
भारत सरकार ने हाल ही में चीन को झटका देते हुए 59 चीनी मोबाइल ऐप को बैन कर दिया है। इस लिस्ट में मौजूद ऐप्स में कई ऐसे ऐप्स हैं, जिन्हें करोड़ों भारतीयों द्वारा डाउनलोड किया जा चुका था। इनमें टिक-टॉक, हेलो, कैम स्कैनर और लाइक जैसे लोकप्रिय ऐप शामिल हैं। इस लिस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स द्वारा PUBG और ZOOM ऐप को भी बैन करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर कुछ लोग यह सोच रहे हैं कि चीनी ऐप होने के बाद भी बजी और जूम एप पर प्रतिबंध क्यूं नहीं लगाया गया। आज हम आपको इस बात की जानकारी देंगे कि इसके पीछे का कारण क्या है।
गौरतलब है कि सरकार द्वारा बैन किए गए यह चीनी ऐप्स सिर्फ इंटरटेनमेंट कैटेगरी के नहीं हैं। इनमें चैट ऐप्स, टूल ऐप्स और कुछ गेम्स के ऐप भी शामिल हैं। हालांकि, इन ऐप्स को किस आधार पर बैन किया गया है यह जानकारी सामने नहीं आई है। आइए आगे आपको बताते हैं कि पबजी और जूम ऐप को चीनी ऐप बताकर इस ऐप पर बैन लगाने की मांग करने वाले लोगों को यह नहीं पता कि दोनों ही ऐप चीन के नहीं हैं। इसे भी पढ़ें: TikTok को अब नहीं कर सकेंगे फोन में डाउनलोड, इंडिया में हुआ बैन, गूगल और एप्पल ने भी अपने प्लेटफॉर्म से हटाया
चीनी ऐप नहीं है पबजी
आपको बता दें कि PUBG गेम और जूम ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे लोगों को बता दें कि यह दोनों ही ऐप असल में चीनी ऐप नहीं। अगर बात करें पबजी की तो बल्कि दक्षिण कोरियाई कंपनी द्वारा बनाया गया है। Battleground द्वारा बनाए गए इस इस गेम को 2000 में आई जापानी फिल्म बैटल रॉयल से प्रेरित होकर बनाया गया था। शुरुआत में चीन की सरकार ने तो इस गेम को मंजूरी ही नहीं दी थी। लेकिन बाद में इसे बाद में चीन के सबसे बड़े वीडियो गेम पब्लिशर टीसेंट द्वारा पेश किया गया था। इसके बदले उसे इस गेम में शेयर दिया गया था। इसे चीन में गेम ऑफ पीस के नाम से पेश किया गया था।

जूम भी नहीं चीनी ऐप
अगर बात करें Zoom App की तो यह एक अमेरिकी ऐर है और उसे लेकर केंद्र सरकार पहले ही एडवायजरी जारी कर चुकी है। इस कंपनी का हेडक्वार्डर सेन जॉस में है। हालांकि, चीन में इसका बड़ा वर्कफोर्स है जिसके बाद इस पर सवाल उठे थे और कई कंपनियों ने इसके उपयोग पर रोक लगाई थी। वहीं भारत सरकार ने इसे लेकर एडवायजरी भी जारी की थी। इसे भी पढ़ें: TikTok की जगह यूजर्स को पसंद आ रहा ‘मेड इन इंडिया’ Chingari ऐप, आनंद महिंद्रा ने भी किया डाउनलोड

प्रतिबंधित चीनी ऐप्स की सूची में, लोकप्रिय ऐप में टिकटॉक, कैमस्कैनर, शेयर इट, हेलो, लाइक, एक्सेंडर, यूसी ब्राउज़र, क्लैश ऑफ किंग्स, ईएस फाइल एक्सप्लोरर, डीयू क्लीनर, क्लीन मास्टर और मोबाइल लीजेंड शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि टेनसेंट के वीचैट को नए आदेश के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहां क्लिक कर आप इंडिया में बैन हुए 59 ऐप्स की जानकारी ले सकते हैं।


















