
देश की टेलीकॉम मार्केट तेजी से आगे बढ़ रही है और देश में मोबाइल यूजर्स की गिनती में लगातार ईजाफा हो रहा है। तरक्की के साथ ही दूरसंचार बाजार में कई तरह के बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में एक और नए बदलाव की खबर आई है जो मोबाइल यूजर्स के लिए बेहद अहम है। जानकारी सामने आ रही है कि अगले साल से भारत में मोबाइल नंबर की डिजिट बढ़कर 11 होने वाली है। यानि नए साल से आपका मोबाइल नंबर 10 अंको का नहीं बल्कि 11 अंको का हो जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के जरिये सामने आया है कि TRAI यानि टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भारत सरकार के समक्ष अपना प्रस्ताव पेश किया था जिसमें सेलुलस मोबाइल पर मौजूद डॉयलिंग पैटर्न को बदलने की बात कही गई थी। ट्राई के इस प्रस्ताव को वाजिब मानते हुए दूरसंचार विभाग / DoT अर्थात् डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम की तरफ से इस पैटर्न में बदलाव की मूंजरी दे दी गई है। यह नया नियम नए साल से यानि 1 जनवरी 2021 से पूरे देश में लागू हो जाएगा।

यह होगा बदलाव
सरकार की ओर से पास किए गए इस नियम में दरअसल यह कहा गया है कि अब से फिक्स्ड लाइन यानि किसी भी लैंडलाइन फोन से अगर मोबाइल फोन पर कॉल करनी होगी तो मोबाइल नंबर से पहले जीरो ‘0’ डॉयल करना अनिवार्य होगा। अभी तक लैंडलाईन के सीधे मोबाइल का नंबर डायल किया जा सकता था, लेकिन यह साल खत्म होते ही मोबाइल नंबर पर कॉल करने के लिए पहले जीरो डॉयल करना होगा और फिर उसके बाद बाकी मोबाइल नंबर डॉयल होगा। यह भी पढ़ें : चीन पर भारत की एक और बड़ी ‘डिजिटल’ स्ट्राइक, 43 ‘चीनी’ ऐप्स को किया बैन, यहां देखें फुल लिस्ट
11 अंको का मोबाइल नंबर
TRAI की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया था कि देश में मोबाइल नंबर 10 की जगह 11 अंको के होने चाहिए। ऐसा करने से भारत में मोबाइल नंबर की उपलब्धता बढ़ जाएगी। DoT ने इस प्रस्ताव पर हामी भर दी है। देश में तेजी से मोबाइल यूजर्स की गिनती बढ़ रही है और ऐसे में आने वाले समय में अधिक से अधिक नए और यूनिक मोबाइल नंबरों की जरूरत पड़ने वाली है। सरकार का मानना है कि मोबाइल नंबर सीरीज़ को अगर 10 से 11 अंको का कर दिया जाता है कि करोड़ों नए नंबर तैयार किए जा सकते हैं।

दूरसंचार विभाग ने इसे टेलिकॉम कंपनियों को यह नया नियम सही तरीके से स्थापित करने के लिए 1 जनवरी तक का वक्त दिया है। इस दौरान डॉयलिंग प्रक्रिया में बदलाव और 11 अंको के मोबाइल नंबर पर काम किया जाएगा। माना जा रहा है कि मोबाइल नंबर में सिर्फ एक डिजीट बढ़ा देने से तकरीबन 254.4 करोड़ नए नंबरों को निर्माण हो सकेगा।





















