइन यूजर की तरह ही ऑफलाइन में भी कैश बैक दी है। फेसटिवल सीजन में ऑफलाइन स्टोर पर भी एचडीएफसी बैंक से कैश बैक दी जा रही थी।”
7. मी होम और मी स्टुडियो

Xiaomi Mi Home होम और मी स्टुडियो को काफी तेजी से खुल रहे हैं। पहले जहां इक्के दुक्के देखने को मिलते थे वहीं मेट्रो शहरों में तो काफी आ चुके हैं। मी होम पर न सिर्फ प्राइस कम है बल्कि डिवाइस की उपलब्धता भी ज्यादा है। ऐसे में कंज्युमर मी होम और मी स्टुडियो से ही लेना पसंद करते हैं न कि प्रीफर्ड पार्टनर से। यह भी एक वजह है ऑफलाइन रिटेलर्स के नाराजगी की और रिटेलर्स मी फोन का डिमांड होने के बावजूद उसे बेचना नहीं चाह रहे हैं।
ऑफलाइन रिटेल स्टोर पर इन समस्याओं को देखकर कहा जा सकता है कि 2020 शाओमी के लिए अच्छी खबर लेकर नहीं आने वाला है। क्योंकि एक ओर जहां कंपनी को रियलमी और वीवो जैसे ब्रांड से कड़ी चुनौती मिल रही है। वहीं दूसरी ओर ऑफलाइन रिटेलर्स की नाराजगी उसे कहीं पीछे ले जा सकती है।
परंतु इस बारे में कंपनी का कहना है कि “हमारे लिए सभी चैनल पार्टनर काफी महत्वपूर्ण हैं ऑफलाइन काफी अच्छा कर रहा है। ऑफलाइन की बात करें तो इस साल दीवाली के दौरान हमारे सेल में 70 फीसदी का विकास देखा गया जबकि मासिक आधार पर यह विकास दर 50 फीसदी का है। हमारी कोशिश यही है कि हम कम इनवेंटरी के साथ डिमांड और सप्लाई को नियंत्रित करें। ऑफलाइन के लिए हमारे पास 6,000 से भी ज्यादा प्रीफर्ड पार्टनर हैं, 70 से ज्यादा मी होम, 20 से ज्यादा मी स्टुडियो और 2,500 से भी मी स्टोर। ऐसे में हमारी कोशिश यही है कि हर किसी को साथ लेकर चलें। प्रीफर्ड पार्टनर के साथ ही मी होम, मी स्टुडियो और मी स्टोर हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन सब के दम पर ही हम भारत के सबसे बड़े एक्सक्लूसिव चैनल बनाने में सफल रहे हैं।”
गौरतलब है कि हाल में ही हमने जानकारी दी कि Realme, Samsung, Vivo और Oppo ने ऑफलाइन रिटेलर्स को यह भरोसा दिया है कि 2020 में उनका कोई भी मॉडल ऑनलाइन एक्सक्लूसिव नहीं होगा। कोई भी फोन मॉडल समान प्राइस और ऑफर के साथ उसी दिन से ऑफलाइन पर भी उपलब्ध होगा। इसके लिए वीवो ने बकायदा ज्ञापन जारी किया है। हालांकि अब तक शाओमी की ओर से इस तरह की कोशिश नहीं देखने को नहीं मिली है।
* नोट: यहां हमने गोपनियता को बनाए रखने के लिए शाओमी प्रीफर्ड पार्टनर का नाम और पता उजागर नहीं किया है।





















